जालोर. आदि काल से रक्षा का दायित्व क्षत्रिय पर रहा है और अपने पुरुषार्थ से जिन महापुरुषों ने कर्तव्य का पालन किया, उनका इतिहास बन गया और सबके आराध्य बन गए। इसका गवाह यह केशरिया ध्वज है। यह बात संघ के प्राथमिक प्रशिक्षण शिविर आंवलोज के स्वागत में शिविर प्रमुख अर्जुनसिंह देलदरी ने कही। उन्होंने कहा कि सतयुग से लेकर मध्यकाल तक अनगिनत ऐसे उदाहरण है जिससे भारत की भारतीयता जिंदा है। और आज भी उसी संस्कृति की तरफ दुनिया की नजर है। लेकिन वर्तमान में समय के प्रवाह से भटकाव की स्थिति बनने से आज देश दुनिया मे अराजकता अशांति बनी हुई है। उसका कारण श्रेष्ठ लोग रास्ता भूल गए है इस सामाजिक पीड़ा से तनसिंह द्वारा श्री क्षत्रिय युवक संघ की स्थापना की गई जो 1946 से ऐसी ही शिक्षा देने का काम कर रहा है।
आंवलोज में चल रहा है शिविर, मनाई जाएगी दुर्गादास जयंती
यह शिविर 28 अगस्त तक चलेगा। जिसमें प्रातः 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से क्षत्रियोचित संस्कारों का अभ्यास करवाया जा रहा है। व्यवस्था देख रहे वीरेंद्र सिंह आवलोज ने बताया कि शिविर में राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास जयंती समारोह दोपहर सवा तीन बजे बड़े स्तर पर आंवलोज में मनाया जाएगा।जिसमें सभी जाति धर्म के लोग भाग लेंगे। शिविर की दिनचर्या प्रातः4:30 बजे जागरण से शुरू होकर रात्रि 10 बजे तक निरंतर विभिन्न कार्यक्रमों द्वारा 170 शिविरार्थियों को संस्कार एवं अनुशासन का का पाठ पढ़ाया जा रहा है। बौद्धिक, सहगायन, चर्चा , खेल एवं विनोद सभा आदि विभिन्न कार्यक्रमों के माध्यम से बालकों को सामूहिक संस्कारमयी कर्म प्रणाली द्वारा विशेष रूप से प्रशिक्षित किया जा रहा है।
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इस शिविर में नाहर सिंह जाखड़ी, जबर सिंह लूणा, पूर्ण सिंह दहिवा, जसवंत सिंह बावतरा, कानसिंह बोकड़ा, संग्राम सिंह घटनायक एवं पथक शिक्षक रुप में प्रशिक्षण में सहयोग प्रदान कर रहे है। इस अवसर विरेन्द्र सिंह आंवलोज, भंवर सिंह थलूंडा, नरपत सिंह आंवलोज, गोविंद सिंह रटूंजा, माल सिंह, विक्रम सिंह, रिड़मल सिंह नरसाणा, गुलाब सिंह तीखी, तेज सिंह निंबलाना गोविंद सिंह आंवलोज, हड़मत सिंह आंवलोज, भान सिंह आंवलोज, भैरु सिंह, समंदर सिंह निंबलाना, सवाई सिंह नाड़सर , ईश्वर सिंह सांगाणा समेत कई लोग शिविर की व्यवस्था में जुटे हुए है।