जालोर में हैट्रिक बनाने से चूकी बीजेपी, बहुमत के करीब पहुंची कांग्रेस
- जिला मुख्यालय को छोड़कर सांचौर, आहोर व सायला में भाजपा को स्पष्ट बहुमत, भीनमाल निकाय में भाजपा ने बढ़त बनाई
जालोर. जालोर जिले के पांचों निकाय चुनाव की मतगणना सोमवार को शांतिपूर्ण हो गई। जालोर में नगरपरिषद में बहुमत से दोनों दल दूर रहे, लेकिन कांग्रेस ने बढ़त बनाई, जिस कारण बोर्ड बनाने का मौका कांग्रेस को मिल सकता है।
वहीं सांचौर, सायला व आहोर में भाजपा को स्पष्ट बहुमत मिला है। जबकि भीनमाल में भाजपा ने बढ़त बनाई है। अब दोनों दल चेयरमैन बनाने की मशक्कत में जुट गए हैं।
दो कार्यकाल के बाद कांग्रेस के पास बोर्ड बनाने का मौका
जालोर नगरपरिषद में इस बार कुल 40 में से कांग्रेस 19, भाजपा 14 व निर्दलीय 7 सीट जीते है। इस कारण स्पष्ट बहुमत किसी के पास नहीं है, लेकिन कांग्रेस केवल दो सीट निर्दलीयों का समर्थन लेकर बोर्ड बनाने के नजदीक है। वर्ष 2009 में चेयरमैन पद के लिए सीधे चुनाव होने के दौरान कांग्रेस चेयरमैन बना पाई थी। लेकिन उसके बाद 2014 व 2019 में भाजपा ने सभापति बनाये। 2019 में भाजपा से सभापति रहे गोविंद टांक के भाई मनोज इस बार निर्दलीय चुनाव लड़े, लेकिन हार गए। अब लगातार दो कार्यकाल से चूकी कांग्रेस के पास बोर्ड बनाने का मौका है। यहां इस बार सभापति पद अनारक्षित है।
भीनमाल में कांग्रेस से ज्यादा निर्दलीय जीते
भीनमाल के कुल 40 वार्डों में से कांग्रेस 30 वार्डों में ही चुनाव लड़ी। इस कारण कांग्रेस से अधिक संख्या में निर्दलीय जीते हैं। भाजपा ने 19 सीट जीती है, जबकि कांग्रेस 8 पर ही सिमट गई है। वहीं 13 सीटों पर निर्दलीय जीते हैं। पिछली बार यहां कम सीटें मिलने के बावजूद कांग्रेस अपना चेयरमैन बनाने में कामयाब हुई थी, अब देखना है कि इस बार कौन बाजी मारता है। अध्यक्ष पद इस बार भी अनारक्षित है।
सांचौर में विधायक जीवाराम के दम पर भाजपा ने पाया बहुमत
सांचौर में कुल 35 वार्ड है। यहां बहुमत से एक सीट अधिक जीतते हुए भाजपा ने 19 सीटें जीती है। यहां भाजपा की कमान निर्दलीय विधायक जीवाराम चौधरी के हाथों में थी, इस कारण भाजपा ने बहुमत हासिल कर लिया।
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जबकि कांग्रेस 8 व निर्दलीय भी 8 जीते। पिछली बार कांग्रेस सरकार होने के कारण चेयरमैन कांग्रेस बनाने में सफल रही थी। अबकी बार यहां अध्यक्ष पद अनारक्षित है।
आहोर में भाजपा ने पाया बहुमत
पहलीबार नगरपालिका बनी आहोर की 25 में से 13 सीट भाजपा जीती है। जबकि 8 कांग्रेस व 4 सीट निर्दलीय जीते हैं। यहां विधायक भाजपा का होने के चलते किसी प्रकार की दिक्कत आने की आशंका नहीं है। यहां अध्यक्ष पद ओबीसी के लिए आरक्षित है।
सायला में भाजपा ने पाया बहुमत
सायला पहली बार नगरपालिका बनी है। यहां कुल 25 में से भाजपा ने 17 सीट जीती है। कांग्रेस 7 व एक सीट निर्दलीय जीत सका है। यहां अध्यक्ष पद एससी के लिए रिजर्व है।