जालोर. वीर शिरोमणि रूपाजी आँजणा धाम किलवा के प्रथम वार्षिकोत्सव एवं पावन पर्व श्री कृष्ण जन्माष्टमी के शुभ अवसर पर रतनगिरी महाराज एवं महंत भरत नाथ महाराज, कमालपुरा के पावन सानिध्य में भव्य क़ानूड़ा महोत्सव का आयोजन किया गया।

 विभिन्न गांवों एवं ढाणियों सहित पुणे, महाराष्ट्र से आए 35 क़ानूड़ा (भगवान श्री कृष्ण) की प्रतिमाओं के सानिध्य में आयोजित इस अनूठे महोत्सव में सांचौर, चितलवाना, रानीवाड़ा, बागोड़ा, भीनमाल, सायला-जालोर सहित बनासकांठा जिले से हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए।

महोत्सव के दौरान विशेष रूप से मातृशक्ति ने पारंपरिक गीतों, ढोल एवं डीजे की धुन पर गरबा नृत्य कर पूरे रूपाजी आँजणा धाम को भक्तिमय एवं उत्साहपूर्ण वातावरण से सराबोर कर दिया। श्री कृष्ण के जयकारों और भजनों से पूरा धाम गूंज उठा।

घर-घर स्थापित की क़ानूड़ा प्रतिमाएं, किलवा में हुआ सामूहिक महोत्सव

इस आयोजन की सबसे विशेष और अनूठी परंपरा यह रही कि समाज के श्रद्धालुओं ने अपने-अपने घरों में भगवान श्री कृष्ण की प्रतिमाएं स्थापित कर विधि-विधान एवं हर्षोल्लास के साथ जन्मोत्सव मनाया। इसके पश्चात इन प्रतिमाओं को किलवा की पावन धरा पर लाकर सामूहिक रूप से भव्य क़ानूड़ा महोत्सव में सम्मिलित किया गया।

इस प्रकार घर-घर से शुरू हुआ श्री कृष्ण जन्मोत्सव किलवा में समाज के सामूहिक उत्सव का रूप लेकर सामाजिक एकता, सांस्कृतिक गौरव और धार्मिक आस्था का अद्भुत संगम बन गया।

रूपाजी के समाज सुधार कार्यों से प्रेरणा लेकर परमार्थ एवं जनसेवा के कार्य करें : शंकर चौधरी

क़ानूड़ा महोत्सव की पूर्व संध्या पर गुजरात विधानसभा अध्यक्ष शंकरभाई चौधरी ने वीर शिरोमणि रूपाजी आँजणा धाम किलवा पहुंचकर समाजबंधुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि भगवान श्री कृष्ण एवं वीर शिरोमणि रूपाजी आँजणा ने विपरीत परिस्थितियों में भी परमार्थ, जनसेवा और समाज सुधार के कार्यों को प्राथमिकता दी। हमें भी उनके जीवन एवं कार्यों से प्रेरणा लेकर समाज एवं जनसेवा के कार्यों में निरंतर योगदान देना चाहिए। उन्होंने समाज को एकजुट रहकर सामाजिक उत्थान के लिए कार्य करने का आह्वान किया। इस अवसर पर सांचौर विधायक जीवाराम चौधरी, जालोर-सिरोही पूर्व सांसद देवजी पटेल, दानाराम चौधरी, मोतीराम चौधरी सहित बड़ी संख्या में समाजबंधु उपस्थित रहे।

शिक्षा के साथ संस्कार और संस्कृति की पहचान जरूरी : बीएसएफ कमांडेंट

बीएसएफ 56वीं बटालियन, महेसाणा के कमांडेंट अनिल कुमार यादव ने रूपाजी आँजणा धाम किलवा पहुंचकर समाजबंधुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार देना भी आवश्यक है। ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवंत रखने के साथ नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने समाज से बच्चों को शिक्षा के साथ संस्कार एवं संस्कृति से जोड़ने का आह्वान किया।

दही-हांडी कार्यक्रम ने बांधा समां

महोत्सव के दौरान दही-हांडी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। भगवान श्री कृष्ण की बाल लीलाओं से जुड़े इस कार्यक्रम में श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। दही-हांडी कार्यक्रम के दौरान धाम परिसर में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण देखने को मिला।

रक्तदान शिविर में 251 यूनिट रक्तदान

आँजणा रक्त मित्र ऐप के तत्वावधान में आयोजित रक्तदान शिविर में समाजबंधुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। शिविर में 251 यूनिट रक्तदान किया गया। रक्तदाताओं ने रक्तदान को मानव सेवा का महत्वपूर्ण माध्यम बताते हुए समाजहित एवं जनसेवा के लिए आगे आने का संदेश दिया।

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यह भव्य क़ानूड़ा महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज की एकता, आपसी प्रेम, सेवा भावना, सांस्कृतिक गौरव, मातृशक्ति की सहभागिता और भगवान श्री कृष्ण के प्रति अटूट आस्था का अनुपम संगम बन गया।

आयोजन को सफल बनाने में समस्त ग्रामवासियों, आयोजक संस्था एवं आँजणा समाज के प्रत्येक व्यक्ति का सेवा, सहयोग और समर्पण सराहनीय रहा। हजारों श्रद्धालुओं की सहभागिता ने रूपाजी आँजणा धाम किलवा के प्रथम वार्षिकोत्सव को ऐतिहासिक एवं यादगार बना दिया।