अच्छे स्पर्श व बूरे स्पर्श का फर्क समझो और सुरक्षित रहो-न्यायाधीश
- यदि कोई बेड टच करे तो उसका विरोध करे बालिकाएं-
- ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत न्यायिक अधिकारियों ने आयोजित किए जागरूकता कार्यक्रम
जालोर. राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधश बन्नालाल जाट के निर्देशन में ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत मंगलवार को जिले के न्यायिक अधिकारियों ने स्कूलांे में विद्यार्थियों को अच्छे स्पर्श व बूरे स्पर्श के बारे में जानकारी दी। अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश डॉ संजय कुमार गुप्ता ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय उण में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया।
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इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों को अच्छे स्पर्श और बूरे स्पर्श के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए अच्छे और बूरे स्पर्श में फर्क समझाया। उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी को बूरी नजर से देखता है, छूता है, घूरता है तो इसका विरोध करना चाहिए और अपने अध्यापकों, रिश्तेदारों या घरवालों को इसकी जानकारी देनी चाहिए। उन्होंने विशेषकर बालिकाओं को कहा कि यदि कोई व्यक्ति उन पर बूरी नजर रखता हो, बूरा स्पर्श करने की कोशिश करता हो तो बिना डरे इसका विरोध करना चाहिए। इस दौरान उन्होंने यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम, किशोर न्याय बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम, भारतीय न्याय संहिता 2023 के बारे में भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने दुर्व्यवहार का अर्थ, दुर्व्यवहार के प्रकारों के बारे में भी विस्तार से बताया। इसी प्रकार जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश उमेश वीर ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गोदन में जागरूकता शिविर का आयोजन किया।
इस दौरान उन्होंने गुड टच और बेड टच के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि यदि कोई जानबूझकर बार बार बेड टच करता है तो ऐसे व्यक्ति से सतर्क रहना चाहिए और बिना डरे इसका विरोध करना चाहिए और अपने गुरूजनों या परिवारजनों को इसके बारे में बताना चाहिए। उन्होंने विशेषकर बालिकाओं का कहा कि यदि कोई व्यक्ति बार बार किसी का पीछा करता है, घूरकर देखता है, बूरी नजरों से देखता है, परेशान करता है तो उन्हें घबराना नहीं है ना ही उनसे डरना है बल्कि इस बारे में अपने परिवारवालों को जरूर बताना है। इस दौरान उन्होंने मोबाइल का उपयोग भी जहां तक हो सके नहीं करने की सलाह दी। फेसबुक, इंस्टाग्राम आदि सोशल मीडिया प्लेटफार्म के दुष्परिणामों के बारे मंे बताते हुए उपयोग नहीं करने की सलाह दी। उन्होंने पोक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से बताते हुए इसमें सजा के प्रावधानों की जानकारी दी। इस दौरान सचिव ने ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के बारे मंे विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली के बारे में भी विस्तार से बताया। इस दौरान प्रधानाचार्य मनोहरलाल ने भी संबोधित किया। इसी प्रकार सीजेएम विमल व्यास ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सामतीपुरा में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने उपस्थित बालकों को पोक्सो एक्ट के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए इसमें सजा के प्रावधानों की जानकारी जानकारी दी। उन्होंने गुड टच और बेड टच के बारे में भेद बताते हुए कहा कि यदि कहीं पर अपना शोषण हो रहा हो तो इसके खिलाफ आवाज उठाते हुए स्वयं अपना रक्षक बनना चाहिए। उन्होंने कहा कि अच्छे और बुरे स्पर्श के बारे में फर्क समझते हुए सुरक्षित रहना चाहिए। इस दौरान प्रधानाचाय नारायणलाल चौधरी भी मौजूद रहे। इसी प्रकार एसीजेएम संख्या 1 राजेंद्रसिंह चारण ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय सरदारगढ खेडा में विद्यार्थियों को जागरूक किया। उन्होंने पोक्सो अधिनियम में विभिन्न अपराधों पर सजा के प्रावधानों के बारे में विस्तार से बताया। उन्होंने गुड टच और बेड टच के भेद भी बताए।
उन्होंने कहा कि यदि कोई व्यक्ति किसी महिला या बालिका को गंदी बातें करें, गलत इशारे करें, फोटो मांगे तो भी यौन उत्पीडन की श्रेणी में बाता है। इस दौरान प्रधानाचार्य मदनलाल गर्ग भी मौजूद रहे। इसी प्रकार एसीजेएम संख्या 2 जालोर दिव्या गोदारा ने राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय देचू मंे जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। उन्होंने पोक्सो अधिनियम, बालकों की देखरेख और संरक्षण अधिनियम के बारे में भी विस्तार से बताते हुए विभिन्न अपराधों पर सजा के प्रावधानों के बारे में बताया। उन्होंने मानसिक और भावनात्मक दुर्व्यवहार के बारे में भी विस्तार से बताया। इसी प्रकार न्यायिक मजिस्ट्रेट रेखा चौधरी ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय मीठडी में विधिक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन कर बालिकाओं को गुड टच और बेड टच के बारे मंे जानकारी देते हुए कहा कि यदि कोई उनके साथ गलत इरादे से टच करता है तो उसका विरोध करना चाहिए इसकी जानकारी अपनी अध्यापिकाओं या परिवारजनों को देनी चाहिए। इस दौरान प्रधानाचार्य चेतन कुमार मौजूद रहे।