जालोर। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र जालोर में चिकित्सा टीम ने कुशल चिकित्सकीय प्रबंधन, अनुभव एवं सतर्कता का परिचय देते हुए गंभीर स्वास्थ्य जटिलताओं से जूझ रही प्रसूताओं के सफल सामान्य प्रसव करवाए। एक मामले में प्रसूता के प्लेटलेट्स मात्र 50 हजार होने, पीलिया एवं गर्भस्थ शिशु में रक्त की कमी जैसी जटिल परिस्थितियां थीं, वहीं दूसरे मामले में पूर्व में ऑपरेशन से प्रसव होने के बावजूद सफल सामान्य प्रसव करवाया गया।
प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. वेदप्रकाश मीना ने चिकित्सा टीम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि एमसीएच जालोर में प्रसूताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण प्रसव सेवाएं उपलब्ध करवाने के लिए विभाग प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक प्रसूता की स्वास्थ्य स्थिति एवं जटिलताओं का आकलन कर विशेषज्ञ चिकित्सकों द्वारा उचित चिकित्सकीय निर्णय लिया जाता है। संस्थान में मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यक उपचार, देखभाल एवं निगरानी की व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।
गंभीर जटिलताओं के बीच डॉ. प्रवीण सुथार ने करवाया सामान्य प्रसव
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रवीण सुथार ने बताया कि 5 नवंबर को एक महिला प्रसव पीड़ा के चलते एमसीएच जालोर में भर्ती हुई थी। चिकित्सकीय जांच के दौरान महिला के प्लेटलेट्स की संख्या मात्र 50 हजार पाई गई। इसके साथ ही महिला पीलिया से भी ग्रसित थी तथा गर्भस्थ शिशु में भी रक्त की कमी की स्थिति सामने आई। इन जटिल परिस्थितियों को देखते हुए अन्य अस्पताल में ऑपरेशन द्वारा प्रसव करवाने की सलाह दी गई थी। इसके बावजूद एमसीएच जालोर में विशेषज्ञ चिकित्सकीय परीक्षण, आवश्यक सावधानियों एवं सतत निगरानी के साथ प्रसव करवाने का निर्णय लिया गया। डॉ. प्रवीण सुथार एवं चिकित्सा टीम के प्रयासों से महिला का सफल सामान्य प्रसव करवाया गया।
पूर्व में ऑपरेशन के बावजूद डॉ. राकेश मेवाड़ा ने करवाया सफल सामान्य प्रसव
स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. राकेश मेवाड़ा ने बताया कि 3 नवंबर को प्रसव पीड़ा होने पर एक अन्य प्रसूता एमसीएच जालोर में भर्ती हुई थी। प्रसूता का पहला प्रसव ऑपरेशन से हुआ था तथा दूसरे प्रसव में भी जटिलताएं होने के कारण मामला चुनौतीपूर्ण था। ऐसी परिस्थितियों में चिकित्सा टीम ने आवश्यक चिकित्सकीय परीक्षण एवं सतत निगरानी के साथ सामान्य प्रसव करवाने का निर्णय लिया। टीम के समन्वित प्रयासों से प्रसूता का सफल सामान्य प्रसव करवाया गया। प्रसव के बाद जच्चा एवं बच्चा दोनों स्वस्थ हैं।
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उन्होंने बताया कि पूर्व में ऑपरेशन से प्रसव होने के बाद दूसरे प्रसव को सामान्य करवाना चिकित्सकीय दृष्टि से चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे मामलों में विशेष सावधानी, सतत निगरानी एवं आवश्यक चिकित्सकीय संसाधनों की उपलब्धता महत्वपूर्ण होती है। चिकित्सा टीम ने पूरी सतर्कता के साथ प्रसूता की स्थिति पर लगातार नजर रखते हुए सफल प्रसव करवाया।
इस दौरान नर्सिंग अधिकारी दिनेश कुमार, प्रवीण कुमार, मुकेश दहिया, पिंकी तथा स्वास्थ्यकर्मी कांता, सुशीला एवं पुष्पा ने महत्वपूर्ण सहयोग प्रदान किया।