नवगठित आहोर नगरपालिका के प्रथम अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए भाजपा के सुरेश प्रजापत
जालोर. जालोर जिले की पांच नगर निकाय में नवगठित आहोर नगरपालिका के प्रथम अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हो गए हैं। जबकि शेष चार निकायों में भाजपा व कांग्रेस के प्रत्याशियों के बीच सीधा मुकाबला होगा। जानकारी के मुताबिक आहोर नगरपालिका की 25 में से 13 सीट भाजपा, 8 सीट कांग्रेस व 4 निर्दलीय जीते थे। बहुमत होने के चलते भाजपा ने सुरेश प्रजापत को अध्यक्ष का प्रत्याशी बनाया। वहीं कांग्रेस ने पार्षद चुनाव हारे हुए प्रत्याशी जोगेन्द्रसिंह को अपना उम्मीदवार बनाया।
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शुक्रवार 18 सितम्बर को नाम वापसी के दिन सुबह कांग्रेस प्रत्याशी जोगेन्द्रसिंह ने अपना नामांकन वापस ले लिया। जिससे भाजपा के सुरेश प्रजापत निर्विरोध निर्वाचित हो गए। इस सफलता पर विधायक छगनसिंह राजपुरोहित ने खुशी जाहिर की। वहीं जिले के चारों निकायों में नाम वापसी के बाद सीधा मुकाबला होगा। नवगठित सायला में भाजपा के मोहनलाल मेघवाल व कांग्रेस के भोलाराम के बीच मुकाबला है। यहां भाजपा 25 में से 17 सीट जीत चुकी है। वहीं सांचौर में भी भाजपा के पुरुषोत्तम व कांग्रेस के जगदीश सारण के बीच मुकाबला है। सांचौर में 35 में से भाजपा 19 सीट जीत चुकी है। इसी प्रकार भीनमाल में भाजपा के मनोज गुप्ता व कांग्रेस के प्रेमराज बोहरा के बीच मुकाबला है। भीनमाल में 40 में से भाजपा 19 सीट जीत चुकी है, जबकि 13 निर्दलीय विजयी हुए हैं।
जालोर में दो आवेदन वापस लिए
जालोर नगरपरिषद से सभापति पद के लिए भाजपा से एकमात्र जयसिंह ने आवेदन किया था, जिन्हें पार्टी ने सिंबल दे दिया। जबकि कांग्रेस से शोभा सुंदेशा, बंशीलाल माली व मुमताज अली ने आवेदन दाखिल किए थे। इनमें से कांग्रेस ने पार्टी का सिंबल बंशीलाल माली के नाम जारी किया, इस पर संवीक्षा के दौरान रिटर्निंग अधिकारी ने निकाय चुनाव की गाइडलाइन अध्ययन करने के बाद कांग्रेस से आवेदन करने वाले शोभा सुंदेशा व मुमताज अली को निर्दलीय प्रत्याशी मान लिया। जिस पर शुक्रवार को नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि को शोभा सुंदेशा व मुमताज अली ने भी अपने नामांकन वापस ले लिए। इस पर अब जालोर नगरपरिषद सभापति पद के लिए भाजपा से जयसिंह व कांग्रेस से बंशीलाल माली के बीच सीधा मुकाबला रहा है। यहां 40 में से भाजपा 14, कांग्रेस 19 व 7 सीट निर्दलीय जीते हैं। ऐसे में निर्दलीयों का सामूहिक समर्थन अगर भाजपा प्राप्त कर पायेगी तो ही बीजेपी को बोर्ड बनाने का मौका मिल सकेगा। इसलिए भाजपा निर्दलीयों को अपने पक्ष में करने का पूरा प्रयास कर रही है।