जालोर. टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिले में टीबी रोग की पहचान, जांच एवं उपचार को लेकर विशेष अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत जिलेभर में विभिन्न स्थानों पर जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें संभावित टीबी रोगियों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ आमजन को टीबी के लक्षण, बचाव एवं समय पर उपचार के प्रति जागरूक किया जा रहा है। इसी क्रम में जालोर शहर के ऊपरकोटा में जांच एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भैराराम जाणी ने बताया कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत जिलेभर में विशेष जांच शिविर आयोजित कर अधिक से अधिक संभावित टीबी रोगियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है। शिविरों में आधुनिक तकनीक एवं उपलब्ध संसाधनों के माध्यम से जांच की जा रही है, ताकि टीबी की समय पर पहचान कर मरीजों को शीघ्र उपचार से जोड़ा जा सके। उन्होंने कहा कि टीबी की समय पर पहचान और नियमित उपचार से यह बीमारी पूरी तरह ठीक हो सकती है। उन्होंने आमजन से अपील की कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना जैसे लक्षण दिखाई देने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच अवश्य करवाएं।
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जिला क्षय रोग अधिकारी डॉ. असीम परिहार ने बताया कि जालोर शहर के ऊपरकोटा में आयोजित शिविर में संभावित टीबी रोगियों की हैंड हेल्ड एक्स-रे मशीन के माध्यम से जांच की गई। जांच के दौरान संदिग्ध पाए जाने वाले व्यक्तियों को आवश्यकतानुसार आगे की जांच एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य सेवाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने बताया कि अभियान का उद्देश्य टीबी के संभावित मरीजों की शीघ्र पहचान कर उनका समय पर उपचार शुरू करवाना तथा समुदाय में टीबी के प्रति जागरूकता बढ़ाना है।
शिविर के दौरान बीएचएस जयंतिलाल, रेडियोग्राफर मनीष सैनी, आशा सहयोगिनी भावना गहलोत सहित आमजन मौजूद रहे।