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<title>DDT Hindi &#45; Dileep Dudi</title>
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<description>DDT Hindi &#45; Dileep Dudi</description>
<dc:language>hi</dc:language>
<dc:rights>© 2026 DDT Hindi &#45; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पा रहे जालोर कांग्रेस के &amp;quot;बेबी बॉस&amp;quot; वैभव गहलोत, कैसे पार कर पाएंगे 2029 में उम्मीदों की नैया !</title>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Wed, 03 Jun 2026 17:36:29 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>कांग्रेस के सांसद प्रत्याशी रहे वैभव गहलोत हारने के बाद संसदीय क्षेत्र जालोर को भूले</strong></li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>जालोर. </strong>वर्ष 2024 के लोकसभा चुनाव में जब कांग्रेस ने जालोर संसदीय क्षेत्र की सीट पर प्रत्याशी के रूप में वैभव गहलोत का नाम घोषित किया, तब एकबारगी कांग्रेस पार्टी में उत्साह का माहौल बन गया था।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/06/image_750x_6a2018b4dec06.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">दावे किए गए कि शिक्षित नौजवान और पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा होने के कारण जालोर की जनता को बड़ी सौगात मिलेगी और सुख दुख में सदैव साथ रहेंगे, लेकिन 4 जून 2024 को परिणाम आया तो हार मिली, उसके बावजूद वैभव गहलोत ने मीडिया के सामने कहा कि जीत की उम्मीद थी, लेकिन हारने से हम निराश नहीं होंगे, हमारी जिम्मेदारी और बढ़ गई है, जनता के बीच रहकर सदैव उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। अब उन बातों को पूरे दो वर्ष होने को आए है, लेकिन बड़े बड़े दावे करने वाले वैभव गहलोत वीआईपी कल्चर से बाहर नहीं आ पाए हैं, जालोर में जब जब जनता को जरूरत पड़ी तब वैभव मौजूद नहीं दिखे। इतना जरूर है कि पूर्व मुख्यमंत्री का बेटा होने के नाते उनके कुछ समर्थक उन्हें "बेबी बॉस" के रूप में कार्यक्रमों के पोस्टर्स पर जगह अवश्य दे देते हैं।</p>
<h4 style="text-align: justify;">वैभव शामिल होते तो कार्यकर्ता होते उत्साहित</h4>
<p style="text-align: justify;">राज्य सरकार ने सांचौर को जिला निरस्त कर दिया, इसको लेकर पूर्व विधायक सुखराम विश्नोई ने लम्बा धरना दिया, लेकिन इसमें वैभव गहलोत का खास सहयोग नहीं मिला। इसी प्रकार पंचायतों के पुनर्गठन को लेकर कई जगहों पर लोगों में नाराजगी, लेकिन वैभव गहलोत का सहयोग नहीं मिला।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/05/image_750x_6a15a4fa0cb93.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">गांवों में पीने का पानी पर्याप्त नहीं मिल रहा है, लेकिन वैभव गहलोत ने लोगों की सुध तक नहीं ली। हाल ही में भीनमाल में एक युवक पर जानलेवा हमला किया गया, मुख्य आरोपी अभी भी फरार है, लेकिन करीब दस दिन बाद भी वैभव गहलोत ने इस घटना की जानकारी नहीं ली। ऐसे कई घटनाक्रम है जहां वैभव गहलोत की उपस्थिति से विपक्ष को मजबूती मिलती, लेकिन उनकी गैरमौजूदगी रही।</p>
<h4 style="text-align: justify;">क्या मिला होगा राहुल गांधी को जवाब</h4>
<p style="text-align: justify;">हाल ही में संगठन सृजन अभियान के तहत कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने राजस्थान में जिलाध्यक्षों से मुलाकात की और क्षेत्र का फीडबैक लिया। इस दौरान राहुल गांधी ने जालोर कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमीला मेघवाल से भी जालोर संसदीय क्षेत्र से लगातार कांग्रेस हारने के कारण जानने की कोशिश की थी, वहां रमीला मेघवाल ने क्या जवाब दिया होगा वो वे ही जान सकती है, लेकिन इतना स्पष्ट है कि हालात यही रहे तो कांग्रेस के मुकाबले को लेकर संशय जारी रह सकता है।</p>
<h4 style="text-align: justify;">वीआईपी कल्चर से नहीं पा रहे बाहर</h4>
<p style="text-align: justify;">पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने 2024 में बेटे वैभव गहलोत को जिताने के लिए न जाने कितने समझौते किए, उसके बावजूद वो हार गए, लेकिन कांग्रेस के लिए अब तक सबसे ज्यादा वोट हासिल करने में कामयाब रहे। सांसद लुम्बाराम चौधरी को विभिन्न मामलों में वैभव के पास घेरने का मौका भी आया, लेकिन वे भुना नहीं पाए। जिस प्रकार अशोक गहलोत ने तत्कालीन मुख्यमंत्री काल के दौरान सचिन पायलट के लिए रगड़ाई शब्द का इस्तेमाल किया था, वैसी रगड़ाई से अभी तक वैभव बचे हुए हैं। अब देखना होगा कि वैभव गहलोत संसदीय क्षेत्र में सक्रिय होकर 2029 की तैयारी करेंगे या फिर नए चेहरे के लिए मैदान से किनारा करेंगे।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>न शिक्षा पर, न स्वास्थ्य पर और न ही पंसेरी के पर्यटन पर बात की, केवल सफलताओं की कहानियां सुनकर लौटे मुख्यमंत्री भजनलाल</title>
<link>https://www.ddthindi.com/cm-bhajanlal-sharma-panchayat-chaupal-punseri-jalore-discussion-and-local-demands</link>
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<pubDate>Thu, 14 May 2026 17:52:59 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
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<title>गणपतसिंह मांडोली प्रकरण : महिला कांस्टेबल भंवरी ने निभाई विशेष भूमिका, लच्छू से उगलवाया सच</title>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Wed, 18 Mar 2026 17:56:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><strong>दिलीप डूडी, जालोर. </strong>जालोर जिले के बहुचर्चित गणपतसिंह मांडोली प्रकरण में एएसपी से लेकर तकनिकी सहयोगी समेत 23 पुलिस अधिकारियों-सिपाहियों की टीम अनुसन्धान में जुटी हुई थी, लेकिन टीम की सदस्य महिला कांस्टेबल भंवरी की एक ट्रिक ने पुलिस का काम आसान कर दिया और प्रकरण का पर्दाफाश हो गया। भंवरी की इस उपलब्धि पर पुलिस अधीक्षक शैलेंद्रसिंह इंदौलिया ने भी खुशी जाहिर करते हुए पुलिस मुख्यालय को विशेष भूमिका के रूप में नाम भेजा है।</p>
