- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव ने किया क्लिनिक का शुभारंभ
जालोर. नालसा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर नालसा की 60 दिवसीय मेगा ड्राइव योजना के तहत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट के निर्देशन में मंगलवार को जिले के घाणा गांव के ग्राम पंचायत भवन में अस्थाई विधिक सहायता क्लिनिक का शुभारंभ किया गया। इस क्लिनिक पर राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर की ओर से संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कानूनों की जानकारी दी जाएगी। मंगलवार को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर की अध्यक्षता में अस्थाई रूप से क्लिनिक का शुभारंभ किया गया। इस दौरान ग्राम पंचायत घाणा के प्रशासक कानाराम मीणा, ग्राम विकास अधिकारी दिनेश कुमार हंस, पीएलवी देवाराम, पुष्पा कुमारी, शांतिलाल मीणा सहित गांव के लोग मौजूद रहे।
विज्ञापन
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश वीर ने कहा कि गांव में अस्थाई विधिक सहायता क्लिनिक का शुभारंभ होने से यहां पर आमजन को राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण, राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं, कार्यक्रमों सहित विभिन्न कानूनों की जानकारी मिलेगी। इस दौरान उन्होंने नालसा की योजनाओं, श्रमिकों के अधिकारों, पीडित प्रतिकर योजना, निशुल्क विधिक सहायता, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों, भरण पोषण अधिकार की जानकारी दी। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से संचालित विभिन्न कार्यक्रमों की भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने पैरा लीगल वोलंेटियर की ओर से किए जाने वाले कार्यों के बारे में भी बताया। इसी प्रकार सचिव ने गांव के हनुमान मंदिर परिसर में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सचिव उमेश वीर ने राष्ट्रीय लोक अदालत के फायदे बताते हुए कहा कि आगामी दिनों में आयोजित होने वाली राष्ट्रीय लोक अदालत में अधिक से अधिक राजीनामा योग्य प्रकरणों को राजीनामा की भावना से निस्तारित करवाने में अपना सहयोग दे। उन्होंने स्थाई लोक अदालत के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा स्थाई लोक अदालत में जन उपयोगी सेवाओं से संबंधित दर्ज होने वाले प्रकरणों के बारे में बताया। इस दौरान महिलाओं के अधिकारों, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकारों सहित अन्य योजनाओं व कानूनों की जानकारी दी। कार्यक्रम में पीएलवी देवाराम ने भी संबोधित कर योजनाओं की जानकारी दी।
विमंदित गृह का किया निरीक्षण
सचिव ने मंगलवार को आहोर स्थित मानसिक विमंदित पुनर्वास गृह का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित कर्मचारियों को कहा कि यहां रहने वाले विमंदितों को नियमानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जावे। उन्होंने कहा कि विमंदितों को समय समय पर दवाइयां दी जावे। उन्होंने कहा कि बदलते मौसम में विमंदितों के खाने पीने का विशेष ध्यान रखे। इस दौरान सचिव ने रसोई घर का भी निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बाहर से खरीदी जाने वाली सब्जियां, फल आदि अच्छी तरह धोकर ही उपयोग में ली जावे।