फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल के तहत फार्मर आईडी से खाद विक्रय हेतु डीलरों एवं कार्मिकों का प्रशिक्षण सम्पन्न
जालोर. कृषि विभाग द्वारा भारत सरकार के फ्रैमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल थ्रू फार्मर आईडी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए शुक्रवार को डीलरों एवं विभागीय कार्मिकों का एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आत्मा सभागार तथा सहायक निदेशक, कृषि (विस्तार) कार्यालय भीनमाल के सभागार में आयोजित किया गया।
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कृषि (विस्तार) के संयुक्त निदेशक डॉ. खुमान सिंह रूपावत ने बताया कि अब जिले में यूरिया, डीएपी एवं अन्य सब्सिडीयुक्त उर्वरकों की बिक्री फार्मर आईडी के माध्यम से ही की जााएगी। इसका उद्देश्य पात्र किसानों को उर्वरक की उपलब्धता सुनिश्चित करने, कालाबाजारी एवं जमाखोरी पर रोक लगाने तथा उर्वरक वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाना है।

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प्रशिक्षण में पॉस मशीन पर फार्मर आईडी के माध्यम से लॉगिन एवं सत्यापन, आधार लिंक्ड फार्मर आईडी नहीं होने की स्थिति में वैकल्पिक व्यवस्था, फसल एवं रकबे के आधार पर उर्वरक की सीमा निर्धारण तथा दैनिक स्टॉक एवं बिक्री के ऑनलाइन मिलान की प्रक्रिया की जानकारी दी गई। डीलरों को स्टॉक बोर्ड एवं रेट लिस्ट संधारित करने तथा प्रत्येक किसान को पॉस रसीद उपलब्ध करवाना अनिवार्य बताया गया। बिना फार्मर आईडी के खाद का विक्रय करने वाले डीलर के विरुद्ध उर्वरक नियंत्रण आदेश, 1985 के तहत कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सभी डीलरों को पॉस मशीन अपडेट रखने तथा किसानों को फार्मर आईडी बनवाने के लिए जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
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प्रशिक्षण में कृषि (विस्तार) के उप निदेशक मुकेश कुमार शर्मा, कृषि (विस्तार) जालोर के सहायक निदेशक सागरमल कुमावत, कृषि (विस्तार) भीनमाल के सहायक निदेशक मोतीलाल सैनी, उप जिला नोडल अधिकारी जया श्रीमाली, सहायक प्रशासनिक अधिकारी राजकुमार सहित संबंधित विभाग के अधिकारी-कार्मिक व जिले के थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेता उपस्थित रहे।
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