जालोर. अनचाही चार बेटियों का शुक्रवार शाम को भव्य शोभायात्रा के साथ गृह प्रवेश किया गया। अस्पताल चौराहे से शिशु गृह तक शोभायात्रा निकाली गई। जहां इनका स्वागत कर प्रवेश दिया गया। इस मौके जालोर विधायक व मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने कहा कि जिन बेटियों को मां की ममता नहीं मिल पाई हो वो शायद ऐसे अपने भाग्य लिखाकर लाई हो जिन्हें कोई अच्छा परिवार मिले। उन्होंने पुराना उदाहरण देते हुए कहा कि पूर्व में एक अनचाहे शिशु को कोई छोड़कर चला गया था, लेकिन आज वो अमेरिकी परिवार के गोद में खुशियां प्राप्त कर रहा है। गर्ग ने कहा कि अनचाहे शिशु को छोड़ने के पीछे न केवल मां जिम्मेदार होती है बल्कि पिता भी जिम्मेदार होता है क्योंकि वो पहले ही दिन भाग जाता है।

गर्ग ने समाज में जागृति लाने का आव्हान करते हुए महिलाओं से आग्रह किया कि अनचाहे शिशु को फेंकने के बजाय पालना गृह में छोड़े ताकि किसी जरूरत मंद परिवार का हिस्सा बन सके और नवजात जान को जीवन मिल सके। इस मौके अतिरिक्त जिला कलेक्टर राजेन्द्रसिंह चांदावत ने कहा कि सरकार अनचाहे शिशु को सुरक्षित जीवन देने का प्रयास कर रही है, समाज का साथ जरूरी है। इस अवसर पर शिशु गृह की अधीक्षक मोर कंवर ने कहा कि अब तक यहां से वर्ष 2016 से अब तक 22 शिशु गोद दिए गए। ये चारों कन्याएं फेंकी हुई नहीं मिली, इन अनचाही नवजात को पालना गृह में छोड़ा गया था, जिनका उपचार होने के बाद शिशु गृह की ओर से अब राजकीय विशेषज्ञ दत्तक ग्रहण एजेंसी को सुपुर्द किया गया है।

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अब इन कन्याओं के दत्तक की प्रक्रिया अपनाई जा सकेगी। उपनिदेशक राजीव सुथार ने भी दत्तक प्रक्रिया के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस अवसर पर लीला राजपुरोहित, रामसिंह, नमृता जैथलिया, एडवोकेट सरिता चौधरी, पदमाराम चौधरी, रतनसिंह कानीवाड़ा, चक्रवृतिसिंह देसु, नाथू सोलंकी समेत कई लोग उपस्थित थे।