दिलीप डूडी, जालोर. वर्ष 2014 में जब केंद्र स्तर पर भारतीय जनता पार्टी ने गुजरात के तत्कालीन मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री पद का दावेदार घोषित किया, तब वो एक ऐसी लहर चल पड़ी थी कि देश के कई स्थानों पर कांग्रेस का जीतना मुश्किल हो गया था। उसमें एक स्थान जालोर भी शामिल है। जालोर जिले के अन्य स्थानों पर तो फिर भी कुछ स्थानों पर इस अवधि में कांग्रेस संघर्ष कर पद हासिल करने में सफल रही थी, लेकिन जालोर जिला मुख्यालय की विधानसभा क्षेत्र में हालात ऐसे हो गए थे कि 2014 के बाद के हुए हर चुनाव में कांग्रेस पिटती जा रही थी, कांग्रेस के कार्यकर्ताओं में भी ऐसी निराशा घर कर गई थी कि चुनाव परिणाम के दिन सड़क पर आने का मूड भी नहीं हो रहा था। वर्ष 2014 के बाद जालोर में दो बार लगातार भाजपा निकाय चुनाव, प्रमुख चुनाव, प्रधान चुनाव, विधायक चुनाव, लोकसभा चुनाव जीतती आ रही है।
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किसी भी इकाई के कार्यालय में कांग्रेस से जीता हुआ मुखिया नहीं मिल पा रहा था, कार्यकर्ता हताश हो चुके थे, लेकिन इस बार हुए निकाय चुनाव में जालोर जिला मुख्यालय पर कांग्रेस ने निकाय चुनाव में पटखनी देकर नगरपरिषद सभापति की सीट हथिया ली है। जबकि शेष सभी निकायों में भाजपा बहुमत में है। जिला मुख्यालय पर बारह साल बाद कांग्रेस अहम पद पर आने से कार्यकर्ताओं में जोश जगा है। यह सब कांग्रेस की इस बार एकजुटता के कारण हुआ है। साथ ही जनता ने भी कांग्रेस का साथ दिया। माली बाहुल्य इस जालोर नगरपरिषद क्षेत्र के 40 में से कांग्रेस ने 11 वार्डों में माली को टिकट देकर भाजपा के वोटों में सेंधमारी की, उसका फायदा कांग्रेस को मिला। कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर, समन्वयक हिमपालसिंह देवल, जुल्फिकार अली भुट्टो, योगेंद्रसिंह कुम्पावत, रमेश सोलंकी ने मिलकर जो रणनीति बनाई, वो चुनाव के अंत तक कारगर साबित हुई। यही वजह रही कि कांग्रेस जनमत के बाद सभापति चुनाव में बहुमत हासिल करने में सफल रही। यही एकजुटता आगामी समय में कांग्रेस के लिए जड़ी बूटी का काम करेगी।
कांग्रेस ने दिखाई एकजुटता, जालोर नगरपरिषद में उपसभापति बने मुमताज अली
नगर निकाय चुनाव के तहत मंगलवार को उपसभापति/उपाध्यक्ष के चुनाव हुए। जालोर नगरपरिषद में वार्ड संख्या 10 से कांग्रेस पार्षद मुमताज अली उपसभापति निर्वाचित हुए हैं। इनके सामने वार्ड संख्या 15 से भाजपा पार्षद मनीष परमार को 40 में से केवल 15 मत ही मिले। वहीं मुमताज अली ने 25 मत पाकर जीत हासिल की। आपको बता दें कि यहां 40 में से भाजपा 14, कांग्रेस 19 व 7 निर्दलीय जीते थे, लेकिन 7 में से 6 निर्दलीयों ने उपसभापति पद के चुनाव में कांग्रेस का समर्थन किया। इस लिहाज से सभापति के बाद उपसभापति पद हासिल कर कांग्रेसी खुशी से झूम रहे हैं।
शेष चारों पालिकाओं में भाजपा हावी रही
जिले की शेष चारों नगरपालिकाओं भाजपा हावी रही है। हालांकि इस बार उपाध्यक्ष/उपसभापति पद बिना पार्टी सिंबल के थे, लेकिन यहां भी जो चारों निर्वाचित हुए हैं, वो सभी भाजपा समर्थित है। आहोर में भाजपा के पार्षद बिशनसिंह, सायला में भाजपा पार्षद मांगीलाल फोलामुथा, सांचौर में लूणकरण खत्री और भीनमाल में मफीदेवी पालिका उपाध्यक्ष निर्वाचित हुई है।