• भाटी ईडब्ल्यूएस में सरलीकरण को लेकर कर रहे हैं यात्रा

जालोर. श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन के आव्हान पर आर्थिक पिछड़ा वर्ग( ईडब्ल्यूएस) में व्यवहारिक सुधार की मांग को लेकर शिव (बाड़मेर) विधायक रविंद्रसिंह भाटी के नेतृत्व में शुरू की गई यात्रा रविवार शाम जालोर पहुँची। सात बजे निश्चित समय से करीब दो घंटे देरी से पहुँचे भाटी के लिए शहर के भगतसिंह स्टेडियम में सभा का आयोजन किया गया था। वहीं शहर के सूरज पोल चौराहे से पहले प्रशंसकों ने जेसीबी से फूल बरसाकर भाटी का स्वागत किया। कार्यक्रम में पहुँचे शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने उपस्थित जन समूह को संबोधित करते हुए कहा कि वर्ष 2019 से जब से ईडब्ल्यूएस मुहिम की शुरुआत हुई, और उसके बाद आज सात साल तक युवा साथियों ने इसके लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी वाजिब मांगों को लेकर प्रदेश और देश के नेताओं के सामने अपनी बात रखी, लेकिन किसी ने इसकी सुनवाई नहीं की। तो उन्होंने एक कवि द्वारा कही गई बात का उल्लेख करते हुए कहा कि जब सड़कें सुनसान हो जाती है तो सदन आवारा हो जाते हैं। उन्होंने कहा कि अब सही मायने में सिर गिनाने की जरूरत है, यह लड़ाई रविंद्रसिंह भाटी की नहीं है यह आर्थिक, कमजोर वर्ग की लड़ाई है और युवाओं को केंद्र की भर्तियों में नौकरिया दिलाने की और उनकी बात दिल्ली तक पहुंचाने की है और यह लड़ाई मै इसलिए लड़ रहा हूँ कि मैं जनता को नहीं भूल सकता, उन्होंने मुझे इस लायक बनाया है। भाटी ने कहा कि क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन ने जब इस मुहिम को लेकर मुझे बात की तो मैंने उनसे कहा कि मैं गर्म दल का आदमी हूँ, लेकिन ये तमाम चीजें तब संभव हो पाएगी जब हम जयपुर और दिल्ली में बैठे लोगों तक मजबूती से बात रख सके।

उन्होंने कहा कि खुद के लिए करने के लिए तो उम्र पड़ी है, लेकिन यह पीड़ा उनकी है जो उपखंड मुख्यालय पर एसडीएम के पास जाकर सर्टिफिकेट बनाने जाता है और अंदर से कहते हैं कि मीटिंग में बैठे हैं, उनकी बात को एक एसडीएम नहीं सुनता तो दिल्ली में यह आवाज कैसे सुनी जाएगी। 

पांच एकड़ जमीन को लेकर रखी बात

रविंद्र भाटी ने ईडब्ल्यूएस में पांच एकड़ जमीन की शर्त को लेकर कहा कि केंद्र सरकार द्वारा दस प्रतिशत ईडब्ल्यूएस आरक्षण में पांच एकड़ जमीन की शर्त रखी है जो व्यवहारिक नहीं है क्योंकि जब गुड़गांव की जमीन की तुलना जालोर की जमीन से करेंगे तो काफी फर्क है, और वर्तमान में जालोर सिरोही क्षेत्र में जमीन की स्थिति अच्छी नहीं है, ऐसी शर्तो के कारण ईडब्ल्यूएस से बाहर कर दिया गया। उन्होंने नेताओं पर तंज कसते हुए कहा कि जो सबका साथ सबका विकास की बात करते हैं उन्होंने कभी एक चिट्ठी लिखी क्या? और ये तब तक नहीं लिखेंगे जब तक इन्हें बाहर का रास्ता नहीं दिखाएंगे, आज के दौर में गरीब, वंचित, शोषित वर्ग की सुनवाई नहीं होती है। उन्होंने आकड़ो का हवाला देते हुए कहा ईडब्ल्यूएस में जहाँ राज्य में एक हजार सर्टिफिकेट बनते हैं तो केंद्र में सौ भी नहीं बन पाते हैं। भाटी ने जैन समाज के लोगों को भी कहा कि आपको भी इस मुहिम में आगे आना होगा,  आपके कम्युनिटी में कोई आर्थिक रूप से कमजोर है उनकी बात कौन रखेगा, क्योंकि कई जातियां जो राज्य में तो ओबीसी में है, लेकिन केंद्र में वे सामान्य श्रेणी में है, सही मायने में उनका भी नुकसान हो रहा है। 

सत्ता में आते ही मुंह बंद हो जाता है

रविंद्र भाटी ने विपक्ष पर भी कहा कि जब विपक्ष में होते हैं तो कई तरह के वीडियो अपलोड करते हैं, लेकिन सत्ता में आते ही मुंह बंद हो जाता है, बेटी बचाओं बेटी पढाओं का नारा तो दिया जाता है, लेकिन जब उनके शादी के बाद यही ईडब्ल्यूएस प्रमाण पत्र बनते हैं तो पिता और पति की आय की गणना की जाती है। भाटी ने कहा कि मुझे राजनीति करने के लिए लंबी उम्र पड़ी है, मै ईडब्ल्यूएस में नहीं आता, लेकिन हमारे वंचित, शोषित भाइयों को उनका हक दिला सकू, इसके लिए ही मै गांव ढाणी तक जा रहा हूँ। ताकि उनको उनका हक मिल जाए। 

कई एजेंसियों को देख लिया, अब डर नहीं लगता

रविंद्र सिंह भाटी ने कहा कि पिछली सरकार में छात्रसंघ अध्यक्ष बना कई मुकदमे हुए और कृष्ण की जन्मभूमि देखने का मौका मिला। मै इस सरकार को भी कहना चाहता हूं कि जो वहम, डर था वो निकल गया है पर आप तैयार हो जाओ जनता जाग चुकी हैं। उन्होंने कहा कि जनता के आशीर्वाद से यहां पहुंचा हूँ, कई एजेंसी देख ली, मै उसके लिए अब भी तैयार बैठा हूँ, 2024  में चुनाव लड़े तो कई एजेंसियां देख ली, अब भी एजेंसियां भेज दो तो उसके लिए भी तैयार बैठा हूँ, लेकिन कोई गरीब, शोषित, वंचित के साथ कुठाराघात करेगा तो यह कतई स्वीकार्य नहीं होगा। भाटी ने कहा कि आगामी पंचायत चुनाव में वोट मांगने आए नेताओं से पूछना कि आपके साइन किए हुए लेटर का क्या हुआ।

विज्ञापन

इससे पूर्व कार्यक्रम में पहुँचने पर भवानीसिंह बाकरा द्वारा भाटी का साफा पहनाकर स्वागत किया गया। मंच संचालन अनिल शर्मा व तेजसिंह ने किया। इस दौरान ललित दवे, सुमेरसिंह धानपुर, राणसिंह भायल, पोकरमल दाधीच, उम्मेसिंह उन, कृष्णकांत जेथलिया ने भी संबोधित किया।