पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में विधान परिषद की आवश्यकता जताई, बोले- मैं देश का अतिसन्तुष्ट पॉलिटिशियन हूं, मुझे बिना मांगे सब कुछ दिया

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राजस्थान में विधान परिषद की आवश्यकता जताई, बोले- मैं देश का अतिसन्तुष्ट पॉलिटिशियन हूं, मुझे बिना मांगे सब कुछ दिया
  • जालोर दौरे पर रहे पूर्व सीएम गहलोत, पाराशर के पिता के निधन पर परिवार को बंधाया ढांढस

जालोर. पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत रविवार देर रात जालोर पहुंचे, जहां उन्होंने सर्किट हाउस में रात्रि विश्राम किया। सोमवार सुबह गहलोत जन अभाव अभियोग निराकरण समिति के पूर्व अध्यक्ष पुखराज पाराशर के पिता के निधन पर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित कर परिवार को दुख की इस घड़ी में ढांढस बंधाया। इसके बाद गहलोत सीधे नए बने राजीव गांधी (कांग्रेस कार्यालय) भवन का अवलोकन करने गए, जहां उन्होंने भवन का निरीक्षण किया, इसके बाद मीडिया से बातचीत करते हुए गहलोत ने पहली बार खुले तौर पर राजस्थान में विधान परिषद की आवश्यकता जताई। अशोक गहलोत ने कहा कि राज्य में मुख्यमंत्री समेत मंत्री काम नहीं कर पा रहे हैं।

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इसलिए मैंने सुझाव दिया था कि राजस्थान में विधान परिषद होनी चाहिए और इसके लिए मैंने प्रस्ताव भेजा था, लेकिन वो कुछ कारणों से दिल्ली में अटक गया था, अब राजस्थान में पेंडिंग पड़ा है। मैंने दो महीने पहले मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है कि जो हमारा प्रस्ताव पेंडिंग पड़ा है उसको अब डबल इंजन की सरकार में आगे बढ़ा दो और विधान परिषद का गठन करवा दो, क्योंकि इसमें कई बुद्धिजीवी लोगों को मौका मिलेगा। 

मुझे बिना मांगे सबकुछ दिया

साथ ही कहा कि मैं देश का अतिसन्तुष्ट पॉलिटिशियन हूं, मुझे बिना मांगे सब कुछ दिया गया। उन्होंने कहा कि उन्हें सोनिया गांधी और राहुल गांधी ने तीन तीन बार मुख्यमंत्री बनाया, वो भी पूरे पांच-पांच साल के लिए, बिना मांगे सबकुछ दिया, अब मै क्यों मांगू, जब मुझे बिना मांगे सबकुछ दिया है। मेरा फर्ज बनता है कि मै क्यों कुछ मांगू, पार्टी और हाईकमान जो जिम्मेदारी मुझे देगी, जहां मुझे भेजेगी मैं काम करने को तैयार हूं। उन्होंने सीएम की रात्रि चौपाल को लेकर कहा कि इसमें कुछ सलेक्टेड लोगों से बात हो रही है। जबकि होना यह चाहिए था कि गांव वालों की समस्याओं को सुनते और उसका निराकरण करते, क्योंकि मुख्यमंत्री के आने से उस गांव में बहुत कुछ काम हो सकता है। 

कायदा बनता है कि सरकार बर्खास्त हो

गहलोत ने सरकार द्वारा नगर निकाय और पंचायती राज चुनाव नहीं कराने पर कहा कि धीरे धीरे लोकतंत्र को खत्म किया जा रहा है संविधान यह कहता है कि समय पर चुनाव कराना जरूरी है। उन्होंने कहा कि कायदा यह बनता है कि सरकार बर्खास्त हो। रिफायनरी में देरी से लागत बढ़ने के पीछे भाजपा को जिम्मेदार ठहराया। 

सर्किट हाउस में मिलने पहुंचे समर्थक, चौथी बार सीएम बनने के लगाए नारे

रविवार देर रात जालोर पहुंचे अशोक गहलोत से मिलने के लिए बड़ी संख्या में समर्थक सुबह सर्किट हाउस पहुंचे, काफी देर बाद गहलोत जब कमरे से बाहर आए तो उन्होंने एक एक से मिलना शुरू किया और माला पहनी। इस दौरान समर्थकों में काफी जोश देखा गया। समर्थक अशोक गहलोत जिंदाबाद और चौथी बार गहलोत सरकार जैसे नारे लगे।

कांग्रेस नेता पाराशर के पिता के निधन पर शोक व्यक्त किया

पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोमवार सुबह पूर्व मंत्री( दर्जा प्राप्त) पुखराज पाराशर के पिता के निधन पर उनके पैतृक घर पहुंच कर परिवार के प्रति संवेदनाएं प्रकट की। वहाँ गहलोत करीब 15 मिनट रुके, इस दौरान भैरुनाथ अखाड़ा के गादीपति गंगानाथ महाराज भी मौजूद थे। अशोक गहलोत ने उनसे आशीर्वाद लिया। इसके बाद गहलोत सीधे राजीव गांधी भवन के लिए रवाना हुए। जहां उन्होंने नए बने राजीव गांधी भवन का अवलोकन किया और जानकारी प्राप्त की। 

इस दौरान जिलाध्यक्ष रमीला मेघवाल, पूर्व मंत्री सुखराम विश्नोई, पूर्व जिलाध्यक्ष भंवरलाल मेघवाल, पीसीसी सदस्य सवाराम पटेल, संगठन महासचिव वीरेंद्र जोशी, एससी मोर्चा जिलाध्यक्ष ख़साराम मेघवाल, अल्पसंख्यक मोर्चा जिलाध्यक्ष जाकिर खान, सेवादल जिलाध्यक्ष भेरूपाल सिंह दासपां, जिला प्रवक्ता योगेंद्रसिंह कुम्पावत, सायला ब्लॉक अध्यक्ष सवाईसिंह चौराऊ, आहोर ब्लॉक अध्यक्ष गजेंद्रसिंह डोडियाली, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष सीएल गहलोत, एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुष्मिता गर्ग, रमेश सोलंकी, रमेश देवासी भीनमाल, कृष्ण कुमार वणिका, सुल्तान खान भाटी, महेंद्र सोनगरा, प्रेमसिंह मीठड़ी, पीरसिंह मालपुरा समेत बड़ी संख्या में कांग्रेसी मौजूद थे।