जालोर. ग्रामीण सड़कों पर अधिक भारी वाहन ओवरलोड होकर चलने के कारण सड़कों के टूटने की आशंका है, इस बात को लेकर पीडब्ल्यूडी के अभियंता ने भी जिला परिवहन विभाग के अधिकारियों को पत्र लिखकर वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की, लेकिन 15 दिन बाद भी इस बारे में डीटीओ कार्यालय ने कोई कार्यवाही नहीं की।
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दरअसल पीडब्ल्यूडी आहोर के सहायक अभियंता ने 15 मई को जिला परिवहन अधिकारी को पत्र लिखा था, जिसमें बताया कि ग्राम पंचायत पावटा व सेदरिया बालोतान में विभाग की गारंटी अवधि में ग्रामीण श्रेणी की डामर सडकें हैं। इन सडकों को एक एमएसए के लिये डिजाईन किया गया हैं। जिसका स्टैंडर्ड एक्सल लोड 8.16 टन से ज्यादा नहीं होना चाहिये, लेकिन उक्त सडक पर इससे भारी ऑवरलोडेड वाहन गुजर रहे हैं। जिससे राजकीय सम्पति सडक का नुकसान हो रहा हैं एवं सडक ऑवलोडेड वाहनों के जान-माल की भी हानि हो सकती हैं। यह पत्र अभियंता ने ग्रामीणों की शिकायत के बाद लिखा था, लेकिन परिवहन विभाग ने अभी तक इस सम्बंध में कोई कार्यवाही नहीं की है।
दरअसल, ग्रामीणों का आरोप है कि गांव की सड़कों पर अधिकतम 10 टन वजनी वाहन चले तो ठीक है, लेकिन यहां सड़कों पर 50 टन से अधिक वजनदार भारी वाहन लोड होकर गुजर रहे है। जिस कारण गांव की सड़कें टूट सकती है। ग्रामीणों ने बताया कि सुमेरपुर इलाके के नौवी में बजरी की लीज हो रखी है, उसमें से 50 टन से अधिक बजरी भरकर भारी वाहन पावटा ग्रामीण सड़क से गुजरते हुए नेशनल हाइवे 325 पर जाते है, जबकि इन ट्रकों को नौवी से सीधा सुमेरपुर आवागमन किया जा सकता है, लेकिन ये वाहन पावटा होकर गुजरते है, जिस कारण ग्रामीण सड़कें टूट सकती है। दिन में कई वाहन यहां से गुजर रहे है।
इनका कहना है...
पिछली बैठक में इस बारे में चर्चा जरूर हुई थी, लेकिन लिखित में चिट्ठी नहीं पहुंची, मामला ध्यान में आया है तो आवश्यक कार्यवाही जरूर करेंगे।
- ओमप्रकाश चौधरी, जिला परिवहन अधिकारी, जालोर