<h4 style="text-align: justify;">पहले कई प्रयास हुए थे विफल</h4>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, गणपतसिंह परमार की संदिग्ध मौत के बाद पुलिस के अलग अलग जांच अधिकारियों ने डेढ़ सौ से अधिक लोगों से पूछताछ की, लेकिन अंत में जिन पर संदेह हुआ उसके ठोस प्रमाण नहीं मिल पा रहे थे। इस कारण पुलिस के लिए पर्दाफाश करना मुश्किल हो रहा था।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/02/image_750x_69a18d7f44b8e.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">इससे पहले इस प्रकरण में आरोपी महिला लच्छू पर शक हुआ तो पुलिस ने उससे कई बार पूछताछ के प्रयास किए, लेकिन लच्छू कई बार दांत जुड़ने की बीमार बताकर लेट जाती थी और इससे उसका ब्लड प्रेशर अस्थिर होने से पुलिस सच उगलवाने में विफल होती रही। महिला लच्छू की चालाकी के कारण सच बाहर नहीं आ पा रहा था।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/02/image_750x_6981ec1b02158.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">इधर, गणपतसिंह की 80 वर्षीय मां व पत्नी की ओर से जब 27 फरवरी से भूख हड़ताल शुरू की गई तो महिला कांस्टेबल भंवरी (352) को संदिग्ध महिला लच्छू पर निगरानी का दायित्व दिया गया। भंवरी ने उस पर 15 दिन से निगाह रखी, मौका पाते ही बड़े शालीन तरीके से ऐसी बातें की कि लच्छू ने सच उगल दिया। जैसे ही लच्छू ने जो बातें बताई उससे इस प्रकरण की कड़ियाँ जुड़ गई और पुलिस ने लच्छू के साथ साथ गजेंद्रसिंह राजपूत व वागाराम भील को गिरफ्तार कर लिया। जालोर एसपी ने महिला कांस्टेबल भंवरी के कार्यों की प्रशंसा की और इस प्रकरण के पर्दाफाश के रूप में भंवरी का नाम विशेष भूमिका के रूप में मुख्यालय भेजा है। ऐसे प्रकरणों के खुलासे में मुख्य भूमिका निभाने वाले सिपाहियों को अक्सर गैलेंट्री अवार्ड देने का प्रयास रहता है।</p>
<h4 style="text-align: justify;">मुख्य आरोपी के पिता से भी हो सकती है पूछताछ</h4>
<p style="text-align: justify;">इस मामले में फिलहाल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर रिमांड पर लिया है, लेकिन पुलिस के गहन अनुसन्धान के मुताबिक मुख्य आरोपी गजेन्द्रसिंह के पिता सुरेंद्रसिंह से भी पूछताछ की जा सकती है। बताया जा रहा है कि सुरेंद्रसिंह शुरुआत में इस प्रकरण का पर्दाफाश करने की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देने के दौरान साथ थे।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/03/image_750x_69ba99fed19e1.jpg" alt="" /></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>पांचवे प्रयास में डिम्पल चौहान बनी आईएएस, 131 रैंक पर हुआ चयन</title>
<link>https://www.ddthindi.com/jalore-dimple-chauhan-selected-ias-rank-131-upsc-result</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Fri, 06 Mar 2026 17:05:32 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>दिलीप डूडी, जालोर</strong>. संघ लोक सेवा आयोग की ओर से शुक्रवार को जारी हुए सिविल सेवा परीक्षा परिणाम में डिम्पल चौहान का 131 वीं रैंक पर चयन हुआ है। डिम्पल के पिता डॉ रमेश चौहान जालोर में चिकित्सा विभाग से सेवानिवृत्त हुए हैं।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/02/image_750x_69a18d7f44b8e.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p>मूल रूप से बीकानेर के रहने वाले चौहान अपनी सरकारी सेवा के बाद से ही 1990 से जालोर में रह रहे हैं। जालोर में उप मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। चौहान ने बताया कि उनकी बेटी डिम्पल की पढ़ाई 8 वीं तक जालोर में ही हुई। उसके बाद दसवीं उदयपुर व 12 वीं कोटा से की। शुरू से ही होनहार डिम्पल ने गुहावाटी से आईआईटी पास की। उसके बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा में जाने की इच्छा के चलते वे तैयारी करती रही।डिम्पल के पिता डॉ चौहान ने बताया घर में पढ़ाई का माहौल देख डिम्पल ने आईएएस बनने की ठानी, लेकिन वह प्रॉपर आईएएस नहीं बन पाई।</p>
<h4>दिल्ली में है असिस्टेंट कमिश्नर</h4>
<p>डॉ चौहान ने डीडीटी न्यूज को बताया कि सरकारी सेवा के चलते वे पैंतीस साल से जालोर में ही रह रहे हैं। बेटी ने आईएएस बनने की ठानी, इसलिए उसने तैयारी शुरू की, लेकिन अच्छी रैंक नहीं मिल पा रही थी। पिछली बार करीब 800 वीं रैंक के चलते वो अभी दिल्ली में केंद्रीय ट्रेड एन्ड टैक्स निधि में सहायक आयुक्त पद पर कार्यरत है।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/02/image_750x_6981ec1b02158.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p>इस बार डिम्पल का पांचवा प्रयास था, इस बार 131 वीं रैंक के साथ डिम्पल प्रॉपर आईएएस में चयनित होने में सफल हुई है। डॉ चौहान ने कहा कि बेटियां प्रशासनिक सेवा की मुख्य धारा में आएंगी, उतनी ही समाज में मजबूती मिलेगी।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>आहोर विधायक ने विधानसभा में बागरा में राजकीय कॉलेज की मांग रखी, लेकिन आवश्यकता सियाणा व सांथू को अधिक !</title>
