- हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में वाद विवाद व निबंध प्रतियोगिता का आयोजन
जालोर। जिला विधि सेवा प्राधिकरण की ओर से एडीआर भवन में हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में गुरूवार को विभिन्न कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर पर निंबध प्रतियोगिता व वाद विवाद प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें अधिवक्ताओं व न्यायलय के कर्मचारियों ने बढ़चढ़कर भाग लिया। प्रतियोगिता का शुभारंभ जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट के मुख्य आतिथ्य में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश वीर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ विमल व्यास, एसीजेएम दिव्या गोदारा, जेएम रेखा चौधरी व बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खसाराम परिहार ने सरस्वती की तस्वीर के समक्ष माल्यार्पण कर व द्वीप प्रज्ज्वलित कर किया।
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निबंध प्रतियोगिता के शुभारंभ समारोह में जिला न्यायाधीश ने हिंदी की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी भाषा हमारी मां के समान है, वर्तमान समय में हमें अपने व्यवहार में अधिक से अधिक हिंदी भाषा का प्रयोग करना चाहिए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश वीर ने प्रतियोगिता के बारे में विस्तार से जानकारी दी तथा हिंदी भाषा का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया। उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से समय समय पर आयोजित किए जाने वाले जागरूकता कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी। बार एसोसिएशन के अध्यक्ष खसाराम परिहार ने कहा कि प्राधिकरण की ओर से समय समय पर आयोजित कार्यक्रमों मंे बार एसोसिएशन को भी शामिल किया जाता है तो जिस पर उन्होंने आभार जताया। उन्होंने कहा कि जब भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे बार एसोसिएशन उसमें हर संभव सहयोग करेगा।
इस दौरान मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ विमल व्यास ने भी संबोधित किया। निबंध प्रतियोगिता में 29 प्रतिभागियों ने भाग लिया। इसी प्रकार शाम को क्या वैश्वीकरण और तकनीक के इस दौर में हिंदी केवल भावनात्मक संवाद की भाषा बनकर रह गई है, रोजगार और ज्ञान विज्ञान की नहीं विषय पर वाद विवाद प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में भी अधिवक्तागण व न्यायालय के कर्मचारियों ने उत्साह से भाग लेकर अपने अपने विचार प्रकट किए। इस दौरान जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रमों से छुपी हुई प्रतिभाओं को आगे आने का अवसर मिलता है। उन्होंने आह्वान किया कि हिंदी लिखने में अपने भावों को प्रकट करने के लिए अधिक से अधिक प्रयोग करें। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश वीर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ विमल व्यास, एसीजेएम दिव्या गोदारा, जेएम रेखा चौधरी के अलावा कई अधिवक्ता व कर्मचारी मौजूद रहे।