• सामान्य महिला सीट पर 11 प्रत्याशियों के बीच एकमात्र एसटी उम्मीदवार ने चुनाव जीता

जालोर. इन दिनों पंचायतराज चुनाव में अलग-अलग रोचक किस्से सामने आ रहे हैं, कुछ ऐसा ही एक रोचक किस्सा जालोर जिले से भी सामने आया है। जालोर जिले की आहोर विधानसभा क्षेत्र के भैंसवाड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच पद पर एक ऐसी ही महिला सरपंच निर्वाचित हुई है, जिनका सपना तो शिक्षक बनने का था, लेकिन भर्ती रद्द होने से वह शिक्षक बनने से चूक गई। इस बीच हाल ही में हुए चुनाव में भाग्य आजमाया तो ऐसी जीत मिली, जो ऐतिहासिक बन गई। हराया भी ऐसी शख्सियत को, जो किसी नाम की मोहताज नहीं थी। 

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दरअसल, जालोर जिले के आहोर विधानसभा क्षेत्र की भैंसवाड़ा ग्राम पंचायत के सरपंच पद की सीट इस बार सामान्य महिला के लिए आरक्षित हुई थी। 29 अक्टूबर को 13 महिलाओं ने आवेदन किये थे, बाद में दो ने आवेदन वापस ले लिए। अब मैदान में सामान्य महिला सीट पर 5 सामान्य वर्ग की महिला, 5 ओबीसी वर्ग की महिला उम्मीदवार व एक अनुसूचित जनजाति (एसटी) वर्ग की महिला उम्मीदवार मैदान में खड़ी रही। 30 अक्टूबर को हुए मतदान में ग्राम पंचायत के कुल 4159 मतों में से 2671 मत पड़े। इनमें से 107 वोट खारिज व 13 मत नोटा को गए। कुल वैध मत 2564 रहे। इनमें से 11 महिला उम्मीदवार में खड़ी एकमात्र एसटी वर्ग की शारदा कुमारी राणा को 650 मत मिले, जबकि नजदीकी प्रतिद्वंदी उम्मीदवार उमाकुमारी को 461 मत मिले। इस तरह से शारदा राणा 189 मतों से जीतकर भैंसवाड़ा पंचायत की सरपंच निर्वाचित हो गई।

इसलिए बनी चर्चा का विषय

दरअसल, इस सीट के चर्चा का विषय बनने के पीछे दो कारण रहे हैं। पहला यह कि शारदा कुमारी इन 11 उम्मीदवारों में से केवल एकमात्र बीए बीएड डिग्री धारी स्किल्ड महिला थी, जो हाल में सिलाई का काम करके अपनी सरकारी नौकरी हासिल करने की तैयारी कर रही थी, क्योंकि पूर्ववर्ती अशोक गहलोत सरकार में तृतीय श्रेणी शिक्षक भर्ती परीक्षा में इनका चयन सम्भवतया हो गया था, लेकिन भर्ती निरस्त होने से शिक्षक नहीं बन पाई। जिस कारण सिलाई करके अपनी तैयारी कर रही थी। दूसरा कारण यह कि शारदा राणा ने जिस उम्मीदवार महिला को हराया वो उमा कुमारी कोई आम महिला नहीं बल्कि आहोर विधानसभा क्षेत्र से तीन बार विधायक रहे माधोसिंह के पौत्र शिवप्रतापसिंह की पत्नी है और भैंसवाड़ा रावला हेरिटेज की करोड़पति मालकिन है। उमाकुमारी ने चुनाव शपथ पत्र में अपनी सम्पति 6 करोड़ 56 लाख 34 हजार 596 रुपए बताई है। इनके पति शिवप्रतापसिंह वर्ष 2015 में भैंसवाड़ा के सरपंच रह चुके हैं। नवनिर्वाचित सरपंच शारदा कुमारी राणा के पति अचलेश्वर राणा ने बताया कि गांव की जनता ने जो भरोसा जताया है, उन पर खरा उतरने के प्रयास रहेंगे, सब मिलकर गांव के विकास को आगे बढाएंगे।