जालोर । कृषि विज्ञान केंद्र, केशवाना द्वारा 12 से 16 अक्टूबर 2026 तक कृषि सखियों/सीआरपी के लिए पांच दिवसीय प्राकृतिक खेती प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण में जिले की 20 कृषि सखियां/सीआरपी भाग ले रहे हैं।

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कृषि विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डॉ. एम. एल. तेतरवाल ने बताया कि कृषि सखियां/सीआरपी किसानों एवं कृषि विशेषज्ञों के बीच महत्वपूर्ण कड़ी हैं। प्रशिक्षण के माध्यम से प्राप्त तकनीकी जानकारी को गांवों तक पहुंचाकर वे किसानों को टिकाऊ एवं कम लागत वाली कृषि पद्धतियां अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

 प्राकृतिक खेती के नोडल अधिकारी बिरम सिंह गुर्जर ने प्रशिक्षण के उद्देश्यों एवं प्राकृतिक खेती की प्रमुख तकनीकों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को बीजामृत, जीवामृत, घनजीवामृत, नीमास्त्र, दशपर्णी अर्क एवं ब्रह्मास्त्र जैसे प्राकृतिक कृषि निवेशों की तैयारी एवं उपयोग, बीज उपचार तथा मृदा स्वास्थ्य संरक्षण की सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक जानकारी दी जाएगी।

 प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य कृषि सखियों/सीआरपी की तकनीकी क्षमता विकसित कर उन्हें गांवों में प्राकृतिक खेती के प्रचार-प्रसार के लिए सक्षम बनाना है, ताकि अधिकाधिक किसान प्राकृतिक खेती अपनाकर टिकाऊ कृषि की दिशा में आगे बढ़ सकें। कृषि विज्ञान केन्द्र, केशवाना की यह पहल जिले में प्राकृतिक खेती के विस्तार, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण एवं टिकाऊ कृषि विकास को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।