<link>https://www.ddthindi.com/ahore-mla-demands-college-in-bagra-debate-over-need-for-siyana-and-santhu</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Fri, 13 Feb 2026 17:59:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<p style="text-align: justify;"><strong>दिलीप डूडी, जालोर.</strong> विकास कार्य जरूरत और परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया जाय तो यह भविष्य के लिए भी मजबूती प्रदान करता है, लेकिन कई बार जनप्रतिनिधि वोट बैंक के समीकरण में इन बिंदुओं को नजरअंदाज कर देते हैं, जिसका खामियाजा उस क्षेत्र की जनता को लंबे समय तक भुगतना पड़ता है। एक ऐसे ही विषय पर आज यहां पाठकों का ध्यानाकर्षण करवाना चाह रहे हैं।&nbsp;</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2026/02/image_750x_6981ec1b02158.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">दरअसल, शुक्रवार को आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने सोहलवीं विधानसभा के पाँचवें सत्र की कार्यवाही के दौरान शून्यकाल में पर्ची के माध्यम से विधानसभा क्षेत्र के बागरा एवं भंवरानी में नवीन महाविद्यालय की स्थापना के विषय पर अपनी बात रखी। इस दौरान विधायक राजपुरोहित ने प्रदेश सरकार से आग्रह किया कि विद्यार्थियों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए बागरा व भँवरानी शीघ्र नवीन महाविद्यालय स्वीकृत किया जाए। ताकि उच्च शिक्षा की सुविधा क्षेत्र में उपलब्ध होने से हमारे युवाओं को दूर नहीं जाना पड़ेगा और बेटियों की शिक्षा को भी नई दिशा मिलेगी। क्षेत्र के समग्र विकास एवं शैक्षणिक सशक्तिकरण हेतु यह मांग अत्यंत आवश्यक है। इस मांग के जरिए न केवल उच्च शिक्षा की सुविधा होगी, बल्कि विधायक ने विधानसभा क्षेत्र के दोनों सिरों को खुश करने का प्रयास किया है।&nbsp;</p>
<h4 style="text-align: justify;">भाद्राजून से बेहतर भवरानी का चयन</h4>
<p style="text-align: justify;">आपको बता दें कि आहोर विधानसभा क्षेत्र में केवल आहोर मुख्यालय पर ही राजकीय कॉलेज है। वहीं करीब 40 किलोमीटर दूर भाद्राजून में भी कॉलेज नहीं है, लेकिन विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने केंद्र बिंदु मानते हुए भवरानी का चयन किया, हालांकि इसे भी अन्य लोग राजनीतिक निर्णय बता रहे है, लेकिन जगह व परिस्थितियों को देखते हुए यह स्थान उचित कहा जा सकता है। क्योंकि भवरानी केंद्र बिंदु है, इसके आसपास रायथल, नोसरा, ओड़वाड़ा, भोरडा जैसे गांव लगते है, ऐसे में यहां के बेटे बेटियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।</p>
<h4 style="text-align: justify;">बागरा के बजाय सियाणा-सांथू को अधिक जरूरत</h4>
<p style="text-align: justify;">इस मांग में भवरानी के साथ विधायक ने बागरा में भी राजकीय कॉलेज की मांग रखी है, लेकिन इस स्थान को लेकर कुछ सवाल खड़े हो रहे हैं। दरअसल विधायक स्वयं ने सुझाव में दूरी का हवाला दिया है, इस लिहाज से बागरा के बजाय सियाणा या सांथू में कॉलेज की आवश्यकता अधिक है। क्योंकि बागरा तो जिला मुख्यालय से केवल 18 किलोमीटर दूर है, यहां की जनंसख्या भी वर्ष 2011 के मुताबिक 12 हजार है। इस गांव का जिला मुख्यालय से सीधा जुड़ाव भी है, वहीं सियाणा जिला मुख्यालय से 34 किलोमीटर दूर है और वहां के सीमांत गांवों का जुड़ाव न तो जिला मुख्यालय से है और न ही आहोर उपखण्ड मुख्यालय से, सियाणा से संसाधन भी उपलब्ध नहीं होते है।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/10/image_750x_68fa3b6d10f32.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">सियाणा की जनसंख्या भी वर्ष 2011 के मुताबिक करीब 11 हजार से अधिक है। इस लिहाज से दूरस्थ गांवों के बेटे-बेटियों के लिए सियाणा में उच्च शिक्षा के लिए कॉलेज हो तो बेहतर रहती है। ऐसी ही स्थिति जालोर विधानसभा क्षेत्र के सांथू की है, करीब 9 हजार की जनसंख्या वाले इस गांव का भी संसाधनों के लिहाज से सीधा जुड़ाव जिला मुख्यालय से नहीं है। सांथू के नजदीक भी कई बड़े बड़े गांव है, ऐसे में यहां राजकीय कॉलेज हो तो विद्यार्थियों को सुविधा रहेगी।</p>
<h4 style="text-align: justify;">...तो फिर रह जाएंगे वंचित!</h4>
<p style="text-align: justify;">विधायक की मांग पर वर्तमान में बागरा में राजकीय कॉलेज स्वीकृत हो जाती है तो परिस्थितियों को देखते हुए भविष्य में वर्षों तक सियाणा व सांथू जैसे कस्बों में नियमानुसार राजकीय कॉलेज नहीं खुल पाएंगे। जिसका खामियाजा लंबे समय तक यहां के बेटे बेटियों को भुगतना पड़ेगा।</p>
<h4 style="text-align: justify;">इनका कहना है...</h4>
<p style="text-align: justify;">बागरा से अच्छा सियाणा में कॉलेज खुलती तो सियाणा, चांदना, काणदर, रायपुरिया, सिवना , देवाड़ा, भेटाला, मायलावास समेत कई गांवों के छात्रों के लिए वरदान साबित होगा, बागरा के लिए तो जिला मुख्यालय नजदीक ही है।</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>कन्हैयालाल प्रजापत</strong>, ग्रामीण पत्रकार, सियाणा</li>
</ul>
<p style="text-align: justify;">कॉलेज के अभाव में बालक बालिकाओं द्वारा आगे की पढ़ाई छोड़ दी जाती थी। सियाणा से सिरोही 45 किमी व जालौर 35 किमी दूर होने से गरीब परिवार के लोग वहां पहुंचने में असमर्थ होने से अगर सियाणा को केन्द्र बिंदु मानकर कॉलेज स्वीकृत करवाई जाय तो कई गांवों के विद्यार्थियों को फायदा होगा।</p>
<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong>कांतिलाल राजपुरोहित</strong>, ग्रामीण पत्रकार, भेटाला</li>
</ul>
<div dir="auto">
<div dir="auto">आहोर विधायक ने मांग रखी है, जायज होगी, लेकिन हमारे जालोर विधायक कब ध्यान देंगे। जालोर विधायक चाहते तो बागरा के स्थान पर सांथू में कॉलेज शुरू हो सकती है। इससे आसपास के कई गांवों के विद्यार्थियों को फायदा भी मिलेगा।</div>
<ul style="list-style-type: square;">
<li><strong>मांगीलाल देवासी</strong>, प्रशासक, सांथू</li>
</ul>
</div>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जालोर कांग्रेस जिलाध्यक्ष पद के लिए खींचतान जारी, एक&#45;दूसरे की कटिंग में जुटे नेता, क्या लक्ष्मी के नाम पर हो सकेगी सहमति!</title>
<link>https://www.ddthindi.com/jalore-congress-district-president-race-intense-political-tug-of-war-laxmi-meena-front-runner</link>
<guid>https://www.ddthindi.com/jalore-congress-district-president-race-intense-political-tug-of-war-laxmi-meena-front-runner</guid>
