शोभायात्रा में नाथ संप्रदाय के संत-महंत, श्रद्धालु, महिलाएं, युवा एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे मार्ग में श्रद्धालु "जय भैरुनाथ", "पीर गंगानाथ महाराज की जय" तथा "अलख निरंजन" के जयकारे लगाते हुए चल रहे थे, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय और उत्साहपूर्ण हो उठा।शोभायात्रा भैरुनाथ जी के अखाड़े से रवाना होकर तिलक द्वार, हरिदेव जोशी सर्कल, अस्पताल सर्कल, सूरजपोल, भीनमाल रोड, थर्डफेस, रेवत और भागली सहित विभिन्न मार्गों एवं गांवों से होती हुई बैरठ गांव पहुंची। यात्रा मार्ग में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर पीरजी का स्वागत किया तथा दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। अनेक स्थानों पर श्रद्धालुओं ने आरती उतारकर मंगलकामनाएं व्यक्त कीं।इधर बैरठ गांव में भी चातुर्मास को लेकर विशेष उत्साह देखने को मिला। गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु और ग्रामीण जालोर स्थित भैरुनाथ जी के अखाड़े पहुंचे तथा पीर गंगानाथ महाराज का श्रद्धापूर्वक स्वागत करते हुए उन्हें बैरठ गांव ले गए। पूरे मार्ग में भक्तों का उत्साह देखते ही बन रहा था।
चातुर्मास सेवा समिति के व्यवस्थापक पारसमल परमार ने बताया कि बैरठ में आयोजित होने वाले चातुर्मास के दौरान प्रतिदिन धार्मिक प्रवचन, सत्संग, भजन-कीर्तन, गुरु दर्शन एवं अन्य धार्मिक आयोजनों का क्रम चलेगा। उन्होंने अधिक से अधिक धर्मप्रेमियों से चातुर्मास में पहुंचकर धर्मलाभ लेने का आह्वान किया।उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए अंसारी एवं काजी ट्रेवल्स की ओर से चातुर्मास के लिए पांच बसों की निशुल्क व्यवस्था की गई है। इस सेवा के माध्यम से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आसानी से बैरठ पहुंच सकेंगे। इस सराहनीय पहल की सभी धर्मप्रेमियों ने मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए ट्रेवल्स संचालकों का आभार व्यक्त किया।नाथ संप्रदाय की परंपरा में चातुर्मास का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। इस दौरान संत-महात्मा एक स्थान पर निवास कर धर्मसभा, सत्संग, भजन-कीर्तन, प्रवचन एवं धार्मिक आयोजनों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक जीवन का संदेश देते हैं। बैरठ गांव में आगामी चार माह तक विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन होगा, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।महंत पीर गंगानाथ महाराज के चातुर्मास प्रस्थान को लेकर जालोर से लेकर बैरठ गांव तक श्रद्धा, आस्था और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। पूरे दिन धार्मिक माहौल बना रहा और नाथ संप्रदाय के जयकारों से जालोर शहर गुंजायमान होता रहा।