- स्वास्थ्य के आधार पर चुनाव ड्यूटी से छूट के लिए प्राप्त करीब 300 आवेदनों की मेडिकल बोर्ड से होगी जांच
- अनुपस्थित तथा लापरवाह कार्मिकों की रुकेगी वेतन वृद्धि
जालोर. पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनावों के सफल एवं सुचारू संचालन के लिए आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रमों में अनुपस्थित रहने वाले 95 कार्मिकों को जिला निर्वाचन अधिकारी प्रदीप के. गावंडे द्वारा नोटिस जारी किए गए हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने तथा वेतन वृद्धि रोकने के संबंध में आवश्यक निर्देश दिए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने चुनाव ड्यूटी से मुक्त रखने के लिए स्वास्थ्य संबंधी कारणों का हवाला देते हुए प्राप्त करीब 300 आवेदनों को गंभीरता से लेते हुए इनकी जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित करने के निर्देश दिए हैं। मेडिकल बोर्ड द्वारा संबंधित कार्मिकों का स्वास्थ्य परीक्षण कर उनकी फिटनेस का आकलन किया जाएगा। परीक्षण में यदि कोई कार्मिक वास्तव में चुनाव संबंधी कार्य करने में असमर्थ पाया जाता है, तो नियमानुसार उसे चुनाव ड्यूटी से राहत प्रदान करने की कार्रवाई की जाएगी।
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जिला निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि चुनाव जैसे महत्वपूर्ण दायित्व के निर्वहन में सभी संबंधित कार्मिकों की सहभागिता एवं जिम्मेदारी आवश्यक है। स्वास्थ्य संबंधी वास्तविक समस्याओं के आधार पर नियमानुसार राहत प्रदान की जाएगी, लेकिन बिना उचित स्वास्थ्य कारणों के चुनाव ड्यूटी से बचने के लिए भ्रामक अथवा झूठे आवेदन प्रस्तुत करने वाले कार्मिकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। ऐसे मामलों में लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 134 के तहत नियमानुसार अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया है कि चुनाव प्रशिक्षण एवं निर्वाचन संबंधी दायित्वों में लापरवाही बरतने वाले कार्मिकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पंचायतीराज संस्थाओं के चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं सुचारू रूप से संपन्न कराए जा सकें।