• साइबर क्राइम शाखा की एडवाइजरी- डिफॉल्ट पासवर्ड तुरंत बदलें, डब्ल्यूपीए3/डब्ल्यूपीए2 एन्क्रिप्शन अपनाएं, डब्ल्यूपीएस और रिमोट मैनेजमेंट बंद रखें

जालोर/जयपुर. महानिदेशक पुलिस राजस्थान श्री राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में राजस्थान पुलिस द्वारा साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने और आमजन को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। इसी क्रम में राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने वाई-फाई नेटवर्क को हैकिंग और अनधिकृत पहुंच से सुरक्षित रखने के संबंध में आमजन के लिए एडवाइजरी जारी की है। 

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अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस साइबर क्राइम श्री वीके सिंह ने बताया कि आज के दौर में वाई-फाई सिर्फ इंटरनेट चलाने का माध्यम नहीं, बल्कि घर और कार्यालय के मोबाइल, लैपटॉप, स्मार्ट टीवी और अन्य स्मार्ट डिवाइस को जोड़ने वाला डिजिटल नेटवर्क है। ऐसे में यदि वाई-फाई राउटर की सुरक्षा कमजोर है तो अनधिकृत डिवाइस आपके नेटवर्क से जुड़कर न केवल इंटरनेट की गति और डेटा खपत को प्रभावित कर सकते हैं, बल्कि डेटा लीक, साइबर फ्रॉड, हैकिंग और निजी जानकारी की सुरक्षा के लिए भी खतरा पैदा कर सकते हैं।

 पहले जांचें—कहीं कोई अनजान डिवाइस तो नहीं जुड़ा?

यदि किसी व्यक्ति को संदेह है कि उसके वाई-फाई नेटवर्क से कोई अनधिकृत डिवाइस जुड़ा हुआ है, तो वह अपने मोबाइल या लैपटॉप को उसी वाई-फाई नेटवर्क से कनेक्ट कर ब्राउजर के माध्यम से राउटर का एडमिन पेज खोल सकता है। राउटर के एडमिन यूजरनेम और पासवर्ड से लॉगिन करने के बाद कनेक्टेड डिवाइसेस, डिवाइस लिस्ट या अटैच्ड डिवाइसेस जैसे विकल्पों में नेटवर्क से जुड़े उपकरणों की जानकारी देखी जा सकती है। किसी अनजान डिवाइस की पहचान होने पर उसे नेटवर्क से हटाया जा सकता है।

 डिफॉल्ट पासवर्ड सबसे पहले बदलें 

राउटर की सेटिंग्स में जाकर निर्माता द्वारा दिया गया डिफॉल्ट ‘एडमिन’ पासवर्ड तुरंत बदलें। राउटर की सेटिंग्स सामान्यतः 192.168.1.1 या 192.168.0.1 जैसे एड्रेस से खोली जा सकती हैं। वाई-फाई पासवर्ड मजबूत रखें और उसमें बड़े-छोटे अक्षर, संख्याएं तथा विशेष चिन्हों का मिश्रण रखें। साथ ही एसएसआईडी यानी वाई-फाई का नाम ऐसा रखें जिससे आपकी व्यक्तिगत पहचान या राउटर के ब्रांड का आसानी से पता न चले।

पुरानी सुरक्षा छोड़ें, डब्ल्यूपीए3 अपनाएं 

वाई-फाई की सुरक्षा के लिए राउटर में डब्ल्यूपीए3 एन्क्रिप्शन चालू रखने की सलाह दी गई है। यदि डब्ल्यूपीए3 उपलब्ध नहीं है तो कम से कम डब्ल्यूपीए2-एईएस का उपयोग करें। पुराने डब्ल्यूईपी या डब्ल्यूपीए मोड का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।

डब्ल्यूपीएस और रिमोट मैनेजमेंट रखें बंद 

साइबर सुरक्षा मजबूत रखने के लिए राउटर का डब्ल्यूपीएस (वाई-फाई प्रोटेक्टेड सेटअप) फीचर बंद रखने की सलाह दी गई है। इसी तरह रिमोट मैनेजमेंट को भी डिसेबल रखें, ताकि इंटरनेट के माध्यम से बाहर से कोई व्यक्ति राउटर की सेटिंग्स तक पहुंचने की कोशिश न कर सके।

 स्मार्ट टीवी और आईओटी डिवाइस के लिए अलग नेटवर्क 

घर में स्मार्ट टीवी, स्मार्ट उपकरण या अन्य आईओटी डिवाइस इस्तेमाल करने वाले लोगों को इन्हें मुख्य वाई-फाई नेटवर्क से अलग रखने के लिए गेस्ट नेटवर्क का उपयोग करना चाहिए। इससे मुख्य नेटवर्क से जुड़े मोबाइल, लैपटॉप और अन्य महत्वपूर्ण डिवाइस को अतिरिक्त सुरक्षा मिलती है।

राउटर का सॉफ्टवेयर भी रखें अपडेट 

राउटर के फर्मवेयर को नियमित रूप से अपडेट करते रहें, ताकि निर्माता द्वारा जारी किए गए नए सुरक्षा पैच मिलते रहें। इसके साथ ही सुरक्षा बढ़ाने के लिए विश्वसनीय डिवाइसों के मैक एड्रेस को व्हाइटलिस्ट करने की सुविधा का भी उपयोग किया जा सकता है।

 साइबर घटना हो तो तुरंत दें सूचना 

राजस्थान पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि वाई-फाई नेटवर्क से छेड़छाड़, साइबर ठगी, हैकिंग या किसी अन्य साइबर अपराध की घटना सामने आती है तो बिना देरी किए निकटतम पुलिस थाना या साइबर पुलिस स्टेशन को सूचना दें। साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in पर की जा सकती है। वित्तीय साइबर ठगी होने पर तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें। राजस्थान पुलिस के साइबर हेल्पडेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी सूचना दी जा सकती है।