जालोर । पर्यावरण संरक्षण हेतु जिले में आयोजित किए जा रहे ब्रिक्स सतत जीवनशैली सप्ताह 2026 के तीसरे दिन मंगलवार को जल संरक्षण विषय पर विभिन्न जन-जागरूकता गतिविधियों का आयोजन किया गया, इस क्रम में आमजन को जल के महत्व, पानी की बचत, वर्षा जल संचयन तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। ‘सेव वाटर’ थीम पर आयोजित हुई विभिन्न गतिविधियों के क्रम में स्कूली स्टूडेंट ने वेस्ट से रिसाईकल प्रोडक्ट निर्माण, पोस्टर मेकिंग एवं ड्राइंग के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण, जल बचत एवं प्राकृतिक संसाधनों के सदुपयोग का संदेश दिया। विद्यार्थियों ने रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बताया कि अनुपयोगी वस्तुओं का पुनः उपयोग कर पर्यावरण के लिए हानिकारक तत्वों की मात्रा को संतुलित किया जा सकता है तथा भविष्य की पीढ़ियों के लिए आवश्यक जीवनरूपी रिसोर्स का संरक्षण किया जा सकता है।
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इसी क्रम में आयोजित हुए अन्य कार्यक्रम में प्रगतिशील किसानों एवं सहकारी क्षेत्र के कृषि आदान विक्रेताओं ने जल संरक्षण की शपथ ली। इस दौरान प्रतिभागियों ने वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देने तथा कृषि में ड्रिप सिंचाई को प्रोत्साहन देने व दैनिक जीवन में पानी का दुरुपयोग नहीं करने की शपथ ली। कार्यक्रम के माध्यम से संदेश दिया गया कि जल संरक्षण केवल किसी एक व्यक्ति या संस्था की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि समाज के प्रत्येक वर्ग की सामूहिक जिम्मेदारी है। विद्यार्थियों, किसानों एवं आमजन की सक्रिय भागीदारी से ही जल संरक्षण एवं पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली को जन आंदोलन का रूप दिया जा सकता है।
आगामी दिवस होंगे विविध कार्यक्रम
प्राप्त कार्यक्रमानुसार 4 नवंबर को टिकाऊ खाद्य प्रणालियों को बढ़ावा देने के लिए मोटे अनाज एवं पारंपरिक खाद्य पदार्थों का प्रदर्शन, खाद्य अपव्यय रोकने तथा जैविक खाद निर्माण के प्रति जागरूक किया जाएगा। 5 नवंबर को एकल उपयोग प्लास्टिक मुक्त वातावरण के लिए प्लास्टिक मुक्त बाजार एवं परिसर अभियान तथा कपड़े के थैले एवं पुनः उपयोग योग्य बोतलों के उपयोग को प्रोत्साहित किया जाएगा। 6 नवंबर को ई-वेस्ट प्रबंधन के तहत ई-कचरा संग्रहण एवं उसके सुरक्षित निस्तारण के बारे में जागरूकता गतिविधियां होंगी। वहीं 7 नवंबर को कचरा कम करने के उद्देश्य से स्वच्छता अभियान, कचरे का स्रोत पर पृथक्करण एवं Reduce, Reuse & Recycle अभियान आयोजित किए जाएंगे।