- जयपुर में मुख्यमंत्री से मुलाकात कर सौंपा पत्र, ग्रामीणों की समस्याओं एवं पर्यावरण संरक्षण का उठाया मुद्दा
जालोर. आहोर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम तोड़मी, रातानाड़ा, बांकली एवं रेवड़ा कल्ला की सरहद में स्वीकृत 34 माइनिंग खदानों को निरस्त अथवा स्थगित करवाने की मांग को लेकर आहोर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से मुलाकात कर पत्र सौंपा।
विधायक ने मुख्यमंत्री को क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों एवं ग्रामीणों की समस्याओं से अवगत करवाते हुए स्वीकृत खनन माइनिंग की उच्च स्तरीय जांच करवाकर खनन गतिविधियों को तत्काल प्रभाव से स्थगित अथवा निरस्त करने का आग्रह किया।
विधायक ने पत्र में उल्लेख किया कि संबंधित पहाड़ी क्षेत्र ग्रामीणों के पशुओं के चराई स्थल के साथ-साथ आसपास की कृषि भूमि के लिए भूजल रिचार्ज का प्रमुख प्राकृतिक माध्यम है। ग्रामीणों के अनुसार, क्षेत्र में लगभग 500 ट्यूबवेल हैं, जिनके जलस्तर पर पहाड़ी क्षेत्र का महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ता है। ऐसे में खनन एवं ब्लास्टिंग से भूजल स्तर प्रभावित होने और कृषि भूमि के बंजर होने की आशंका है।
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उन्होंने बताया कि इस क्षेत्र में लगभग 4,000 से 5,000 बीघा कृषि भूमि प्रभावित हो सकती है। इसके अतिरिक्त, खनन क्षेत्र के आसपास आबादी, विद्यालय एवं मंदिर स्थित हैं। ब्लास्टिंग से उत्पन्न कंपन और धूल से आमजन एवं पशुधन पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई गई है।
विधायक ने पहाड़ी पर स्थित माताजी (जोगमाया) मंदिर की धार्मिक महत्ता तथा आसपास के गांवों के लगभग 20 से 25 तालाबों में पहाड़ी से पहुंचने वाले वर्षाजल का उल्लेख करते हुए कहा कि यह क्षेत्र ग्रामीणों की आजीविका, पशुपालन एवं जल संरक्षण के लिए महत्वपूर्ण है।
विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने मुख्यमंत्री से जनहित, पर्यावरण संरक्षण, कृषि एवं पशुपालन की आवश्यकताओं तथा ग्रामीणों की धार्मिक आस्था को ध्यान में रखते हुए इस मामले में उचित कार्रवाई करने और ग्रामीणों को राहत प्रदान करने का आग्रह किया। आपको बता दें कि पूर्व में इस क्षेत्र के ग्रामीणों ने विरोध करते हुए कलेक्टर को ज्ञापन दिया था।