जालोर. श्री क्षत्रिय युवक संघ द्वारा राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास राठौड़ की 388 वी जयंती के अवसर पर 13 से 28 अगस्त तक पखवाड़ा के तहत कई कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इस अभियान का उद्देश्य वीर दुर्गादास के त्याग, साहस, स्वाभिमान, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रभक्ति के आदर्शों को जन-जन तक पहुंचाना है। वीर दुर्गादास राठौड़ का जीवन विपरीत परिस्थितियों में भी अपने सिद्धांतों और कर्तव्य के प्रति अडिग रहने की प्रेरणा देता है।एक सामान्य मनुष्य से राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास बनाने में उनकी माँ की अहम भूमिका रही है क्योंकि एक माँ ही अपने चरित्र व संस्कारो से जैसा चाहे वैसा अपनी संतान को बना सकती है व स्त्री अपने व्यवहार से परिवार को स्वर्ग बना सकती है।

उनका व्यक्तित्व केवल इतिहास का विषय नहीं, बल्कि वर्तमान युवा पीढ़ी के लिए भी साहस, संयम, विवेक, स्वाभिमान और राष्ट्रनिष्ठा का प्रेरणास्रोत है। इसी उद्देश्य से श्री क्षत्रिय युवक संघ द्वारा उनके विचारों और आदर्शों को समाज के प्रत्येक वर्ग तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है जयंती को केवल एक दिन के कार्यक्रम तक सीमित न रखते हुए उनके विचारो और आदर्शों को व्यापक रूप से जन जन तक पहुचाया जाए। यह बात आज जालोर शहर में फतेह हिल्स कॉलोनी में रानी कर्मावती शाखा में संभागीय प्रभारी रश्मिकंवर देलदरी ने राजपूत समाज की महिला शक्ति को संबोधित करते हुए कही।

       विज्ञापन

कार्यक्रम में तनसिंह रचित "होनहार के खेल" पुस्तक में आलेख 'क्षिप्रा के तीर' का पठन लक्षिता भुण्डवा द्वारा किया गया तो मौरकंवर सिनधरा ने कहा कि आज के बदलते सामाजिक परिवेश में युवा पीढ़ी को केवल आधुनिक शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार,अनुशासन, इतिहास-बोध और राष्ट्रभावना से जोड़ना आवश्यक है। कार्यक्रम को स्नेहा बावतरा,ज्योतिकंवर टेकरा ने भी संबोधित किया। 27 अगस्त को वीर दुर्गादास की जयंती विक्रम संवत तिथि के अनुसार बड़े कार्यक्रम के रूप में आँवलोज व जाखड़ी में आयोजित किए जाएंगे। इस कार्यक्रम का संचालन हिमानी मालपुरा ने किया।