- जालोर के सियाणा की माहेश्वरी चौहान, राइजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल की भारतीय महिला स्कीट टीम ने आइची-नगोया एशियन गेम्स 2026 में 331 अंकों के साथ कांस्य पदक जीता। चीन ने 357 अंकों के साथ स्वर्ण और कजाकिस्तान ने 336 अंकों के साथ रजत पदक हासिल किया।
- माहेश्वरी चौहान, राइजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल ने भारत को महिला स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य दिलाया।भारतीय तिकड़ी ने कुल 331 अंक अर्जित कर तीसरा स्थान हासिल किया।राइजा और परिनाज ने 111-111, जबकि माहेश्वरी ने 109 अंक बनाए।चीन ने 357 अंकों के साथ स्वर्ण और कजाकिस्तान ने 336 अंकों के साथ रजत पदक जीता। माहेश्वरी चौहान राजस्थान के जालोर जिले के सियाणा की रहने वाली हैं।
दिलीप डूडी, जालोर. राजस्थान के जालोर जिले के सियाणा की बेटी अंतरराष्ट्रीय निशानेबाज माहेश्वरी चौहान ने एक बार फिर देश और प्रदेश का मान बढ़ाया है। माहेश्वरी चौहान, राइजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल की भारतीय टीम ने आइची-नगोया एशियन गेम्स 2026 की महिला स्कीट टीम स्पर्धा में कांस्य पदक अपने नाम किया है।
भारतीय तिकड़ी ने तीन दिनों तक चले क्वालिफिकेशन मुकाबलों में कुल 331 अंक अर्जित कर तीसरा स्थान हासिल किया। चीन ने 357 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता, जबकि कजाकिस्तान ने 336 अंक बनाकर रजत पदक प्राप्त किया।
साथ ही जयपुर के अनंतजीत सिंह नरुका ने मराज अहमद खान और भवतेघ सिंह गिल के साथ पुरुष स्कीट टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाया। इससे पहले वे 2023 एशियन गेम्स में व्यक्तिगत रजत और पेरिस ओलंपिक 2024 में मिश्रित स्कीट स्पर्धा में चौथा स्थान हासिल कर चुके हैं।
राइजा और परिनाज के 111-111, माहेश्वरी ने बनाए 109 अंक
भारतीय टीम के लिए राइजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल ने 125 में से 111-111 अंक हासिल किए। माहेश्वरी चौहान ने 109 अंक जोड़कर भारत का कुल स्कोर 331 तक पहुंचाया। तीनों खिलाड़ियों के संयुक्त प्रदर्शन से भारत महिला स्कीट टीम स्पर्धा के पदक मंच तक पहुंचने में सफल रहा। इस कांस्य पदक के साथ भारतीय निशानेबाजों ने एशियन गेम्स में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई। पदक जीतने की खबर सामने आने के बाद राजस्थान और विशेष रूप से जालोर जिले के खेलप्रेमियों में खुशी का माहौल है।
सियाणा की माहेश्वरी ने राइजा ढिल्लों और परिनाज धालीवाल के साथ एशियन गेम्स 2026 की महिला स्कीट टीम स्पर्धा में भारत को कांस्य पदक दिलाया। भारतीय तिकड़ी ने 331 अंक हासिल कर तीसरा स्थान प्राप्त किया।
सियाणा से एशियन गेम्स के पदक मंच तक
4 जुलाई 1996 को जन्मीं माहेश्वरी चौहान जालोर जिले के सियाणा की रहने वाली हैं। उनके पिता प्रदीपसिंह चौहान के मुताबिक माहेश्वरी ने कम उम्र में ही स्कीट शूटिंग की ओर कदम बढ़ाया। परिवार में निशानेबाजी के प्रति रुचि और विशेष रूप से उनके दादाजी गणपत सिंह सियाणा से मिले प्रोत्साहन ने उनके खेल जीवन की नींव मजबूत की।
विज्ञापन
