एमसीएचएन दिवस पर 465 गर्भवती महिलाओं की जांच एवं 1040 बच्चों का हुआ टीकाकरण
- हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं पर रहा विशेष फोकस
जालोर. चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग द्वारा गुरुवार को जिलेभर में मातृ शिशु स्वास्थ्य एवं पोषण दिवस (एमसीएचएन-डे) के तहत विशेष स्वास्थ्य सत्र आयोजित किए गए। जिले के विभिन्न उप स्वास्थ्य केन्द्रों, स्वास्थ्य संस्थानों एवं आंगनबाड़ी केन्द्रों पर आयोजित सत्रों में गर्भवती महिलाओं की प्रसव पूर्व जांच, बच्चों का नियमित टीकाकरण तथा पोषण संबंधी सेवाएं प्रदान की गईं। इस दौरान 465 गर्भवती महिलाओं की स्वास्थ्य जांच की गई, 1040 बच्चों का टीकाकरण किया गया तथा हाई रिस्क प्रेग्नेंसी (एचआरपी) वाली गर्भवती महिलाओं की पहचान कर उन्हें विशेष निगरानी एवं नियमित फॉलोअप में लिया गया।

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मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. भैराराम जाणी ने बताया कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने तथा प्रत्येक पात्र लाभार्थी तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने के उद्देश्य से जिलेभर में नियमित रूप से एमसीएचएन-डे का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हाई रिस्क गर्भवतियों की समय पर पहचान कर उनका उपचार एवं फॉलोअप सुनिश्चित करना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
जिला प्रजनन एवं शिशु स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजकुमार बाजिया ने बताया कि सत्रों में गर्भवती महिलाओं का रक्तचाप, हीमोग्लोबिन, वजन सहित अन्य आवश्यक स्वास्थ्य परीक्षण किए गए। आवश्यकता अनुसार आयरन, कैल्शियम एवं अन्य दवाइयां उपलब्ध कराई गईं तथा संतुलित आहार, प्रसव पूर्व सावधानियां और संस्थागत प्रसव के प्रति जागरूक किया गया। वहीं बच्चों को आयु के अनुसार सभी आवश्यक टीके लगाए गए तथा उनके पोषण स्तर की भी निगरानी की गई।
सत्रों के दौरान जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने एमसीएचएन सत्रों का औचक निरीक्षण कर टीकाकरण, एएनसी सेवाओं, दवा उपलब्धता, रिकॉर्ड संधारण एवं लाभार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं का जायजा लिया। अधिकारियों ने स्वास्थ्यकर्मियों को प्रत्येक पात्र गर्भवती महिला एवं बच्चे तक सेवाओं की शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने तथा गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।