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<title>DDT Hindi &#45; : जयपुर </title>
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<description>DDT Hindi &#45; : जयपुर </description>
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<dc:rights>© 2026 DDT Hindi &#45; All Rights Reserved.</dc:rights>

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<title>RFF 2022: शंखनाद बेस्ट राजस्थानी फिल्म, श्रवण सागर को बेस्ट एक्टर अवॉर्ड</title>
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<description><![CDATA[ राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में शंखनाद का अच्छा दबदबा रहा। इस मूवी ने बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता। इसके साथ ही बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी श्रवण सागर को इसी मूवी के लिए मिला। ]]></description>
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<pubDate>Mon, 26 Sep 2022 00:54:23 +0530</pubDate>
<dc:creator>DDT Team</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p><strong>जयपुर</strong>: राजस्थान फिल्म फेस्टिवल का आयोजन शनिवार को आयोजित किया गया। इस दौरान चार फिल्में शंखनाद, वचन, प्यारो बाबुल और बाबुल थारी लाडली छाई रहीं जिसमें तीन अवॉर्ड शंखनाद के नाम रहे। इस दौरान बेस्ट एक्टर श्रवण सागर और बेस्ट राइटर का अवार्ड संतोष के. मिश्रा को मिला। साथ ही ज्योति शर्मा बेस्ट एक्ट्रेस, अमन राठौड़ को बेस्ट विलन, सामिर खान को बेस्ट डायरेक्टर और राज जांगिड़ को बेस्ट सपोर्टिंग एक्टर का अवॉर्ड दिया गया।</p>
<p>राजस्थान फिल्म फेस्टिवल में शंखनाद का अच्छा दबदबा रहा। इस मूवी ने बेस्ट फिल्म का अवॉर्ड जीता। इसके साथ ही बेस्ट एक्टर का अवॉर्ड भी श्रवण सागर को इसी मूवी के लिए मिला। बेस्ट कहानी, स्क्रीन प्ले और संवाद में यह सबसे आगे रही। शंखनाद के लिए बेस्ट राइटर की ट्रॉफी संतोष के मिश्रा को दी गई।</p>
<p>साथ ही इस शो को तुषार कपूर, महिमा चौधरी और कोमल नाहटा द्वारा होस्ट किया गया और संजय मिश्रा को लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया।&nbsp;</p>]]> </content:encoded>
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<title>पायलट का सुल्तान सा दांव बन सकते है हेमाराम, सोनिया गांधी के भरोसेमंद है चौधरी</title>
<link>https://www.ddthindi.com/Hemaram-can-become-Pilots</link>
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<description><![CDATA[ - दोनों पक्षों की बन सकती है सहमति
- सदन में वरिष्ठ नेता है हेमाराम चौधरी ]]></description>
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<pubDate>Fri, 23 Sep 2022 11:19:19 +0530</pubDate>
<dc:creator>DDT Team</dc:creator>
<media:keywords>Hemaram can become Pilot&#039;s &quot;Sultan-like bet&quot;, Choudhary is a trustee of Sonia Gandhi</media:keywords>
<content:encoded><![CDATA[<div dir="auto"><strong></strong></div>
<div dir="auto"><strong>जयपुर.</strong></div>