माहेश्वरी ने किशोरावस्था में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करना शुरू कर दिया था। इसके बाद उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में निरंतर बेहतर प्रदर्शन करते हुए भारतीय महिला स्कीट शूटिंग में अपनी विशेष पहचान बनाई।
पेरिस ओलंपिक में एक अंक से चुका था पदक
पेरिस ओलंपिक 2024 में माहेश्वरी चौहान ने अनंतजीत सिंह नरूका के साथ मिश्रित टीम स्कीट स्पर्धा में भारत का प्रतिनिधित्व किया था। भारतीय जोड़ी कांस्य पदक मुकाबले में चीन से 43-44 के बेहद करीबी अंतर से हार गई थी। इस कारण भारत स्कीट शूटिंग के ऐतिहासिक ओलंपिक पदक से केवल एक अंक दूर रह गया था।
ओलंपिक में चौथे स्थान पर रहने की निराशा के बाद भी माहेश्वरी ने अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए अपनी तैयारी जारी रखी। एशियन गेम्स का कांस्य पदक उनकी निरंतर मेहनत और उच्च स्तर पर बने रहने की क्षमता का महत्वपूर्ण परिणाम है।
एशियन चैंपियनशिप में भी जीत चुकी हैं पदक
माहेश्वरी चौहान ने वर्ष 2017 में अस्ताना में आयोजित एशियन शॉटगन चैंपियनशिप की महिला स्कीट स्पर्धा में कांस्य पदक जीतकर पहचान बनाई थी। उन्होंने वर्ष 2024 की एशियन चैंपियनशिप में भी कांस्य पदक हासिल किया।
राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में लगातार प्रदर्शन के कारण माहेश्वरी भारत की प्रमुख महिला स्कीट निशानेबाजों में शामिल हैं। उनका लक्ष्य स्कीट शूटिंग में भारत को ओलंपिक और विश्व चैंपियनशिप का पदक दिलाना है।
राइजा ढिल्लों का मजबूत प्रदर्शन
चंडीगढ़ की राइजा ढिल्लों भारतीय महिला स्कीट शूटिंग की सबसे प्रतिभाशाली युवा खिलाड़ियों में गिनी जाती हैं। उन्होंने वर्ष 2024 की एशियन शॉटगन चैंपियनशिप में शानदार प्रदर्शन करते हुए भारत के लिए पेरिस ओलंपिक का कोटा हासिल किया था।
राइजा ने जूनियर विश्व चैंपियनशिप, एशियन चैंपियनशिप और आईएसएसएफ जूनियर विश्व कप की विभिन्न स्पर्धाओं में भारत के लिए कई पदक जीते हैं। एशियन गेम्स की टीम स्पर्धा में उनके 111 अंक भारत को कांस्य पदक दिलाने में महत्वपूर्ण रहे।
परिनाज ने टीम को दी मजबूती
पटियाला की परिनाज धालीवाल ने वर्ष 2015 में निशानेबाजी शुरू की थी। शुरुआती दौर में उन्होंने ट्रैप स्पर्धा में हाथ आजमाया, लेकिन बाद में स्कीट को अपनी मुख्य स्पर्धा के रूप में चुना।
परिनाज ने आईएसएसएफ विश्व कप, जूनियर विश्व कप, विश्व चैंपियनशिप और एशियन गेम्स में भारत का प्रतिनिधित्व किया है। उन्होंने वर्ष 2021 के नई दिल्ली आईएसएसएफ विश्व कप में महिला स्कीट टीम स्पर्धा का रजत और वर्ष 2022 के सुहल जूनियर विश्व कप में टीम कांस्य पदक जीता था। एशियन गेम्स में बनाए गए उनके 111 अंक भारत के लिए निर्णायक साबित हुए।
जालोर और राजस्थान के लिए गौरव
सियाणा जैसे ग्रामीण क्षेत्र से निकलकर ओलंपिक और एशियन गेम्स तक पहुंचीं माहेश्वरी चौहान की उपलब्धि जालोर और राजस्थान के उभरते खिलाड़ियों के लिए प्रेरणादायक है। अंतरराष्ट्रीय पदक ने एक बार फिर साबित किया है कि उचित प्रशिक्षण, पारिवारिक सहयोग और निरंतर मेहनत के जरिए ग्रामीण क्षेत्र की प्रतिभाएं विश्व स्तर पर अपनी पहचान बना सकती हैं।
अब माहेश्वरी चौहान की निगाहें आगामी अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं और लॉस एंजिल्स ओलंपिक 2028 पर रहेंगी। एशियन गेम्स का यह कांस्य उनकी उस लंबी यात्रा में एक और महत्वपूर्ण उपलब्धि है।