जालोर. निक्षय पोषण किट वितरण अभियान के अन्तर्गत भीनमाल में टीबी उन्मूलन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, बीसीएमओ डॉ दिनेश जाम्भाणी सहित कुल 46 चिकित्साकर्मियों ने निक्षय मित्र के रूप में नामांकित होकर एक प्रेरणादायक उदाहरण प्रस्तुत किया है। इन सभी स्वास्थ्यकर्मियों ने टीबी रोग से ग्रसित मरीजों को उपचार अवधि तक पोषण सहायता उपलब्ध कराने का संकल्प लिया है।
खण्ड मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. दिनेश जाम्भाणी ने बताया कि टीबी केवल एक चिकित्सकीय चुनौती नहीं है, यह सामाजिक उत्तरदायित्व भी है। निक्षय मित्र बनकर हम मरीजों को न सिर्फ इलाज बल्कि भावनात्मक सहयोग भी प्रदान कर सकते हैं।
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उन्होने बताया कि सभी निक्षय मित्र अपने-अपने स्तर पर मरीजों को प्रतिमाह पोषण सामग्री, समय-समय पर परामर्श एवं आवश्यक सहायता देंगे। यह पहल प्रधानमंत्री टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत चलाई जा रही है। बीसीएमओ डॉ विश्नोई ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के इन 46 कर्मियों द्वारा यह योगदान अन्य लोगों को भी प्रेरित करेगा। उन्होंने समाज के सक्षम और समर्थ व्यक्तियों, समाजसेवी संगठनों, जनप्रतिनिधियों और व्यापारियों से अपील की कि वे आगे आकर निक्षय मित्र बनें और इस सामाजिक पहल में सहभागी बनें।
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डॉट्स प्रोवाइडर हरनारायण सुखाड़िया ने बताया कि इस सकारात्मक पहल से टीबी रोगियों को न केवल पोषण मिलेगा बल्कि उनका मनोबल भी मज़बूत होगा और इलाज में भी सहयोग मिलेगा। कार्यक्रम के दौरान चिकित्सा अधिकारियों एवं स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति में यह संकल्प लिया गया कि निक्षय मित्र मरीजों के इलाज एवं पोषण सहयोग के साथ-साथ टीबी मुक्त जालोर बनाने कि लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।
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इस अवसर पर वरिष्ठ नर्सिंग अधिकारी बगदाराम, श्यामलाल जीनगर, रमेश कुमार टीए, कुलवंतसिंह सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी, श्रवण कुमार कनिष्ठ सहायक समेत कई उपस्थित थे।