दुर्गादास का जीवन एक दायित्व बोध की कहानी है जो हमे भी प्रेरित करती है - चांदावत
जालोर. क्षत्रिय का जीवन ही कर्तव्य पालन की कहानी है आदि काल से मध्यकाल तक संसार को मार्ग दिखाने वाले क्षत्रिय ही थे जिन्होंने अपने कर्तव्य कर्म से एक आदर्श स्थापित किया लेकिन यही क्षत्रियोचित गुण जो धीरे-धीरे समाप्त होते जा रहे है यह बात गुरुवार को आंवलोज में आयोजित क्षत्रिय युवक संघ के शिविर समापन के दौरान संभाग प्रमुख अर्जुनसिंह देलदरी ने कही। उन्होंने कहा कि उन्ही गुणो का अभ्यास इन चार दिनों में संघ ने इस शिविर के माध्यम से करवाया है और आपके जीवन मे संघ का जो बीजारोपण हुआ है उसको पल्वित पोषित करे यह पारिवारिक भाव सदैव बना रहे उसके लिए वर्तमान विषैले वातावरण से अपने आप को बचाकर रखना पड़ेगा, क्योकि इसी भाव से समाज व देश मजबूत बनेगा।
शिविर में मनाई राष्ट्रनायक दुर्गादास राठौड़ की जयंती
श्री क्षत्रिय युवक संघ के द्वारा चलाये जा रहे दायित्व बोध पखवाड़ा के तहत विक्रम संवत अनुसार चतुर्दशी को आवलोज गाँव मे जयंती मनाई गई। जिसमें अतिरिक्त कलेक्टर जालोर राजेन्द्र सिंह चाँदावत ने कहा कि महापुरुष की जयंती पर हमें उनके जीवन से एक बात अपने जीवन मे उतारनी चाहिए तभी ऐसे आयोजन का महत्व है उन्होंने आगे कहा कि दुर्गादास का जीवन एक दायित्व बोध की कहानी है जो हमे भी प्रेरित करती है कि हमारा परिवार,समाज व राष्ट्र के प्रति क्या दायित्व है। यदि हम भी हमारे कर्तव्य का पालन करे तो बहुत सारी समस्याएं अपने आप समाप्त हो जाएगी।
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शिविर प्रभारी अर्जुनसिंह देलदरी ने कहा कि तनसिंह की यही पीड़ा थी की इस कौम में ऐसे दुर्गादास जैसे महान चरित्रों का दुबारा जन्म कैसे हो यही काम संघ लगातार 80 वर्षो से सामूहिक संस्कारमय कर्म प्रणाली द्वारा करवा रहा है। शिविर में दोनों वर्ग बालक व बालिकाओं के शिविर में इन्ही गुणों का अभ्यास करवाया जाता है। समारोह को मंगल सिंह सिराणा, गजेंद्रपाल सिंह पोषाणा,भंवर सिंह थलुन्डा, नरपत सिंह आंवलोज,गोविंद सिंह रटुजा ने भी संबोधित किया।
इस अवसर पर वीरेंद्र सिंह , उगम सिंह,भान सिंह ,अर्जुनसिंह रटुजा,मंगल सिंह , गणपत सिंह माण्डवला,अभयकरण सिंह ,श्यामकरण सिंह मूडी,मोहन सिंह बालवाड़ा,नैन सिंह,भीख सिंह नरसाणा,नाथू सिंह तीखी,विक्रम सिंह,मोती सिंह ईश्वर सिंह वासण सहित बड़ी संख्या में सभी जाति वर्ग के लोग व मातृशक्ति उपस्थित थी।