जालोर में बहुमत से सात कदम दूर भाजपा ने सभापति पद के लिए जयसिंह को दिया मौका, कांग्रेस में आपसी कलह आई सामने, बंशीलाल बने उम्मीदवार
- चालीस में से भाजपा के पास 14 सीट, कांग्रेस के पास 19 व 7 निर्दलीय है पार्षद
दिलीप डूडी, जालोर. नगर निकाय चुनाव के तहत बुधवार को जालोर नगरपरिषद के सभापति पद के लिए तस्वीर साफ हो गई। भाजपा ने पार्षद जयसिंह चंपावत को सभापति पद के लिए अपना प्रत्याशी बनाया है, जबकि कांग्रेस ने पार्षद बंशीलाल माली को उम्मीदवार बनाया है। दोनों पहली बार पार्षद निर्वाचित हुए हैं। कांग्रेस इस बार 40 में से 19 सीट लेकर बहुमत के करीब है, लेकिन भाजपा को 14 सीट ही प्राप्त हो पाई है। शेष 7 सीट पर निर्दलीय जीते हुए हैं। ऐसे में निर्दलीयों का समर्थन हासिल कर बहुमत हासिल करना भाजपा के लिए चुनौती से कम नहीं है।
भाजपा से केवल एक नाम
भाजपा से सभापति पद के लिए वार्ड संख्या 33 से पार्षद निर्वाचित हुए जयसिंह चंपावत ने एकमात्र सिंबल के साथ आवेदन किया। जयसिंह इससे पहले रोडवेज से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। जयसिंह वर्ष 1998 में आहोर विधानसभा क्षेत्र से राष्ट्रीय जनता दल से विधायक का चुनाव लड़ चुके है। इसके बाद अब पार्षद का चुनाव लड़ा और जीत गए। बताया जा रहा है कि सभापति पद के लिए अनारक्षित इस सीट पर भाजपा से श्रीकांत भूतड़ा, नितिन सोलंकी भी प्रबल दावेदार बताए जा रहे थे, लेकिन सीट 14 होने और निर्दलीयों का पर्याप्त विश्वास हासिल नहीं करने के चलते भाजपा ने जयसिंह को सभापति पद का उम्मीदवार बनाया। ऐसे में मुकाबला कड़ा होने की सम्भावना जताई जा रही है।
तीन जनों से आवेदन करवाए, फिर मौका बंशीलाल को दिया
कांग्रेस ने सभापति पद के लिए शोभा सुंदेशा, मुमताज अली व बंशीलाल के आवेदन भरवाए थे, लेकिन अंतिम समय में बंशीलाल के नाम का पार्टी ने सिंबल जारी कर दिया। बताया जा रहा है कि कांग्रेस 19 सीट पाकर बहुमत के करीब है। इस कारण कांग्रेस इससे पहले तरुण सोलंकी और मुमताज अली के नाम पर विचार कर रही थी। फिर निर्दलीयों का सहयोग पाने को लेकर आपसी कलह हो गई। इस कारण अंत में कांग्रेस ने बंशीलाल माली के नाम सिंबल जारी कर दिया।
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इसके विकल्प में शोभा सुंदेशा का नाम रखा है, अगर बंशीलाल का आवेदन तकनीकी कारणों से खारिज हो जाये तो सिंबल शोभा सुंदेशा के नाम ट्रांसफर हो सकता है। बंशीलाल वर्ष 2019 में भी पार्षद चुनाव लड़े थे, लेकिन हार गए। इस बार वार्ड संख्या 25 से कांग्रेस से पार्षद निर्वाचित हुए हैं। बंशीलाल एडवोकेट है और शुरू से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं।
अब बढ़ गई क्रॉस वोटिंग की आशंका
बताया जा रहा है कांग्रेस के भीतर जो नई कलह पैदा हुई है, इससे क्रॉस वोट होने की आशंकाओं को बल दिया है। साथ ही सूत्रों के मुताबिक निर्दलीयों का भी भाजपा समर्थन हासिल करने की पूरी कोशिश में जुटी हुई है।
दोनों नेताओं की साख दांव पर
दरअसल जालोर विधायक जोगेश्वर गर्ग विधानसभा में मुख्य सचेतक है और पार्टी इस बार बहुमत से 7 सीट दूर रह गई। इस कारण उनकी किरकिरी तो हो ही रही है। वहीं कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर इस बार 19 सीट पाने के बाद भी अगर कांग्रेस का सभापति बनाने में नाकाम रहते है तो पार्टी में उनकी किरकिरी होना तय है। इस लिहाज से उम्मीद जताई जा रही है कि दोनों नेता सभापति बनाने को लेकर पूरी तरह से सजगता से निगाह बनाये हुए हैं।