जालोर के जनमत को मिला बहुमत, चार निर्दलीयों के सहयोग से कांग्रेस के बंशीलाल माली बने सभापति
दिलीप डूडी, जालोर. जोड़ तोड़ की आशंकाओं के बावजूद जालोर की जनता ने जो जनमत पार्षद चुनाव में दिया था, उसे सभापति चुनाव में भी बहुमत मिला है। सभापति के चुनाव में सोमवार को निर्दलीयों के सहयोग से कांग्रेस पार्टी बोर्ड बनाने में सफल हुई है। कांग्रेस के बंशीलाल माली नए सभापति निर्वाचित हुए हैं। यहां पर कांग्रेस के बंशीलाल को 23 और भाजपा के जयसिंह को 17 मत मिले हैं। पार्षद चुनाव में बहुमत दोनों दलों के पास नहीं था। कांग्रेस के पास 19 पार्षद जीते हुए थे, जबकि भाजपा के पास 14 पार्षद थे। वहीं सात पार्षद निर्दलीय थे। ऐसे में बोर्ड बनाने के लिए निर्दलीयों का साथ आवश्यक था, सात निर्दलीय में से चार निर्दलीय माली समाजबंधु जीते हुए थे, लिहाजा उन निर्दलीयों की मांग थी कि जो पार्टी माली समाज के जीते हुए पार्षद को जालोर की अनारक्षित सीट पर सभापति पद का उम्मीदवार बनाएगी, उसे पार्टी को वे समर्थन देंगे, बताया जा रहा है कि भाजपा ने उच्च स्तर से वार्ड चार से पार्षद बने नितिन सोलंकी के नाम पर सभापति की टिकट जारी की थी, लेकिन स्थानीय स्तर पर अचानक नाम बदलकर जयसिंह के नाम कर दी गई। वहीं कांग्रेस ने इस मौके को देखते हुए टिकट माली समाज से जीते हुए बंशीलाल को थमाकर सभापति का उम्मीदवार घोषित कर दिया। इस कारण चार निर्दलीयों का समर्थन कांग्रेस के साथ जुड़ गया और कांग्रेस 19 पार्षदों के साथ चार निर्दलीयों का सहयोग पाकर सभापति बनाने में कामयाब हुई है आपको बता दें कि वर्ष 2014 और वर्ष 2019 के निकाय चुनाव में यहां भाजपा ने बाजी मारी थी लेकिन इस बार भाजपा अपनी रणनीति बनाने में चूक कर गई इसलिए यहां पर बोर्ड बनाने में नाकाम रही। वहीं जालौर जिले की शेष चारों निकायों में भाजपा बोर्ड बनाने में सफल रही है। सांचौर में भाजपा के पुरुषोत्तम दवे, भीनमाल में भाजपा के मनोज गुप्ता, सायला में भाजपा के मोहनलाल मेघवाल व आहोर में भाजपा के सुरेश प्रजापत अध्यक्ष निर्वाचित हो चुके हैं।
मतदान करने पहले निर्दलीय पहुंचे
सभापति पद के लिए शुरू हुए मतदान करने के लिए पहले निर्दलीय पहुंचे। वार्ड 12 से निर्दलीय पार्षद कैलाश, वार्ड 7 से निर्दलीय पार्षद पपुदेवी व वार्ड 14 से निर्दलीय पार्षद मनीष भाजपा खेमे के साथ मतदान करने पहुंचे। वहीं सागर मेहर कांग्रेस खेमे के साथ पहुंचे।
विज्ञापन
इसके बाद बाड़ेबंदी में शामिल निर्दलीय पार्षद नबर्दा, बसंती व हुक्मीचंद माली कांग्रेस के 19 पार्षदों के संग मतदान करने पहुंचे। इसके बाद भाजपा के 14 पार्षद भी मतदान करने पहुंचे। निर्धारित समय दो बजे के बाद विजयी प्रत्याशी की घोषणा हुई। जिसमें बंशीलाल को 40 में से बहुमत से दो अधिक 23 मत मिले। इस कारण बंशीलाल माली को सभापति घोषित किया। विजयी घोषणा होते ही नगरपरिषद के बाहर सड़क पर लोगों का हुजूम उमड़ पड़ा और जयकारे लगाए गए। इधर, कांग्रेस नेता व राज्य जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर ने कहा कि यह जनता का निर्णय है, जनता ने चुनाव में कांग्रेस का साथ देते हुए बहुमत के करीब पहुंचाया था, ऐसे में निर्दलीयों ने भी जनता के जनमत का ख्याल रखते हुए कांग्रेस का साथ देना उचित समझा। पाराशर ने कहा कि शहर के विकास के लिए नए सभापति सभी पार्षदों को साथ लेकर रणनीति बनाकर काम करेंगे।