काउंसलिंग के माध्यम से विधि से संघर्षरत बालकों में विकसित करें सकारात्मक सोच-जिला न्यायाधीश
- जिला न्यायाधीश ने किया जेजेबी का निरीक्षण
जालोर. जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष व जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट ने मंगलवार को राजकीय संप्रेषण एवं किशोर गृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने उपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को कहा कि विधि से संर्घषरत बालकों में सकारात्मक सोच विकसित करें एवं उन्हें काउंसलिंग के माध्यम से मुख्यधारा में लाने का प्रयास करें।

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उन्होंने कहा कि उपलब्ध करवाई गई सुविधाओं का बेहतर उपयोग करते हुए बालकों को नियमानुसार सभी सुविधाएं उपलब्ध करवाई जावे। निरीक्षण के दौरान अधीक्षक मोर कंवर ने बताया कि प्रत्येक बालक को स्थानीय कर्मचारियों की ओर से नियमित रूप से पढाया जाता है, कई बालकों इस बार परीक्षा दी थी जिसमें सफल हुए है। उन्होंने बताया कि कर्मचारियों की ओर से बालकों को कंप्यूटर भी सिखाया जाता है। इस दौरान जिला न्यायाधीश ने मौजूद बालकों से यहां दी जाने वाली सुविधाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि बालकों को समय समय पर खेलकूद के लिए परिसर के अंदर ही खुले स्थान पर ले जाया जावे।
उन्होंने बालकों को सकारात्मक सोच रखने की बात कही। इस दौरान उन्होंने बालकों के प्रकरणों की प्रगति एवं वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी ली और कहा कि जिन बालकों की जमानत व अपील के लिए कार्यवाही नहीं की है तो इसकी कार्यवाही शीघ्र करवाई जावे। इस दौरान उन्होंने किशोर न्याय बोर्ड के कर्मचारियों से पत्रावलियों की संख्या एवं पेशियों के बारे में जानकारी प्राप्त की। उन्होंने उपलब्ध सुविधाओं के बारे में भी जानकारी ली। इस दौरान जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर, किशोर न्याय बोर्ड के प्रिंसिपल मजिस्ट्रेट राजेंद्रसिंह चारण भी मौजूद रहे।