<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Fri, 17 Oct 2025 14:28:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li style="text-align: justify;"><strong><span style="color: #e03e2d;">तीस से अधिक लोगों ने किए हैं जिला अध्यक्ष बनने के आवेदन</span></strong></li>
<li style="text-align: justify;"><strong><span style="color: #e03e2d;">अब एआईसीसी पर्यवेक्षक परेश धनानी ने सांसद प्रत्याशी व विधायक/प्रत्याशी से छह-छह नाम की मांगी सूची</span></strong></li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिलीप डूडी, जालोर.</strong> जालोर में कांग्रेस का जिलाध्यक्ष बनाने को लेकर खींचतान जारी है। 12 अक्टूबर को शुरुआत में जो माहौल था, वो अब बदल चुका है। जिले के कांग्रेस नेता एक दूसरे की कटिंग के चक्कर में जुटे हुए हैं। जानकारी में सामने आया है कि पर्यवेक्षक की ओर से जिला स्तर व ब्लॉक स्तर पर रायशुमारी के बाद 30 से अधिक लोगों के आवेदन जिलाध्यक्ष पद के लिए जमा हो चुके है, लेकिन अब तक एक नाम पर सहमति नहीं बन पाई है। चूंकि 18 अक्टूबर के बाद एआईसीसी पर्यवेक्षक परेश धनानी को छह नाम का पैनल उच्च स्तर पर भेजना है, इसलिए अब पर्यवेक्षक धनानी की ओर से जिले की पांचों विधानसभा क्षेत्र के कांग्रेस विधायक-विधायक प्रत्याशी व सांसद प्रत्याशी से छह-छह नामों की सूची मांगी है। इस सूची में जिसका नाम भारी रहेगा उसे मौका मिलने की अधिक संभावना बनेगी।</p>
<h4 style="text-align: justify;">नियमों में मिलेगी शिथिलता</h4>
<p style="text-align: justify;">हालांकि कांग्रेस नेता लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने जिलाध्यक्ष पद के लिए जो गाइडलाइन बनाई है, इस खींचतान से उस पर खरा उतरना मुश्किल लग रहा है। इस कारण अब अंत में कांग्रेस इन नियमों में शिथिलता भी बरत सकती है।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68d68e2150368.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">नियमों की शिथिलता के कारण ही कई चौंकाने वाले नेताओं के नाम सामने आ रहे हैं। जालोर में लंबे समय से हर चुनाव में हार का मुंह देख रही कांग्रेस के नेता यहां अपने-अपने चहेते को जिलाध्यक्ष बनाने की जुगत में है, ताकि चुनाव के समय काम आ सके।</p>
<h4 style="text-align: justify;">रतन देवासी व सुखराम विश्नोई की अदावत से बिगड़े समीकरण</h4>
<p style="text-align: justify;">बताया जा रहा है कि शुरुआत में वर्तमान जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, सवाराम पटेल, रमीला मेघवाल, योगेंद्रसिंह कुम्पावत, शैतानसिंह धनानी, गोदाराम देवासी के नाम चर्चा में थे, लेकिन जिले के बड़े नेता इन नामों एक सहमत नहीं हो पाए।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68d538fc2ba79.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">बड़े नेताओं ने कुछ अपने चहेते कार्यकर्ताओं के नाम आगे किए, ज़िस कारण समीकरण बिगड़ने लगे। जानकारी में सामने आया कि पुखराज पाराशर समूह की ओर से भरत सराधना के नाम को आगे किया, इस पर सुखराम विश्नोई ने मौन सहमति दे दी थी, लेकिन रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी ने भविष्य को देखते हुए इसका विरोध जताया और रतन देवासी ने अपने समर्थकों से खुद का नाम आगे बढ़वाया और स्वयं ने सांचौर क्षेत्र के जयंतीलाल विश्नोई और जेके विश्नोई के नाम को प्रस्तावित किया, लेकिन जयंती विश्नोई व जेके विश्नोई के नाम पर सुखराम विश्नोई ने असहमति जताते हुए खुद का नाम आगे कर दिया कि अगर नियमों में शिथिलता दी जाए तो वे स्वयं अध्यक्ष बनने को तैयार है, बाकी नेताओं ने सुखराम के नाम पर सहमति जताई लेकिन रतन देवासी ने आपत्ति कर दी।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68d538f8aa6dd.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">इधर, सुखराम विश्नोई का नाम आते ही ओबीसी को देखते ही सवाराम पटेल को दौड़ से बाहर कर दिया। चूंकि सवाराम पटेल के नाम पर बाकि नेता लगभग सहमत थे, लेकिन सांसद प्रत्याशी वैभव गहलोत सहमत नहीं थे, इसलिए पटेल के नाम पर एक राय नहीं बन पाई थी।</p>
<h4 style="text-align: justify;">रमीला के नाम पर असहमत रतन देवासी</h4>
<p style="text-align: justify;">इधर, वर्तमान जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल को रिपीट करने की बात भी चली, लेकिन कुछ नेताओं ने असहमति जताई तो एससी प्लस महिला वर्ग को साधते हुए रमीला मेघवाल का नाम एक पक्ष ने आगे किया, लेकिन रमीला मेघवाल के नाम पर रतन देवासी ने आपत्ति जता दी।</p>
<h4 style="text-align: justify;">क्या लक्ष्मी मीणा के नाम पर हो सकेगी सहमति</h4>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/10/image_750x_68f2054387669.jpg" alt="" /></p>
<h4 style="text-align: center;">लक्ष्मी मीणा</h4>
<p style="text-align: justify;">अब बताया जा रहा है कि महिला वर्ग में रमीला मेघवाल के नाम पर आपत्ति जताने पर एक समूह ने जिला परिषद सदस्य व जिला प्रमुख प्रत्याशी रही लक्ष्मी मीणा का नाम को प्रस्तावित किया है, हालांकि अभी तक इनके नाम पर कोई आपत्ति नहीं आई है।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68d538f5b927d.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">फिर भी अब पर्यवेक्षक परेश धनानी ने कांग्रेस प्रत्याशी सुखराम विश्नोई, सरोज चौधरी, रमीला मेघवाल, विधायक रतन देवासी, समरजीत सिंह व सांसद प्रत्याशी से छह-छह नाम की सूची मांगी है। इसमें जो नाम सभी की सूची में उच्च क्रम पर रहेगा, उसे सम्भवतया मौका मिल सकता है।</p>
<h4 style="text-align: justify;">अब ये नाम प्रबल दौड़ में शामिल</h4>
<p style="text-align: justify;">इस खींचतान में अब लक्ष्मी मीणा, योगेंद्रसिंह कुम्पावत, सुखराम विश्नोई, भरत सराधना, रमीला मेघवाल के नाम प्रबलता के रूप में दौड़ में है। सूत्रों के मुताबिक अंत में किसी एक नाम पर सहमति नहीं बनती दिखी तो भीनमाल विधायक डॉ समरजीत सिंह के नाम पर दांव खेला जा सकता है।</p>
