नर्सिंग और पैरामेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने का सपना देख रहे छात्रों के लिए अच्छी खबर
- नर्सिंग, फार्मेसी और पैरामेडिकल कोर्सेज के लिए मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी की केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया प्रारंभ
- राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय जालोर को मिली मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी जोधपुर की संबद्धता
जालोर. मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट 'एमएमयूईटी-यूजी' 2026 का रिज़ल्ट आधिकारिक तौर पर घोषित किया जा चुका है। विश्वविद्यालय द्वारा पहली बार स्वयं के स्तर पर प्रवेश परीक्षा जुलाई के प्रथम सप्ताह में आयोजित की गई थी। इस बार मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी जोधपुर सत्र 2026-27 की केंद्रीयकृत प्रवेश प्रक्रिया स्वयं के स्तर पर संचालित करेगा, जिससे विद्यार्थियों को बेहतर प्रवेश सुविधा और पारदर्शिता मिल सकेगी। यूनिवर्सिटी द्वारा 'एमएमयूईटी-यूजी' परीक्षा आयोजित करने से छात्रों को आरयूएचएस के अलावा एक अतिरिक्त और स्थानीय अवसर प्राप्त हुआ है। प्रवेश परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को जोधपुर संभाग के विश्वविद्यालय से संबद्ध करीब 80 राजकीय एवं निजी नर्सिंग कॉलेजों में प्रवेश दिया जाएगा। मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय की इस नई व्यवस्था के तहत बीएससी नर्सिंग, बी. फार्मेसी, बीपीटी, बीएमआरआईटी, बीएमएलएस और बी. ऑप्टोमेट्री जैसे कोर्सेज में प्रवेश इसी कॉमन एंट्रेंस टेस्ट के जरिए होगा। एंट्रेंस एग्ज़ाम में शामिल होने वाले उम्मीदवार अब अपने रजिस्टर्ड लॉगिन क्रेडेंशियल्स का इस्तेमाल करके आधिकारिक कैंडिडेट पोर्टल के ज़रिए अपना स्कोरकार्ड डाउनलोड कर सकेंगे।स्कोरकार्ड उपलब्ध होने के बाद, एडमिशन प्रक्रिया ऑनलाइन काउंसलिंग के चरण में आगे बढ़ेगी, जिसमें योग्य उम्मीदवार उपलब्ध प्रोग्राम्स के लिए चॉइस फिलिंग और सीट अलॉटमेंट में हिस्सा लेंगे। विद्यार्थियों और अभिभावकों में इस नई प्रवेश प्रक्रिया को लेकर उत्साह देखा जा रहा है क्योंकि इससे मेडिकल शिक्षा में प्रवेश की प्रक्रिया पहले के मुकाबले अधिक व्यवस्थित और आसान होने की उम्मीद है। नई व्यवस्था के बाद जोधपुर संभाग सहित राजस्थान के 23 जिलों के मेडिकल कॉलेज, नर्सिंग और पैरामेडिकल संस्थान अब इसी विश्वविद्यालय के अधीन आते हैं। इन जिलों की शैक्षणिक व्यवस्थाओं के अधिकार मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी को दिए गए हैं। जिन जिलों के कॉलेज यूनिवर्सिटी से जोड़े गए हैं,उनको अब आरयूएचएस जयपुर की बजाय मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी से मान्यता लेनी होगी।

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मारवाड़ मेडिकल यूनिवर्सिटी ने अपने क्षेत्राधिकार के मेडिकल, नर्सिंग, और पैरामेडिकल कॉलेजों में नियमित निरीक्षण और निरीक्षण समितियों का गठन किया है। इसके तहत यह विश्वविद्यालय सत्र की शुरुआत से पहले कॉलेजों में सुविधाओं, फैकल्टी और बुनियादी ढांचे की जांच करता है। विश्वविद्यालय के 'बोर्ड ऑफ इंस्पेक्शन' द्वारा गठित टीमों द्वारा निरीक्षण प्रक्रिया में टीम कॉलेजों के प्रबंधन एवं शिक्षकों के शैक्षणिक दस्तावेज ,भूमि, भवन, पुस्तकालय, वित्त और अस्पताल में उपलब्ध संसाधनों की जांच करती है। निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर ही द्वारा राज्य के नर्सिंग कॉलेजों को संबद्धता प्रदान की जाती है।इन निरीक्षणों का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि कॉलेजों में भारतीय नर्सिंग परिषद न्यू दिल्ली एवं राजस्थान नर्सिंग कौंसिल जयपुर के मानकों के अनुरूप कॉलेज में सभी सुविधाएं उपलब्ध हों ताकि छात्रों को बेहतर नर्सिंग शिक्षा मिल सके।
जालोर नर्सिंग कॉलेज को मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय से मिली मान्यता

इसी क्रम में यूनिवर्सिटी की निरीक्षण टीम द्वारा जून माह में राजकीय नर्सिंग महाविद्यालय जालोर का निरीक्षण किया गया था। विश्वविद्यालय निरीक्षकों की टीम द्वारा सघन निरीक्षण के पश्चात् राजकीय नर्सिंग कॉलेज जालोर को मारवाड़ मेडिकल विश्वविद्यालय की मान्यता प्रदान की गई है। राजकीय नर्सिंग कॉलेज में अध्ययनरत एवं प्रवेशित बीएससी नर्सिंग कोर्स की पढ़ाई करने वाले छात्र-छात्राओं के लिए यह एक अच्छी खबर है। मान्यता मिलने से अब कॉलेज ऑफ नर्सिंग में अध्ययनरत प्रशिक्षणार्थियों को अपना कोर्स पूरा करने के पश्चात जोधपुर संभाग में ही आर यू एच एस जयपुर के समान अवसर मिल सकेंगे। गौरतलब हैं राजकीय नर्सिंग कॉलेज जालोर को भारतीय नर्सिंग परिषद (आईएनसी) नई दिल्ली, राजस्थान यूनिवर्सिटी ऑफ़ हेल्थ साइंसेज़ जयपुर एवं राजस्थान नर्सिंग काउंसिल जयपुर से मान्यता प्राप्त संस्थान हैं ।इस दौरान समस्त फैकल्टीज द्वारा कॉलेज प्राचार्य डॉ.पवन ओझा एवं प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ.वेद प्रकाश मीणा का अभिनंदन किया गया। पीएमओ डॉ.वेदप्रकाश मीणा ने इस अवसर पर प्राचार्य समेत समस्त फैकल्टीज कार्यशैली एवं टीम प्रबंधन की प्रशंसा करते हुए संस्थान के सभी कर्मचारियों एवं प्रशिक्षणार्थियों को शुभकामनाएँ दी। उन्होंने बताया कि नई पॉलिसी के तहत नर्सिंग संस्थान में बेहतर एकेडमिक, इंफ्रास्ट्रक्चर के साथ यूनिवर्सिटी और आईएनसी के मापदण्डों को पूरा रखने पर फोकस किया जाएगा।