<div dir="auto">कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के आगामी दिनों में चुनाव होने है, इस पद के लिए प्रबल दावेदारी राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत की बताई जा रही है। हालांकि अशोक गहलोत का प्रयास है कि राहुल गांधी ही राष्ट्रीय अध्यक्ष बने, लेकिन राहुल गांधी ने मना कर दिया है। ऐसे में अगर गहलोत राष्ट्रीय अध्यक्ष चुने जाते हैं तो कांग्रेस के संविधान के मुताबिक एक पद पर एक व्यक्ति के सिद्धांत के लिहाज से गहलोत को मुख्यमंत्री पद छोड़ना होगा, राजस्थान में संघर्ष कर रहे सचिन पायलट भी यही चाहते है कि उन्हें मुख्यमंत्री का पद मिले, लेकिन गहलोत नहीं चाहते कि मुख्यमंत्री सचिन पायलट बने। ऐसी स्थिति में कई दावेदारों के नाम सामने आ रहे है। कई बार सीपी जोशी तो कई बार रघु शर्मा, गोविंदसिंह डोटासरा व ममता भूपेश के नाम सीएम बनने की सूची में शामिल बताए जाते रहे है, लेकिन इन नामों पर सहमति नहीं बन पा रही है। क्योंकि गहलोत के बिना इनमें से किसी के लिए भी बहुमत साबित करना मुश्किल रहेगा। सूत्रों के मुताबिक गहलोत की मंशा है कि सचिन पायलट मुख्यंमत्री न बने और पायलट चाहते है कि वे नहीं तो उनके खेमे को मौका दिया जाय। ऐसे में सचिन पायलट के पास एक और नाम है जिन पर न केवल गहलोत बल्कि राहुल और सोनिया गांधी भी सहमति जताने से पीछे नहीं खिसकेंगे। वो नाम है राजस्थान विधानसभा में वरिष्ठ नेता व वन मंत्री हेमाराम चौधरी का। हेमाराम चौधरी के नाम के एक तीर से कई निशाने साधे जा सकेंगे। सूत्रों के मुताबिक सम्भावना भी यही है कि पायलट मामला खिसकता देख हेमाराम चौधरी को ही अंतिम विकल्प के रूप में आजमाना चाहेंगे।</div>
<div dir="auto"><strong>सहमति के पीछे तीन बड़े कारण</strong></div>
<div dir="auto"><strong> एक</strong> : हेमाराम चौधरी बाड़मेर के गुड़ामालानी से विधायक व वन मंत्री है। वे छठी बार से विधायक है। सरल छवि व अनुभवी है। इस सरकार में सचिन पायलट के साथ खुलकर पक्षधर रहे है। 74 वर्ष की उम्र होने से पायलट के लिए भविष्य में भी रोड़ा नहीं बन पाएंगे। इसलिए हेमाराम का पक्ष मजबूत बनता दिख रहा है।</div>
<div dir="auto"><strong>कारण दो</strong> : राजस्थान में लम्बे समय से जाट मुख्यमंत्री की मांग चली आ रही है। जब पहली बार अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने, उस दौरान परसराम मदेरणा को दावेदार बताया जा रहा था, लेकिन गहलोत के बनने से कांग्रेस का कोर वोट बैंक काफी स्तर पर खिसका। जाटों की नाराजगी भी गहलोत को झेलनी पड़ी। ऐसे में हेमाराम के नाम पर गहलोत के लिए उस समय की खामी को पूरा करने का मौका मिल जाएगा। साथ ही जोधपुर संसदीय क्षेत्र में जाट वोटबैंक काफी महत्वपूर्ण भूमिका में है, लिहाजा लोकसभा चुनाव में इसका फायदा वैभव गहलोत को भी मिल सकता है। इस गणित को देखते हुए&nbsp; अशोक गहलोत भी हेमाराम चौधरी के नाम का विरोध नहीं कर पा रहे है।</div>
<div dir="auto"><strong>कारण तीन :</strong> भारतीय जनता पार्टी ने डॉ सतीश पूनिया को प्रदेशाध्यक्ष बनाकर जाट वोटबैंक का साधने का प्रयास किया, लेकिन हाल ही में जगदीप धनखड़ को उप राष्ट्रपति बनाए जाने के बाद सतीश पुनिया के मुख्यमंत्री की दावेदारी पर आशंका मंडराने लगी है। चूंकि जाट समाज प्रदेश में बाहुल्य में है, कई सीटों पर प्रभाव रखते है और कांग्रेस का कोर वोटर माना जाता रहा है। इस स्थिति में कांग्रेस अब हेमाराम चौधरी के रूप में एक साल के लिए दांव खेल दे तो काफी हद तक पार्टी को फायदा मिलने की भी सम्भावना रहेगी।</div>
<div dir="auto"><strong>आलाकमान तक सीधी पकड़ में हेमाराम बेहद मजबूत</strong></div>