<h4 style="text-align: justify;">पद पाने को कई आतुर, लेकिन कांग्रेस के लिए संघर्ष को तैयार नहीं</h4>
<p style="text-align: justify;">हमेशा देखा जाता है कि चुनाव के वक्त टिकट के लिए हो या अन्य पद की दावेदारी हो, इस दौरान कई ऐसे नाम भी सामने आते है जो कभी कांग्रेस की बैठकों में नहीं देखे जाते और न ही कभी संघर्ष करते दिखते, केवल मौसमी मेढक बनकर पद पाने की दौड़ में शामिल जरूर हो जाते है। बड़े नेताओं को भी समझना चाहिए कि सत्ता से लड़ने के लिए कौन कांग्रेसी सड़कों पर संघर्ष करते है, कौन कार्यकर्ता कांग्रेस की नीतियों को जन जन तक पहुंचाते है, कौन कार्यकर्ता आमजन के संकट या समस्या को अधिकारियों से सुलझवाते है, ऐसे कार्यकर्ताओं को मौका क्यों नहीं दिया जाता।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68d538f2ecc2e.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">पर्यवेक्षक को तो स्पष्ट रूप से पिछले दो साल की कांग्रेस के बैठकें, धरने प्रदर्शन व आयोजन की सूची मांगकर देखनी चाहिए , उसमें किस कार्यकर्ता की भूमिका कितनी रही कैसी रही, अपने आप समझ आ जायेगा कि कौन व्यक्ति जिलाध्यक्ष के लिए उपयुक्त हो सकता है। अन्यथा इस प्रकार की खींचतान से जिलाध्यक्ष जरूर बन जाएगा, लेकिन जनता में विश्वास नहीं बना पाएगा।</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>कौन बनेगा जालोर कांग्रेस का नया जिलाध्यक्ष, किसके नाम पर सभी गुट हो सकेंगे एकजुट</title>
<link>https://www.ddthindi.com/jalore-congress-new-district-president-candidates-and-unity-challenges</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Tue, 30 Sep 2025 17:08:56 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<ul style="list-style-type: square;">
<li style="text-align: justify;"><span style="background-color: #fbeeb8;"><strong><span style="color: #e03e2d;">पार्टी का 4 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक चलेगा संगठन सृजन अभियान, पार्टी के पर्यवेक्षक परेश धनानी लेंगे बैठक</span></strong></span></li>
<li style="text-align: justify;"><span style="background-color: #fbeeb8;"><strong><span style="color: #e03e2d;">नवम्बर में घोषित होगा नया जिलाध्यक्ष</span></strong></span></li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिलीप डूडी, जालोर.</strong> कांग्रेस पार्टी की ओर से संगठन सृजन अभियान शुरू किया जा रहा है। इसके तहत संगठन में बदलाव कर नए पदाधिकारी बनाए जाएंगे। जालोर में भी नया जिलाध्यक्ष बनाया जाएगा। इस संगठन सृजन अभियान के कुछ नियम भी बनाए हुए है, जिसमें स्पष्ट किया गया है कि जो भी जिलाध्यक्ष बनेगा, वो विधानसभा चुनाव नहीं लड़ेगा, लेकिन अपने जिले की विधानसभा क्षेत्रों में कौन मजबूत उम्मीदवार है, टिकट दिलाने के लिए उसकी पैरवी जिलाध्यक्ष करेगा, क्योंकि सीडब्ल्यूसी की बैठकों में जिलाध्यक्ष को भी बिठाया जाएगा।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68d68e2150368.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">राहुल गांधी की मंशा है कि जिलाध्यक्ष आगामी चुनाव तक जिले में जमकर काम करे और मजबूत उम्मीदवार के चयन में भूमिका निभाए। संगठन की मजबूती के लिए ये निर्णय लिए गए है। ऐसे में अब संगठन सृजन अभियान के तहत जो भी जिलाध्यक्ष बनेगा, उसका पोर्टफोलियो कई रास्तों से गुजरेगा। लिहाजा इसकी तैयारियां शुरू होने जा रही है। इस अभियान के लिए पार्टी ने गुजरात के पूर्व नेता प्रतिपक्ष परेश धनानी को जालोर-सिरोही जिले का ऑब्जर्वर बनाया है। इनको 4 अक्टूबर से 20 अक्टूबर तक की अवधि में जिले में बैठक कर 6 नामों का पैनल तैयार कर प्रदेश स्तर पर भेजना है, जो छंटनी के बाद राष्ट्रीय स्तर पर जाएगा। फिर नवम्बर में नए जिलाध्यक्ष के नाम की घोषणा होगी। नए जिलाध्यक्ष पर जिले में संगठन को मजबूत करने, मजबूत जानकार सक्रिय लोगों को पार्टी से जोड़ने, अलग अलग बने हुए गुटों को एकजुट करने और चुनाव के लिए स्वच्छ व मजबूत जिताऊ उम्मीदवार की खोज करने का काम भी रहेगा। जालोर जिले में कांग्रेस संगठन में गुटबाजी हावी है, इसलिए अपने अपने पक्ष का जिलाध्यक्ष बनाने की कोशिश भी रहेगी।</p>
<h3 style="text-align: justify;"><span style="color: #3598db;">कौन कौन है दावेदार</span></h3>
<p style="text-align: justify;">जालोर कांग्रेस के वर्तमान में भंवरलाल मेघवाल जिलाध्यक्ष है। इन्हें 2023 विधानसभा चुनाव से कुछ महीने पहले जुलाई में बनाया गया था। इनके साथ 71 जनों की जिला कार्यकारिणी भी बनाई गई थी, चुनावी साल को देखते हुए कई ऐसे लोगों को पदाधिकारी भी बना दिया जो जिले की जानकारी तक नहीं रखते। वहीं कई ऐसे भी थे, जो कुछ समय में ही कांग्रेस का साथ छोड़कर पाला बदल गए। कई पदाधिकारी ऐसे निष्क्रिय रहे कि कभी बैठक में नहीं आए। इस कारण संगठन मजबूत नहीं हो पाया। अब फिर से नया जिलाध्यक्ष बनाने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। इसके लिए छह जनों के नामों का एक पैनल पर्यवेक्षक तैयार करके उच्च स्तर पर देंगे।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68d538fc2ba79.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">सूत्रों के मुताबिक इस पैनल के लिए वर्तमान जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, पीसीसी सदस्य सवाराम पटेल, जालोर से प्रत्याशी रही रमीला मेघवाल, जिला प्रवक्ता योगेंद्रसिंह कुम्पावत, किसान कोंग्रेस के जिलाध्यक्ष शैतानसिंह धनानी व पूर्व पशु कल्याण बोर्ड अध्यक्ष गोदाराम देवासी के नाम बताए जा रहे हैं। इनके अलावा पूर्व जिलाध्यक्ष नैनसिंह राजपुरोहित, पूर्व सेवादल अध्यक्ष आमसिंह परिहार, कोषाध्यक्ष जवानाराम माली व सायला ब्लॉक अध्यक्ष सवाईसिंह चम्पावत के नाम पर भी विचार किया जा सकता है।</p>
<h3 style="text-align: justify;"><span style="color: #3598db; background-color: #ffffff;">इन चारों नेताओं की एक सहमति आवश्यक</span></h3>
