गैर-ऋणी व बंटाईदार किसानों की फसल बीमा पॉलिसियों का होगा फील्ड सत्यापन
- जालौर में संयुक्त निदेशक डॉ. खुमान सिंह रूपावत ने दिए कड़े निर्देश
- 100% CCE ऑनलाइन App से फसल कटाई प्रयोग करने, खेत तलाई व सूक्ष्म सिंचाई संयंत्र अपनाने तथा दस्तावेजों के भौतिक सत्यापन के आदेश
जालोर. प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के पारदर्शी क्रियान्वयन एवं खरीफ फसलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए संयुक्त निदेशक कृषि (विस्तार) डॉ. खुमान सिंह रूपावत द्वारा जालौर जिले के विभिन्न क्षेत्रों का सघन दौरा किया गया। डॉ. रूपावत ने जिले के सायला, बागोड़ा, झाब, चितलवाना, सांचौर, भीनमाल एवं रामसीन क्षेत्रों का व्यापक भ्रमण कर खरीफ फसलों—बाजरा, ग्वार, तिल, मूंग एवं मूंगफली की स्थिति की समीक्षा की तथा फील्ड में चल रहे फसल कटाई प्रयोगों (CCE) का गहन निरीक्षण किया।
आनखोल व जेलतरा में फसल कटाई प्रयोगों का निरीक्षण:
निरीक्षण के दौरान चितलवाना ब्लॉक के आनखोल (Ankhol) गांव में प्राथमिक कार्यकर्ता श्री प्रेम चंद चुला (कृषि पर्यवेक्षक) द्वारा किए जा रहे फसल कटाई प्रयोग की समीक्षा की गई एवं खेत चयन (Selection) की प्रक्रिया का जायजा लिया गया। इसी तरह सांचौर क्षेत्र के जेलतरा (Jelatara) गांव में प्राथमिक कार्यकर्ता श्री दशरथ चौधरी (कृषि पर्यवेक्षक) द्वारा संपादित किए जा रहे फसल कटाई प्रयोग का प्रत्यक्ष अवलोकन एवं निरीक्षण किया गया।
जल संरक्षण व सूक्ष्म सिंचाई हेतु कृषकों को सुझाव:
क्षेत्रीय भ्रमण व निरीक्षण के दौरान संयुक्त निदेशक डॉ. खुमान सिंह रूपावत ने उपस्थित किसानों से विस्तृत चर्चा की। उन्होंने वर्षा जल संरक्षण हेतु खेतों में खेत तलाई (Farm Pond) निर्माण का सुझाव दिया। इसके साथ ही सिंचाई जल की बचत एवं प्रभावी उपयोग हेतु सूक्ष्म सिंचाई संयंत्रों (Micro Irrigation) जैसे—फव्वारा (Sprinkler), मिनी स्प्रिंकलर तथा ड्रिप सिंचाई (Drip Irrigation) संयंत्र स्थापित करने के लिए कृषकों को प्रेरित किया।

विज्ञापन
CCE ऑनलाइन App व खसरा चयन के निर्देश:
संयुक्त निदेशक ने फील्ड स्टाफ को सख्त निर्देश दिए कि सभी फसल कटाई प्रयोग अनिवार्य रूप से शत-प्रतिशत CCE ऑनलाइन App के माध्यम से ही संपादित किए जाएं तथा खसरा चयन प्रक्रिया में फसल कटाई प्रयोग मार्गदर्शिका के नियमों का पूरी तरह से पालन किया जावे।
बीमा पॉलिसी एवं दस्तावेजों का सत्यापन:
उन्होंने गैर-ऋणी एवं बंटाईदार किसानों की बीमा पॉलिसी में संलग्न दस्तावेजों तथा धरातल पर बोई गई फसलों के भौतिक सत्यापन के निर्देश दिए। मौके पर मौजूद बीमा कंपनी के तहसील कॉर्डिनेटर से प्रगति रिपोर्ट ली गई तथा चेतावनी दी गई कि किसी भी प्रकार की अनियमितता मिलने पर सख्त नियमानुसार कार्यवाही की जाएगी। भ्रमण एवं निरीक्षण के दौरान सांख्यिकी अधिकारी श्री विष्णु कुमार, कृषि पर्यवेक्षक, प्राथमिक कार्यकर्ता एवं बीमा कंपनी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।