<div dir="auto">राजस्थान के कांग्रेस नेताओं में आलाकमान तक पहुंच बनाने वालों में से हेमाराम भी मजबूत नेता है। यही वजह है कि वर्ष 2013 में जब हेमाराम ने चुनाव लड़ने से इनकार किया तब स्वयं सोनिया गांधी ने मनाकर उन्हें टिकट दिया था, हालांकि वे हार गए थे, लेकिन क्षेत्र के लोगों में उनकी पकड़ मजबूत रही।</div>
<div dir="auto"><strong>इंदिरा गांधी की कांग्रेस से आए हेमाराम ने गंगाराम को हराकर रखा था कदम</strong></div>
<div dir="auto">हेमाराम चौधरी 1980 में इंदिरा गांधी की कांग्रेस आई से गुड़ामालानी से चुनाव लड़े थे, उस चुनाव में बाड़मेर के कदावर नेता गंगाराम चौधरी को हराने में कामयाब हुए थे। उसके बाद हालांकि 1990 में बाड़मेर से गंगाराम चौधरी के सामने वे हार गए, लेकिन गुड़ामालानी में उन्होंने अपनी मजबूत पकड़ बनाई। अब तक 8 चुनाव लड़े। जिनमें से 6 बार जीते। 1998 की गहलोत सरकार में हेमाराम परिवार कल्याण मंत्री रहे। उसके बाद 2008 में राजस्व मंत्री रहे। वसुंधरा राजे सरकार के प्रथम कार्यकाल में हेमाराम नेता प्रतिपक्ष भी रह चुके है। 2018 में हेमाराम ने सचिन पायलट का खुलकर समर्थन किया। मंत्रिमंडल विस्तार के दौरान इन्हें वन मंत्री बनाया गया।</div>
<div dir="auto"><strong>जोशी पर दांव फायदेमंद नहीं</strong></div>
<div dir="auto">इधर, सूत्रों के मुताबिक सचिन पायलट को रोकने के लिए विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी का नाम मुख्यमंत्री के लिए आगे किया जा रहा है, इसके लिए पायलट राजी नहीं है और न ही पार्टी का कोर वोटर राजी होगा। ऐसे में उपयुक्त विकल्प हेमाराम ही बन पा रहे है।</div>]]> </content:encoded>
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<title>’कमिटेडः डिलीवर्ड’: राजस्थान के भविष्य को आकार देने के लिए 10 ट्रिलियन रुपए का निवेश</title>
<link>https://www.ddthindi.com/committed-delivered-rs-10-trillion-investment-to-shape-rajasthan-s-future</link>
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<description><![CDATA[  ]]></description>
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<pubDate>Fri, 05 Aug 2022 18:25:28 +0530</pubDate>
<dc:creator>DDT Team</dc:creator>
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<content:encoded><![CDATA[<p>&lsquo;इन्वेस्ट राजस्थान समिट 2022&rsquo; के माध्यम से निवेश को हकीकत में बदलने पर केंद्रित राजस्थान सरकार</p>
<p>समिट की थीम &rsquo;कमिटेडः डिलीवर्ड&rsquo; के अनुरूप राजस्थान सरकार ने वैश्विक निवेशकों से लगभग 10 करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव हासिल किए</p>
<p><strong>जयपुर :&nbsp;</strong>राजस्थान औद्योगीकरण के नए युग की ओर एक बड़ी छलांग लगाने के लिए तैयार है, &lsquo;इन्वेस्ट राजस्थान समिट 2022&rsquo; से पहले ही 10 ट्रिलियन रुपए से अधिक के प्रस्ताव तैयार हैं। राज्य सरकार की नीतियों के लाभों के चलते भूमि, संसाधन, बुनियादी ढांचे सहित सभी क्षेत्रों से निवेश प्रस्ताव आए हैं। राजस्थान सरकार अब अपने मेगा निवेश शिखर सम्मेलन के आदर्श वाक्य &rsquo;कमिटेडः डिलीवर्ड&rsquo; के अनुरूप प्रस्तावों को हकीकत में बदलने का लक्ष्य लेकर चल रही है।</p>
<p>उद्योग मंत्री श्रीमती शकुंतला रावत ने बताया, &lsquo;7 और 8 अक्टूबर, 2022 को राजस्थान सरकार जयपुर में &lsquo;इन्वेस्ट राजस्थान समिट 2022&rsquo; की मेजबानी करेगी। यह स्टार्ट-अप, कृषि और कृषि प्रसंस्करण, भविष्य के लिए तैयार क्षेत्र, पर्यटन, एमएसएमई पर सम्मेलनों-सत्रों के दौरान विभिन्न उद्योगों-क्षेत्रों के 3000 प्रतिनिधि विभिन्न क्षेत्रों पर विचार-विमर्श करंेगे। शिखर सम्मेलन राजस्थान में प्राप्त निवेश प्रस्तावों के फलीभूत होने की लिए होगा।</p>
