समय पर रेफरल और रक्तदान से हाई रिस्क गर्भवती को मिला नया जीवन
- गंभीर एनीमिया से जूझ रही गर्भवती को एएनएम ने रक्तदान कर निभाई महत्वपूर्ण भूमिका
जालोर. चिकित्सा विभाग की सतर्कता, स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता और रक्तवीरों के सहयोग से हाई रिस्क प्रेग्नेंसी की गंभीर स्थिति में पहुंची रामुड़ी देवी को समय पर उपचार एवं रक्त उपलब्ध करवाकर सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं।
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खंड मुख्य चिकित्सा अधिकारी जालौर डॉ. भजनाराम विश्नोई ने बताया कि हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान, आवश्यक जांच एवं त्वरित रेफरल से जटिल परिस्थितियों को नियंत्रित किया जा सकता है। जालौर ब्लॉक के ग्राम अकोली निवासी रामुड़ी देवी के मामले में भी स्वास्थ्यकर्मियों की तत्परता एवं रक्तवीरों के सहयोग से समय पर उपचार उपलब्ध करवाया गया। उन्होने बताया कि गर्भवती महिला वर्तमान में करीब 3 माह की गर्भवती थीं। जांच में उनका हीमोग्लोबिन मात्र 4.3 ग्राम पाया गया। पूर्व प्रसव के इतिहास एवं गंभीर एनीमिया के कारण उनकी गर्भावस्था हाई रिस्क श्रेणी में थी।
एएनएम एवं आशा ने समय पर पहुंचाया अस्पताल
डॉ. विश्नोई ने बताया कि रामुड़ी देवी की गंभीर स्थिति को देखते हुए एएनएम एवं आशा सहयोगिनी ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें राजकीय चिकित्सालय जालौर में भर्ती करवाया। अस्पताल में चिकित्सकीय निगरानी में उपचार शुरू किया गया तथा अब तक उन्हें दो यूनिट रक्त चढ़ाया गया, जिससे उनकी स्थिति में सुधार हुआ।
एएनएम वर्षा राजपुरोहित ने किया रक्तदान
बीसीएमओ डाॅ. विश्नोई ने बताया कि गर्भवती महिला की आपात स्थिति को देखते हुए वर्षा राजपुरोहित, एएनएम देवाड़ा, जालौर ने आगे आकर रक्तदान किया। वहीं एक यूनिट रक्त सामाजिक कार्यकर्ता द्वारा उपलब्ध करवाया गया। रक्तवीर एवं सामाजिक कार्यकर्ता के सहयोग से जरूरत के समय रक्त उपलब्ध हो सका। उन्होने कहा कि हाई रिस्क गर्भावस्था में समय पर पहचान, त्वरित रेफरल, नियमित जांच और आवश्यकता पड़ने पर रक्त की उपलब्धता मां एवं शिशु की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने एएनएम वर्षा राजपुरोहित एवं सामाजिक कार्यकर्ता के सहयोग की सराहना की।