ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार

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DDT Team Verified Local Voice • 01 Aug, 2026 Chief Editor
Oct 13, 2026 • 6:46 PM  0
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ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार
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ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत न्यायिक अधिकारियों ने विद्यार्थियों को बताए कानूनी अधिकार

जालोर। राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार जिले के न्यायिक अधिकारियों ने मंगलवार को ट्रांसफॉर्मेटिव ट्यूसडे कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। जिला एवं सेशन न्यायाधीश बन्नालाल जाट ने ग्लोबल फिनिक्स स्कूल में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने विद्यार्थियों को कहा कि अपने अधिकारों के लिए आवाज उठाओ, अपनी सुरक्षा के लिए मजबूती से खडे रहो। इस दौरान उन्होंने निशुल्क अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के बारे में बताते हुए कहा कि यह अधिनियम सुरक्षित भवन, शौचालय, पेयजल और खेल मैदान उपलब्ध करवाने का प्रावधान करता है, यदि स्कूल सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करते है तो राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण या जिला विधिक सेवा प्राधिकरण निशुल्क विधिक सहायता प्रदान करते है। उन्हांेंने आरटीई के अधिनियम के बारे में विस्तार से बताते हुए कहा कि निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 यह सुनिश्चित करता है कि 6 से 14 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निशुल्क, अनिवार्य, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव उमेश वीर ने राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय प्रताप चौक में शिविर का आयोजन किया।

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इस दौरान उन्होंने कहा कि प्रत्येक व्यक्ति को अपने अधिकारों के लिए डटकर मुकाबला करना चाहिए साथ ही अपनी सुरक्षा के लिए प्रत्येक विद्यार्थी को मजबूती से खडा होना चाहिए। उन्होंने आरटीई अधिनियम के बारे में बताते हुए कहा कि प्रत्येक बच्चे को निकटवर्ती विद्यालय में प्रवेश का अधिकार है, दस्तावेजों की कमी के कारण प्रवेश से इनकार नहीं किया जा सकता है साथ ही प्रवेश के समय कोई परीक्षा या साक्षात्कार भी नहीं लिया जा सकता। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यालय में सुरक्षित एवं मजबूत विद्यालय भवन होना चाहिए, स्वच्छ एवं सुरक्षित पेयजल होना चाहिए। विद्यालय में शारीरिक दंड एवं मानसिक उत्पीडन पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है। विद्यालय में जाति, लिंग, धर्म, दिव्यांगता या आर्थिक स्थिति के आधार पर भेदभाव नहीं किया जा सकता। उन्होंने बताया कि विद्यालय में अधिकारों का उल्लंघन होता है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, या 1098 चाइल्डलाइन पर शिकायत दर्ज की जा सकती है। इस दौरान उन्होंने जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से चलाए जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों, योजनाओं के बारे में विस्तार से जानकारी दी। 

इसी प्रकार सीजेएम डॉ विमल व्यास ने रॉयल एकेडमी स्कूल में शिविर का आयोजन किया गया। उन्होंने निशुल्क शिक्षा के अधिकार के बारे में विस्तार से जानकारी दी और कहा कि सुरक्षित स्कूल आपका अधिकार है। स्कूल अवसंरचना में वे सभी सुविधाएं है जो सुरक्षित, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए आवश्यक होती है, इसमें किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए। एसीजेएम राजेंद्रसिंह चारण ने महात्मा गांधी राजकीय सीनियर सैंकडरी स्कूल शिवाजी नगर में कार्यक्रम का आयोजन किया। इसी प्रकार एसीजेएम दिव्या गोदारा ने वीआर गुरूकुल स्कूल और जेएम रेखा चौधरी ने सेंट पोल स्कूल में विधिक जागरूकता शिविर का आयोजन कर विद्यार्थियों को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने का आह्वान किया तथा निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा अधिनियम के बारे में विस्तार से जानकारी दी।

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