<p style="text-align: justify;">जालोर जिले की कांग्रेस में चार नेता मजबूत स्तम्भ है। जिसमें जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर, भीनमाल विधायक डॉ समरजीतसिंह, रानीवाड़ा विधायक रतन देवासी व पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई है। इस सभी चारों की एक सहमति ज़िस नाम पर होगी, सम्भवतया उसे जिलाध्यक्ष बनने का मौका मिल सकेगा। देखते है कि कांग्रेस के चारों धुरन्धर किस नाम पर एकजुट होते है।</p>
<h3 style="text-align: justify;"><span style="color: #3598db;">इन दावेदारों की क्या मजबूती-क्या कमजोरी...</span></h3>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68dbc137eefca.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">भंवरलाल मेघवाल -&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">मजबूत पक्ष - वर्तमान में जिलाध्यक्ष है, पूर्व में प्रधान रह चुके है। वर्तमान में एससी वर्ग में बड़ा चेहरा है।&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">कमजोर पक्ष : जिलाध्यक्ष रहते हुए संगठन को मजबूत नहीं कर पाए, नेतृत्व क्षमता में कमजोरी</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68dbc13c367c0.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">सवाराम पटेल -</p>
<p style="text-align: justify;">मजबूत पक्ष : - पीसीसी सदस्य है, 2013 व 2018 में आहोर से प्रत्याशी रह चुके, संगठन की तकनीकी जानकारी, अधिकारियों से काम करवाने का अनुभव, कानून का अनुभव</p>
<p style="text-align: justify;">कमजोर पक्ष - खुलकर बात नहीं करना, केवल हां में हां मिलाना</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68dbc13451795.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">रमीला मेघवाल :-</p>
<p style="text-align: justify;">मजबूत पक्ष :- संगठन में मजबूत महिला चेहरा, जालोर से प्रत्याशी रह चुकी</p>
<p style="text-align: justify;">कमजोर पक्ष - प्रदेश स्तर पर संगठन में पहचान नहीं</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68dbc26fac7a2.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">योगेंद्रसिंह कुम्पावत -&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">मजबूत पक्ष - यूथ कांग्रेस से लेकर मुख्य संगठन में काम करने का करीब 20 वर्षों से अधिक का अनुभव, 9 साल से जिला प्रवक्ता दायित्व, प्रखर वक्ता, लम्बा चुनावी अनुभव, कानून के जानकार, प्रदेश व कई राष्ट्रीय स्तरीय नेताओं से सीधा संपर्क, जिले के सभी गुटों से अच्छा तालमेल</p>
<p style="text-align: justify;">कमजोर पक्ष : - स्वयं की लॉबी तैयार नहीं</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68dbc13210cee.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">गोदाराम देवासी -&nbsp;</p>
<p style="text-align: justify;">मजबूत पक्ष :- पिछली कांग्रेस सरकार में कुछ समय के लिए पशुपालक बोर्ड अध्यक्ष, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष, लम्बे समय से पार्टी से जुड़ाव, पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत से जुड़ाव</p>
<p style="text-align: justify;">कमजोर पक्ष - जिले में मजबूत पकड़ नहीं, कम सक्रियता</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/09/image_750x_68dbc1302faa5.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">शैतानसिंह धनानी -</p>
<p style="text-align: justify;">मजबूत पक्ष :- किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष पद पर मौजूद, पूर्व में भी थे दावेदार, सायला क्षेत्र में पार्टी से लम्बे समय से जुड़ाव</p>
<p style="text-align: justify;">कमजोर पक्ष - जिले का अनुभव नहीं, कम सक्रियता</p>
<p style="text-align: justify;"></p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>जालोर जिले में स्वाधीनता दिवस समारोह हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न, 110 सम्मान पत्र किए वितरित</title>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Fri, 15 Aug 2025 16:10:53 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<ul style="list-style-type: square;">
<li style="text-align: justify;"><strong><span style="background-color: #fbeeb8;"><span style="color: #e67e23;">प्रत्येक व्यक्ति में हो देश भक्ति का भाव </span><span style="color: #2dc26b;">तथा देश रहे सर्वोपरि-जोगेश्वर गर्ग</span></span></strong></li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>जालोर.</strong>&nbsp; जालोर जिले में 79वें स्वाधीनता दिवस का मुख्य <span style="background-color: #fbeeb8;">समारोह</span> शुक्रवार को शाह पूंजाजी गेनाजी स्टेडियम जालोर में हर्षोल्लास के साथ सम्पन्न हुआ जिसमें राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने ध्वजारोहण कर समारोह का शुभारम्भ किया।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689dd0eb7dfa0.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">जालोर स्टेडियम में आयोजित समारोह में मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने मुख्य अतिथि के रूप में ध्वजारोहण के बाद परेड का निरीक्षण किया तथा परेड कमाण्डर रिजर्व लाइन निरीक्षक लीलसिंह के नेतृत्व मे मार्च पास्ट की सलामी ली। मुख्य समारोह में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्रसिंह इंदौलिया, पूर्व विशेष योग्यजन आयुक्त धन्नाराम पुरोहित, भूपेन्द्र देवासी, जिला प्रमुख राजेश कुमार, जालोर प्रधान नारायण सिंह राजपुरोहित, पूर्व विधायक रामलाल मेघवाल सहित अन्य अधिकारी एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689dd0d6aec07.