जालोर । उपभोक्ताओं को सही माप-तौल सुनिश्चित करने तथा उनके हितों की रक्षा के लिए उपभोक्ता मामले विभाग द्वारा जालोर जिले में संचालित धर्मकांटों का औचक निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान विभिन्न अनियमितताएं पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए कुल 10,500 रुपये का जुर्माना लगाया गया।

 विधिक माप विज्ञान अधिकारी हनु इंद्र सिंह ने बताया कि माननीय उपभोक्ता मामले विभाग के मंत्री सुमित गोदारा के निर्देशानुसार विधिक माप विज्ञान अधिनियम, 2009 तथा राजस्थान विधिक माप विज्ञान (प्रवर्तन) नियम, 2011 के तहत जिले में धर्मकांटों की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत नरसाना टोल प्लाजा, सानगना टोल प्लाजा, ईश्वेश्वर धर्मकांटा, उम्मा धर्मकांटा सहित विभिन्न धर्मकांटों का निरीक्षण किया गया।

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निरीक्षण के दौरान नरसाना एवं सानगना टोल प्लाजा पर स्थापित धर्मकांटे असत्यापित पाए गए। इस पर संबंधित कांटों को जब्त कर सात दिवस के भीतर सत्यापन करवाने के लिए पाबंद किया गया। वहीं, ईश्वेश्वर धर्मकांटे पर बिना सत्यापन के खनन कार्य में कांटे का उपयोग किए जाने पर 5,000 रुपये का शमन शुल्क लगाया गया तथा तीन दिवस में सत्यापन करवाने के लिए नोटिस जारी किया गया। इसी प्रकार, उम्मा धर्मकांटे पर कार्रवाई करते हुए 5,000 रुपये का चालान किया गया। इसके अतिरिक्त, विधिक माप विज्ञान अधिनियम के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित प्रतिष्ठानों को अनियमितताओं में सुधार के लिए नोटिस जारी किए गए।

 विधिक माप विज्ञान अधिकारी ने बताया कि आगामी दिनों में भी जिलेभर में संचालित धर्मकांटों का नियमित निरीक्षण जारी रहेगा। नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अभियान का मुख्य उद्देश्य उपभोक्ता अधिकारों की रक्षा करना तथा आमजन को सही माप-तौल सुनिश्चित कराना है।

 विभाग ने सभी व्यापारियों से केवल प्रमाणित एवं सत्यापित कांटा-बांट का उपयोग करने तथा निर्धारित समय पर सत्यापन करवाने की अपील की है।