जिला न्यायाधीश ने विजिटर्स बोर्ड के साथ किया कारागृह का निरीक्षण, बंदियों से किया संवाद
जालोर। सर्वोच्च न्यायालय की ओर से पारित निर्णय सुकन्या शांता बनाम भारत संघ की पालना में राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश बन्नालाल जाट के नेतृत्व में शुक्रवार को बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जिला कारागृह का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। इस दौरान जिला न्यायाधीश ने कारागृह में मौजूद बंदियों से वार्तालाप कर उनकी समस्याओं को सुना गया। यहां मिलने वाली सुविधाआंे की जानकार ली। बोर्ड ने बंदियों के साथ भेदभाव के बारे में जानकारी ली गई तो बंदियांे ने बताया कि इस कारागृह में किसी बंदी के साथ जाति या धर्म आदि के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा रहा है। मानवाधिकारों के हनन के बारे में भी जानकारी प्राप्त की गई। इस दौरान किसी बंदी ने कोई शिकायत नहीं की। जिला न्यायाधीश ने बंदियों को निशुल्क विधिक सहायता योजना की जानकारी देते हुए बताया कि यदि किसी बंदी के प्रकरण में पैरवी के लिए अधिवक्ता नियुक्त नहीं हो तो वे जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से निशुल्क अधिवक्ता प्राप्त कर सकते है। उन्होंने बंदियों से उनके प्रकरणों में जमानत, अपील आदि के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
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इस दौरान जिला कलेक्टर प्रदीप के गवांडे, पुलिस अधीक्षक शैलेंद्रसिंह इंदौलिया, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट डॉ विमल व्यास, सीएमएचओ, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग के सहायक निदेशक, जिला शिक्षा अधिकारी, कृषि विभाग के संयुक्त निदेशक, जिला उद्योग अधिकारी, पीडब्ल्यूडी के एईएन, कारागृह प्रभारी आदि मौजूद रहे। इस मौके पर बोर्ड ने बंदियों के बैरकों, रसोई घर आदि का भी निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साफ सफाई का विशेष ध्यान रखने के निर्देश दिए गए।