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्य समारोह में राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने स्वाधीनता दिवस पर सभी को हार्दिक शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि विकसित भारत के संकल्प के साथ देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सेवा एवं सुशासन के संकल्प को साकार करते हुए राज्य के लोकप्रिय मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में राजस्थान विकास के पथ पर अग्रसर है।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689dd0f7bf34c.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">राज्य सरकार के अनेक लोक कल्याणकारी फैसले व नीतिगत निर्णयों से कृषकों, युवाओं, महिलाओं, वृद्धजनों एवं सैनिक कल्याण सहित सामाजिक सुरक्षा, ऊर्जा, पेयजल एवं सड़क इत्यादि क्षेत्रों में राजस्थान प्रगति के पथ पर आगे बढ़ रहा है। जनकल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से अंतिम पायदान पर बैठे व्यक्ति को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा युवा, किसान, वृद्ध एवं गरीब के हितों को ध्यान में रखा गया है।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689dd0e34c9c1.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्य सचेतक ने कहा कि कवि माघ व ब्रह्मगुप्त की कर्म भूमि एवं जाबाली ऋषि की तपोस्थली रहा है साथ ही इसका गौरवमयी इतिहास हमेशा जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला रहा है। उन्होंने &lsquo;&lsquo;केसरी बाना सजाएं&rsquo;&rsquo; कविता के माध्यम से राष्ट्र सेवा का संकल्प दिलाया।&nbsp; मुख्य समारोह में अतिरिक्त जिला कलक्टर राजेश मेवाड़ा ने माननीय राज्यपाल का आम जनता के नाम सन्देश का पठन किया ।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689dd0de9c39e.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">समारोह में मार्च पास्ट में एनसीसी प्रथम व भारत स्काउट-गाइड द्वितीय स्थान पर रहे तथा व्यायाम प्रदर्शन में पीएम श्री राउमावि जालोर प्रथम व केन्द्रीय विद्यालय जालोर ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। समारोह में महात्मा गांधी राजकीय विद्यालय शिवाजी विद्यालय की छात्राओं ने राजस्थानी लोक संस्कृति पर आधारित धरती धोरा री...&rsquo;&rsquo; गीत पर सामूहिक नृत्य की आकर्षक प्रस्तुति दी। हिन्दुस्तान स्काउट गाइड द्वारा देशभक्ति से ओतप्रोत &lsquo;&lsquo;संदेशे आते है...&rsquo;&rsquo; गीत पर स्काउट-गाइड ने अपनी प्रस्तुति देकर दर्शकों को मन मोह लिया। वही सेन्ट पॉल स्कूल जालोर के विद्यार्थियों ने ऑपरेशन सिन्दूर पर आधारित प्रस्तुति से दर्शकों में देशभक्ति का भाव जगा दिया।&nbsp;</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689f0ea157855.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">समारोह में जिले मे 110 उत्कृष्ट कार्य करने वाले व्यक्तियों व संस्थाओं को भी मुख्य समारोह में प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का उत्कृष्ट संचालन निशा एम. कुट्टी, नरपत आर्य व रणजीत कुमार ने किया।&nbsp; समारोह में राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने उपस्थित नागरिकों को बाल विवाह रोकथाम की शपथ दिलाई।&nbsp;</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689f0e9b196df.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: justify;">समारोह में जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी नंदकिशोर राजोरा, उप वन संरक्षक जयदेव सिंह चारण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोटाराम, कैलाश विश्नोई व भूपेन्द्र सिंह, जालोर उपखण्ड अधिकारी मनोज चौधरी, उप पुलिस अधीक्षक गौतम जैन, रामकुमार भूतड़ा, तहसीलदार बाबूसिंह राजपुरोहित़, डॉ. अशोक जैन, रवि सोलंकी, दिनेश महावर, सुरेश सोलंकी, सुरेश सुन्देशा सहित विभिन्न अधिकारी, जनप्रतिनिधि, कर्मचारी, नागरिक एवं महिलाएं उपस्थित रहे।&nbsp;</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689dd0db6dd3c.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">मुख्य समारोह से पूर्व कलेक्ट्रेट परिसर में जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गावंडे, जिला पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर जिला पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र इंदौलिया ने ध्वजारोहण किया। जबकि उपखण्ड कार्यालय जालोर पर उपखण्ड अधिकारी मनोज चौधरी, तहसील कार्यालय पर जालोर तहसीलदार बाबूसिंह राजपुरोहित सहित समस्त विभागों में ध्वजारोहण किया गया।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_689dd0f4d0342.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>]]> </content:encoded>
</item>

<item>
<title>रामसीन क्षेत्र के गणपतसिंह हत्याकांड को एक साल बीतने को, जांच अधिकारी ने तीन संदिग्धों की पहचान की, लेकिन नार्को टेस्ट की प्रक्रिया में एक आरोपी ने पुलिस के सामने रखी 2 करोड़ की गारंटी की मांग, परिजनों ने एसपी को ज्ञापन देकर खुलासे की मांग दोहराई</title>
<link>https://www.ddthindi.com/ganpat-singh-mandoli-death-case-narco-test-dispute</link>
<guid>https://www.ddthindi.com/ganpat-singh-mandoli-death-case-narco-test-dispute</guid>
<description><![CDATA[  ]]></description>
<enclosure url="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x500_6891eed27118f.jpg" length="80851" type="image/jpeg"/>
<pubDate>Tue, 05 Aug 2025 17:15:34 +0530</pubDate>
<dc:creator>Dileep Dudi</dc:creator>
<media:keywords></media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<ul>
<li style="text-align: justify;"><span style="color: #e03e2d;"><strong>अनुसन्धान अधिकारी ने तीन जनों को संदिग्ध माना, तीनों से नार्को टेस्ट, पॉलीग्राफ टेस्ट व ब्रेन मैपिंग की सहमति मांगी, लेकिन एक ने पुलिस के सामने रखी दो करोड़ रुपए की शर्त</strong></span></li>
