जालोर. राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में रविवार को भीनमाल विधानसभा क्षेत्र के जुंजाणी मंडल का भव्य 'हिन्दू सम्मेलन' राष्ट्रभक्ति और गौरवशाली वातावरण में संपन्न हुआ। जुंजाणी मंडल के सातों गांवों—जुंजाणी, जेरण, चक जेरण, अरणु, बागावास, जेतु और कावतरा से आए हजारों पुरुषों एवं मातृशक्ति की उपस्थिति ने इस समागम को ऐतिहासिक बना दिया।
सम्मेलन के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय व्यवस्था प्रमुख माननीय मंगेश भेंडे ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए कहा कि देश में पहले समाज अपने को खुलकर हिन्दू कहने में संकोच करता था। उन्होंने समाज को जाति पंथ से ऊपर उठकर हिन्दू समाज के रूप में एकजुट रहने और शताब्दी वर्ष के 'पंच परिवर्तन' संकल्पों को जीवन में उतारने का आह्वान किया। कार्यक्रम में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हुए धानोल मठ के महंत महादेवानंद सरस्वती महाराज ने अपने उद्बोधन में सनातन धर्म की रक्षा और राष्ट्र सेवा, लव जेहाद, लैंड जेहाद से सतर्क होने और मातृशक्ति को सोशल मीडिया के सदुपयोग करते हुए शास्त्र और शस्त्र का भी प्रशिक्षण लेने और आततायी शक्तियों से सजग रहने की बात कही। इस दौरान रामदेव मठ के महंत अंतराई नाथ महाराज एवं दूधेश्वर महादेव मठ के महंत चेतनगिरी महाराज का मंगलमय सानिध्य प्राप्त हुआ।
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बौद्धिक विमर्श के बीच सांस्कृतिक और स्थानीय प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में नया उत्साह भर दिया। डिम्पल सैन ने 'नारी सशक्तिकरण' विषय पर अपना प्रभावी लघु उद्बोधन दिया, जिसमें उन्होंने समाज निर्माण में महिलाओं की सक्रिय भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ स्थानीय भजन गायक सुरज पुरी की मंडली द्वारा प्रस्तुत भक्तिमय भजनों से हुआ, जिससे संपूर्ण वातावरण श्रद्धा के रंग में रंग गया। सम्मेलन के समापन पर सभी संतों एवं अतिथियों की उपस्थिति में भारत माता की आरती की गई। सम्मेलन का सफल संचालन और अनुशासित व्यवस्था मंडल के कार्यकर्ताओं द्वारा सुनिश्चित की गई।