जालोर में किसानों ने आक्रोश जताया, बारिश के अभाव में फसलें बर्बाद हुई, अकाल घोषित करने की मांग
- पानी की सप्लाई नहीं होने पर किसानों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों की खिंचाई की
जालोर. भारतीय किसान संघ के बैनर तले गुरुवार को किसानों ने मलकेश्वर मठ में बैठक कर रैली के रूप में कलेक्ट्रेट पहुँच जिले में बारिश की कमी को लेकर नष्ठ हुई फसलों की समय पर गिरदावरी करवाकर आदान अनुदान व बीमा क्लेम की मांग करते हुए मुख्यमंत्री के नाम जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा।
इससे पूर्व किसानों ने कलेक्ट्रेट चैनल गेट पर ज्ञापन लेने के लिए कलेक्टर के बाहर आने आने की मांग की, हालांकि काफी देर तक बाहर नहीं आए, और उपखंड अधिकारी मनोज को ज्ञापन लेने आए, तो किसानों ने एसडीएम को ज्ञापन देने से इनकार करते हुए कलेक्टर द्वारा बाहर आने पर ही ज्ञापन देने पर अड़े।
विज्ञापन
इसके बाद कलेक्टर ने बाहर आकर ज्ञापन लिया। इस दौरान किसान संघ के खीमसिंह ने नाराजगी जताते हुए कहा कि किसान बाहर धूप में खड़ा है और अधिकारी अंदर कार्यलय से बाहर नहीं आ रहे हैं। हालांकि काफी समय तक माहौल गर्मी में गरम रहा, किसान आक्रोशित हुए लेकिन फिर मामला शांत हो गया।
जलदाय विभाग के कार्यलय में गए किसान, तो खाली कुर्सी देख हुए आक्रोशित
कलेक्टर को बारिश की कमी के कारण जल रही फसलों की गिरदावरी करवाने की मांग को लेकर ज्ञापन देने के बाद किसान पानी की समस्या को लेकर जलदाय विभाग पहुँचे, तो वहाँ कोई अधिकारी मौजूद नहीं था तो किसान अधिक आक्रोश में आ गए और खुले पड़े कार्यालयों में जाकर अधिकारियों का इंतजार करते दिखे, काफी देर बाद जलदाय विभाग के अधीक्षक अभियंता, नर्मदा के एईएन आए तो बाहर धूप में बैठकर किसानों ने उनके साथ वार्ता की, हालांकि अधिकारी कोई सक्षम जवाब नहीं दे पाए, और आश्वासन देकर किसानों को रवाना किया।
किसानों ने 7 दिन का अल्टीमेटम दिया
आक्रोशित किसानों ने जलदाय विभाग के अधिकारियों को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है, अगर सात दिन में कोई कार्यवाई या सुधार नहीं हुआ तो सात दिन बाद आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस दौरान किसान संघ के जिलाध्यक्ष रतन सिंह कानिवाड़ा, खीमसिंह, जबरसिंह तरवाड़, भारताराम, चक्रवर्ती सिंह देसु, विक्रमसिंह बादनवाडी, समेत बड़ी संख्या में किसान संघ के पदाधिकारी व किसान मौजूद थे।