• कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने की सीएम के एसीएस से बैठक 

जालोर/जयपुर. पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने शनिवार को शासन सचिवालय में मुख्यमंत्री के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) अखिल अरोड़ा से एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक के दौरान उन्होंने प्रदेश में इस वर्ष हुई कम बारिश के कारण जोधपुर संभाग में पशुपालकों और किसानों के सामने उत्पन्न हुए गंभीर संकट से निपटने के लिए तुरंत आवश्यक कदम उठाने पर चर्चा की। कैबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने वस्तुस्थिति से अवगत कराते हुए कहा कि मानसून की बेरुखी और कम बारिश के चलते जोधपुर संभाग के कई जिलों में खेती-किसानी को भारी नुकसान पहुंचा है।

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उन्होंने विशेष रूप से पाली, जालोर, सिरोही, बाड़मेर, जैसलमेर, फलोदी, बालोतरा और जोधपुर जिलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन क्षेत्रों में किसानों की फसलों को नुकसान हुआ है। इस संकट से किसानों को उबारने के लिए मंत्री ने प्रभावित इलाकों में विशेष गिरदावरी करवाने पर चर्चा की। उन्होंने कहा- गिरदावरी रिपोर्ट के आधार पर पीड़ित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जल्द से जल्द उचित मुआवजा देने की कार्रवाई की जाए ताकि उन्हें आर्थिक संबंल मिल सके।

पशुपालकों के लिए खुलें चारा डिपो

फसलों के खराब होने से न केवल किसानों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हुआ है, बल्कि मवेशियों के लिए चारे की भारी किल्लत भी पैदा हो गई है। श्री कुमावत ने पशुपालकों की चिंता को साझा करते हुए एसीएस अखिल अरोड़ा को बताया कि इन जिलों में चारे की भारी कमी है। इस स्थिति से निपटने के लिए उन्होंने प्रभावित जिलों में तुरंत चारा डिपो खुलवाने की आवष्यकता जताई, जिससे पशुपालकों को उनकी आवश्यकता के अनुसार आसानी से चारा उपलब्ध कराया जा सके और गोवंश व अन्य मवेशियों को बचाया जा सके।

पेयजल के पुख्ता इंतजाम  

कम बारिश का सीधा असर क्षेत्र के जलस्तर और पेयजल आपूर्ति पर भी पड़ा है। मंत्री ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि इन इलाकों में आम जनता के साथ-साथ मवेशियों के लिए भी पीने के पानी का संकट का समय रहते हल निकाला जा सके। उन्होंने एसीएस को इस संकंट से अवगत करवाते हुए प्रशासन से प्रभावित क्षेत्रों में पेयजल के पुख्ता व वैकल्पिक इंतजाम करने पर चर्चा की।