<p>शिखर सम्मेलन से पहले, रिलायंस, रिन्यू पावर सोलर मॉड्यूल मैन्युफैक्चरिंग, रिन्यू पावर ग्रीन हाइड्रोजन, लेंसकार्ट सॉल्यूशंस प्राइवेट लिमिटेड, ओकाया ईवी प्राइवेट लिमिटेड, सेंट गोबेन ग्लास इंडिया प्राइवेट लिमिटेड, अदानी ग्रुप, असाही ग्लास, आरएसडब्ल्यूएम लिमिटेड, सुदिवा स्पिनर्स, बोरोसिल लिमिटेड, विप्रो हाइड्रोलिक्स प्राइवेट लिमिटेड ई-पैक ड्यूरेबल प्राइवेट लिमिटेड, आनंद श्री ट्रस्ट, सहस्रा सेमी-कंडस्टर प्राइवेट लिमिटेड के निवेश प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई है।</p>
<p>कई मल्टीनेशनल और भारतीय निवेशकों के साथ आयोजित हो रहे शिखर सम्मेलन ने राज्य में उद्योगों के लिए एक अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के विकास का आश्वासन देते हुए स्थानीय उद्यमियों के प्रस्तावों को भी आकर्षित किया है। इन्वेस्ट राजस्थान की दिशा में अग्रिम रूप से, भारत और विदेशों में विभिन्न रोड शो और निवेशक कनेक्ट कार्यक्रम आयोजित किए गए हैं। हाल ही में, स्टार्ट-अप कॉन्क्लेव का आयोजन किया गया था जहां 4,192 समझौता ज्ञापन और आशय पत्र प्राप्त हुए थे। हस्ताक्षरित समझौता ज्ञापन मुख्य रूप से खान और खनिज, कृषि और कृषि प्रसंस्करण, पर्यटन, कपड़ा, इंजीनियरिंग, रसायन और पेट्रोकेमिकल, स्वास्थ्य और चिकित्सा, रसद, ऊर्जा और हस्तशिल्प में हैं। 4192 एमओयू/एलओआई में से 39फीसदी पहले ही लागू हो चुके हैं या राज्य में अपने उद्यम स्थापित करने के अग्रिम चरण में हैं। राज्य सरकार का उद्देश्य शिखर सम्मेलन से पहले अधिकांश एमओयू/एलओआई को हकीकत में लाना है।</p>
<p>राजस्थान सरकार में अतिरिक्त मुख्य सचिव श्रीमती वीनू गुप्ता ने कहा, &lsquo;सम्मेलन में पर्यटन, अक्षय ऊर्जा, एमएसएमई, कृषि, स्टार्ट-अप से संबंधित न्यू एज के एजेंडे को संबोधित करने वाले विषयों पर ब्रेकअवे सत्र होंगे। एमओयू और एलओआई के लिए सरकार मंजूरी और अनुमति प्रदान करने के लिए काफी प्रयास कर रही है ताकि इन्हें समय पर शुरू किया जा सके।&rsquo;</p>
<p>निवेशकों की भारी दिलचस्पी राजस्थान के माननीय मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के राजस्थान के औद्योगिक विकास के विजन में भरोसे की बानगी है। निवेशकों को मानव पूंजी, तेजी से बुनियादी ढांचे के विकास, उत्कृष्ट बाजार पहुंच, भारत के सबसे बड़े औद्योगिक भूमि-बैंक और आकर्षक निवेश प्रोत्साहन के लाभों से आकर्षित किया जा रहा है।</p>
<p>मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने समयबद्ध निवेश की स्थापना की सुविधा के लिए वन स्टॉप शॉप जैसी अनुकरणीय सुविधाओं की स्थापना की है। राजस्थान औद्योगिक विकास नीति (2019) सहित नीतियों का एक पूरा बंडल काम कर रहा है। राजस्थान सौर ऊर्जा नीति (2019); पवन और संकर ऊर्जा नीति (2019); राजस्थान कृषि-प्रसंस्करण, कृषि व्यापार और कृषि निर्यात संवर्धन नीति (2019), राजस्थान पर्यटन नीति (2020) और अन्य क्षेत्रों के लिए समर्थन बढ़ा रही है। वहीं, राजस्थान निवेश संवर्धन योजना (आरआईपीएस-2019) निवेशकों को राजस्थान में नए उद्यम स्थापित करने में मदद कर रही है।</p>]]> </content:encoded>
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