जालोर. ए.सी.बी. मुख्यालय के निर्देश पर ए.सी.बी. इकाई जालोर द्वारा ललिता, पटवारी, पटवार हल्का दांतीवास, तहसील भीनमाल, जिला जालोर के विरुद्ध परिवादी के जायज कार्य के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत मांगने के आरोप में प्रकरण दर्ज किया गया है।
भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो कि ए.सी.बी. की टोल फ्री हेल्पलाइन नम्बर 1064 पर सूचना प्राप्त हुई थी कि ललिता, पटवारी, पटवार हल्का दांतीवास द्वारा परिवादी के जायज कार्य के एवज में रिश्वत की मांग की जा रही है। इस संबंध में परिवादी द्वारा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ए.सी.बी. जालोर के समक्ष लिखित शिकायत भी प्रस्तुत की गई।
शिकायत में परिवादी द्वारा बताया गया कि उसके दादाजी की मृत्यु के पश्चात फौतगी म्यूटेशन एवं भू-अधिकार हकत्याग म्यूटेशन भरने के एवज में आरोपिया पटवारी द्वारा रिश्वत की मांग की जा रही है।
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प्रकरण में मामला भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत पाए जाने पर ए.सी.बी. इकाई जालोर द्वारा रिश्वत राशि मांग का गोपनीय सत्यापन करवाया गया। सत्यापन के दौरान आरोपिया ललिता, पटवारी द्वारा परिवादी के उक्त जायज कार्य के एवज में 10,000 रुपये रिश्वत राशि की मांग किया जाना पाया गया। हालांकि, आरोपिया को ए.सी.बी. कार्यवाही की भनक लग जाने के कारण वह रिश्वत राशि प्राप्त नहीं कर सकी।
उक्त कार्यवाही के संबंध में ए.सी.बी. रेंज जोधपुर की पुलिस अधीक्षक पी.डी. नित्या के सुपरवीजन में मांगीलाल राठौड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, ए.सी.बी. जालोर द्वारा तथ्यात्मक रिपोर्ट तैयार कर प्रकरण दर्ज करने की अनुशंसा सहित ए.सी.बी. मुख्यालय, जयपुर को प्रेषित की गई। रिपोर्ट के आधार पर ए.सी.बी. मुख्यालय, राजस्थान, जयपुर द्वारा आरोपिया ललिता, पटवारी, पटवार हल्का दांतीवास, तहसील भीनमाल, जिला जालोर के विरुद्ध प्रकरण संख्या 234/2026 दिनांक 20.08.2026, धारा 7 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) के अन्तर्गत प्रकरण पंजीबद्ध किया गया है। भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के अन्तर्गत अग्रिम अनुसंधान किया जा रहा है।