<li style="text-align: justify;"><span style="color: #e03e2d;"><strong>परिजनों ने एक बार फिर एसपी को ज्ञापन देकर मामले का पर्दाफाश करने की मांग की</strong></span></li>
</ul>
<p style="text-align: justify;"><strong>दिलीप डूडी, जालोर.</strong> जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र के मांडोली के गणपतसिंह राजपूत नामक युवक की संदिग्ध मौत को करीब एक साल होने को आया है। अगस्त 2024 में हुई इस घटना को हत्या मानते हुए परिजन समय समय पर पुलिस को चेता रहे है, लेकिन अभी तक इस घटना के आरोपियों का पूरी तरह से खुलासा नहीं हो पाया है।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/08/image_750x_688e150852922.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">इसमें अनुसन्धान अधिकारी भी परिवर्तन किए, लेकिन महत्वपूर्ण पहलू पर जांच अटक गई। अब युवा आईपीएस व सांचौर सहायक पुलिस अधीक्षक काम्बले शरण गोपीनाथ इस मामले की जांच कर रहे हैं, काम्बले ने अंत में तीन लोगों को संदिग्ध मानते हुए उन्हें नामजद किया है, लेकिन सबूतों को अधिक पुष्ट करने के लिए अनुसन्धान अधिकारी काम्बले ने तीनों संदिग्धों का पॉलीग्राफ टेस्ट, नार्को टेस्ट करवाने की सहमति मांगी, इसमें दो आरोपियों ने तो सहमति दे दी, लेकिन एक संदिग्ध ने पुलिस के सामने शर्त रख दी। इस कारण अभी प्रकरण का पर्दाफाश नहीं हुआ है। परिजनों ने मंगलवार को एक बार नए एसपी शैलेंद्रसिंह इन्दोलिया को ज्ञापन देकर मामले के आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है।</p>
<h4 style="text-align: justify;">परिवार की सुरक्षा के लिए दो करोड़ रुपए देने की गारंटी कौन लेगा</h4>
<p style="text-align: justify;">जानकारी में सामने आया है कि गणपतसिंह मांडोली प्रकरण में अनुसन्धान अधिकारी काम्बले ने गहनता से तफ्तीश की, कड़ी से कड़ी जुड़ी तो तीन नाम सामने आए, जिन तीनों को संदिग्ध माना, उनके पॉलीग्राफ व नार्को टेस्ट करवाने की सहमति लेना आवश्यक है, ताकि पता लगाया जा सके कि ये झूठ बोल रहे है या सच। ऐसे में दो संदिग्ध ने तो सहमति दे दी, लेकिन तीसरे ने कहा कि वो किसी प्रकार का नशा नहीं करते है और पॉलीग्राफ व नार्को टेस्ट के दौरान उसे किसी भी रूप से शारीरिक क्षति होती है तो इसकी गारंटी कौन लेगा, साथ ही उसने दो करोड़ रुपए गारंटी के रूप में देने की शर्त भी रख दी, वहीं जिन दोनों ने सहमति दी है, उनका भी कहना है कि हमारा टेस्ट भी तब किया जाय जब तीसरा आरोपी भी टेस्ट के लिए सहमत हो, अन्यथा नहीं, इस उलझन के कारण पुलिस अभी तक उन्हें न तो गिरफ्तार कर पाई है और न कोई अन्य ठोस कदम उठा पा रही है।</p>
<h4 style="text-align: justify;">पीड़ित पत्नी ने खुलासे की मांग की</h4>
<p style="text-align: justify;">इधर, मृतक की पत्नी भारती कंवर ने एसपी को ज्ञापन देकर खुलासे की मांग की है। ज्ञापन में बताया कि दिनांक 28 अगस्त 2024 को उसके पति गणपतसिंह पुत्र रणसिंह राजपूत निवासी मांडोली की निर्मम व नृशंस हत्या को एक वर्ष होने को आया है परंतु पुलिस के हाथ अभी तक ख़ाली है। जिसके कारण मेरे परिवार को अभी तक न्याय का इंतज़ार है। पुलिस प्रशासन द्वारा केवल आश्वासन दिया दिया जा रहा रहा है।पुलिस जाँच की धीमी प्रक्रिया के कारण मामले का अभी तक खुलासा नहीं हो पाया है ।घटना को हुए एक वर्ष पूर्ण होने को आया है फिर भी अभी तक पुलिस किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुंची है ,मेरे पति गणपत सिंह हत्याकांड को लेकर सर्व समाज कई बार धरना - प्रदर्शन कर चुका है। रामसीन पुलिस थाना के समक्ष दिनाक 9 सितंबर2024 को विशाल धरना प्रदर्शन किया गया था।जहाँ पर 10 दिवस के भीतर हत्याकांड का पर्दाफाश करने का आश्वासन दिया गया था, परंतु समय बीत जाने के बाद भी खुलासा नहीं होने पर जालोर जिला मुख्यालय पर दिनांक 15 अक्टूबर को विशाल धरना प्रदर्शन किया गया था।उसके बाद अनिश्चित कालीन धरना प्रदर्शन कई दिनों तक जारी रहा था परंतु दिनाक 28 अक्टूबर 2024 को मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग मंत्री के द्वारा लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों व कर्मियों को हटाने और जांच बदलने के आश्वासन पर धरना कुछ दिनों के लिए स्थगित किया गया था।</p>
<p><img src="https://www.ddthindi.com/uploads/images/2025/07/image_750x_6880e85cafda4.jpg" alt="" /></p>
<p style="text-align: center;">विज्ञापन</p>
<p style="text-align: justify;">यद्यपि कुछ पुलिस कर्मियो को हटाया गया है परंतु अभी तक मामले का खुलासा नहीं हुआ है। वर्तमान में मामले की जाँच आईपीएस अधिकारी सांचोर गोपीनाथ कांबले कर रहे है उन्हें आईपीएस अधिकारी गोपीनाथ कांबले पर पूरा विश्वास है की वे मुझ विधवा नारी और मेरे छोटे बच्चों को न्याय दिलाने के लिए मेरे पति की हत्या करने वालों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करेंगे ताकि मुझ प्रार्थी को न्याय मिल सके। एसपी से कहा कि आप इस मामले में व्यक्तिगत रुचि लेकर गणपत सिंह हत्याकांड का जल्द से जल्द खुलासा करने हेतु जाँच में तेजी लाए और तकनीकी और विशेषज्ञ अधिकारी लगाकर मामले का जल्द से जल्द खुलासा करवाएं। न्याय नहीं मिला तो मैं जिला मुख्यालय पर अपने दो छोटे बच्चों के साथ भूख हड़ताल पर बैठूँगी और तब तक बैठूँगी जब तक कि मेरे पति के हत्यारे सलाखों के पीछे नहीं जाते।</p>
<h4 style="text-align: justify;">इनका कहना है...</h4>
<p style="text-align: justify;">हमने तीन संदिग्धों के पॉलीग्राफ व नार्को टेस्ट करवाने की सहमति मांगी थी, उन्होंने सहमति नहीं दी है। सबूतों को पुष्ट करने के लिए टेस्ट जरूरी है। अब आगे की जांच व तथ्य जुटाने के लिए आवश्यक अन्य प्रक्रिया भी अपनाएंगे।</p>
<p><strong><em>- काम्बले शरण गोपीनाथ, अनुसन्धान अधिकारी व सहायक पुलिस अधीक्षक, सांचौर</em></strong></p>]]> </content:encoded>
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