• धर्म, संस्कृति और राष्ट्र रक्षा के संकल्प के साथ मनाया विजयादशमी पर्व

जालोर। हिन्दू युवा संगठन संस्था, जालोर की ओर से विजयादशमी के पावन पर्व पर हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी श्री क्षेमंकरी माताजी मंदिर, माली समाज सोलंकी लायसा परिवार सेवा संस्थान, जालोर के प्रांगण में विधि-विधान के साथ शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में संगठन के पदाधिकारियों, सदस्यों एवं माताजी के भक्तों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया तथा धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा का संकल्प लिया।

नगर अध्यक्ष हेमेंद्र सिंह बगेड़ियां ने बताया कि कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में माली समाज सोलंकी लायसा परिवार सेवा संस्थान के अध्यक्ष जूठाराम सोलंकी उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हिन्दू युवा संगठन संस्था के संस्थापक अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश सोलंकी ने की। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में पार्षद दिनेश महावर एवं हुकमीचंद सोलंकी उपस्थित रहे।

संस्थापक अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश सोलंकी ने दिया एकता और राष्ट्रसेवा का संदेश

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए संस्थापक अध्यक्ष एडवोकेट सुरेश सोलंकी ने कहा कि विजयादशमी का पर्व अधर्म पर धर्म, असत्य पर सत्य और बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक है। शस्त्र पूजन हमारी प्राचीन भारतीय परंपरा, शौर्य, साहस और आत्मरक्षा के संकल्प का प्रतीक है। यह पर्व हमें अपनी संस्कृति, संस्कारों और धार्मिक परंपराओं के संरक्षण के लिए सदैव जागरूक रहने की प्रेरणा देता है।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि हिन्दू युवा संगठन का उद्देश्य युवाओं में राष्ट्रभक्ति, सामाजिक समरसता, अनुशासन एवं सेवा भावना को मजबूत करना है। युवाओं को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जुड़कर समाजहित तथा राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। उन्होंने सभी से संगठित होकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाने तथा धर्म एवं संस्कृति के संरक्षण के लिए मिलकर कार्य करने का आह्वान किया।

संगठन के सदस्यों की रही उपस्थिति

इस अवसर पर मंगलाराम सांखला, अमन देवेंद्र मेहता, मूलाराम प्रजापत, योगेश दवे, संजय बोराणा, सुरेश सुन्देशा, कैलाश सुथार, लच्छीराम, गोपाराम, पूराराम, रमेश सोलंकी,पुखराज, किशोर,सौरभ सोलंकी, नरेंद्र सोलंकी,निंबाराम,उमंग सोलंकी, गिरधारी,महेंद्र,दुष्यंत,शंकरलाल, कालूराम,सुरेश,भरत सहित हिन्दू युवा संगठन संस्था के सदस्य एवं माताजी के भक्तगण उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सभी ने विजयादशमी पर्व की शुभकामनाएं देते हुए भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं एवं सामाजिक एकता को मजबूत बनाने का संकल्प लिया।