• रैली निकाल कर जताया विरोध 
  • जिला एवं सेशन न्यायधीश को ज्ञापन भी सौंपा 

जालोर. राजस्थान उच्च न्यायालय, जोधपुर द्वारा लक्षित प्रकरणों के निस्तारण के लिए जारी कार्ययोजना के विरोध में अभिभाषक संघ जालौर की ओर से बुधवार को विरोध प्रदर्शन किया गया। अध्यक्ष खसाराम परिहार के नेतृत्व में अधिवक्ताओं ने न्यायालय परिसर में रैली निकालकर तथा मुख्य द्वार पर धरना देकर विरोध जताया। इस दौरान अधिवक्ताओं ने नारेबाजी भी की।

अभिभाषक संघ अध्यक्ष ने अनुसार राजस्थान उच्च न्यायालय के आदेश दिनांक 11 अगस्त 2026 के तहत अधीनस्थ न्यायालयों में लक्षित प्रकरणों के निस्तारण की कार्ययोजना फेज-4 लागू की गई है। संघ का कहना है कि प्रारंभ में इस योजना के तहत 20 वर्ष या उससे अधिक पुराने प्रकरणों को शामिल किया गया था, लेकिन अब पांच वर्ष से कम पुराने प्रकरणों को भी लक्षित प्रकरणों में शामिल किया जा रहा है। अधिवक्ताओं ने आरोप लगाया कि मामलों के संख्यात्मक निस्तारण की प्रतिस्पर्धा के कारण न्याय की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। अभिभाषक संघ ने इस व्यवस्था के विरोध में 2 सितंबर से 6 सितंबर 2026 तक न्यायिक कार्यों से विरत रहने का निर्णय लिया है। प्रदर्शन के दौरान अधिवक्ताओं ने मांग की कि प्रकरणों के निस्तारण में संख्या के बजाय न्याय की गुणवत्ता और वास्तविकता को प्राथमिकता दी जाए।

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इस दौरान उपाध्यक्ष अशोक कुमार माली, सचिव विक्रम सिंह सियाणा, कार्यकारिणी के महेश रजक, मनमोहन राठौर, ज्योत्सना राजपुरोहित, सरिता चौधरी के अलावा अधिवक्ता सतपाल पुरोहित, गोकुल परिहार तेजसिंह बलावत, अश्विन राजपुरोहित रियाज खान, पदम सिंह भाटी प्रवीण चौहान, संतोष भारती, जगदीश गोदारा, हेमंतजीत सियाग, प्रवीण घांची, रणजीतसिंह, दौलत बाराडा, दिनेश कुमार, तरुणसिंह, प्रवीण भादरू सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।