मोदरान में ठहरी ‘भगत की कोठी–चेन्नई’ सुपरफास्ट, 120 गांवों के प्रवासियों का वर्षों का सपना साकार

मोदरान में ठहरी ‘भगत की कोठी–चेन्नई’ सुपरफास्ट, 120 गांवों के प्रवासियों का वर्षों का सपना साकार
  • सांसद लुंबाराम चौधरी व पैसेन्जर यात्री गाड़ी अध्यक्ष हीराचन्द भंडारी ने दिखाई हरी झंडी

जालोर. जालोर जिले के मोदरान क्षेत्र के लिए अक्षय तृतीया सोमवार का दिन ऐतिहासिक साबित हुआ, जब भगत की कोठी–एमजीआर चेन्नई सेंट्रल सुपरफास्ट (आशापुरी एक्सप्रेस) का मोदरान रेलवे स्टेशन पर नियमित ठहराव शुरू हो गया। उत्तर पश्चिम रेलवे के इस निर्णय से क्षेत्र के प्रवासियों और स्थानीय जनता के वर्षों पुराने संघर्ष को बड़ी सफलता मिली है।

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अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर आयोजित भव्य समारोह में जालोर सांसद लुंबाराम चौधरी और राजस्थान विधानसभा के मुख्य सचेतक एवं जालोर विधायक जागेश्वर गर्ग व पैसेन्जर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष हीराचन्द भंडारी ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस दौरान हजारों ग्रामीणों की मौजूदगी ने इस पल को ऐतिहासिक बना दिया।

120 गांवों के प्रवासियों को बड़ी राहत

मोदरान में ठहराव शुरू होने से आसपास के करीब 120 गांवों के उन प्रवासियों को सीधा लाभ मिलेगा, जो रोजगार और व्यापार के लिए दक्षिण भारत, विशेषकर चेन्नई में निवास करते हैं। अब यात्रियों को जालोर या भीनमाल जाकर ट्रेन पकड़ने की मजबूरी से राहत मिलेगी।

संघर्ष का मिला फल, वर्षों की मेहनत रंग लाई

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक जागेश्वर गर्ग ने कहा कि यह ठहराव क्षेत्र की संघर्ष समितियों के वर्षों के परिश्रम, त्याग और जनआंदोलन का परिणाम है। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस मांग को लेकर धरना-प्रदर्शन और ‘रेल रोको’ आंदोलन भी करना पड़ा, जिसमें कई कार्यकर्ताओं पर मुकदमे तक चले, लेकिन संघर्ष जारी रहा। इस मांग को मनवाने में श्री आशापुरी माताजी संघर्ष समिति (मोदरान), जालोर पैसेंजर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति, सुंधा रेल संघर्ष समिति और दक्षिण भारत प्रवासी संघर्ष समिति की अहम भूमिका रही।

संघर्ष समिति के नेतृत्व को मिली सफलता

समिति के अध्यक्ष रतन सिंह सोढा राजपुरोहित, उपाध्यक्ष जगमाल सिंह राजपुरोहित, बद्रीदान चारण एवं हीराचंद भंडारी के नेतृत्व में रेल मंत्रालय और अधिकारियों को लगातार ज्ञापन व पत्र भेजे गए। इसी का परिणाम है कि आज मोदरान को यह महत्वपूर्ण ठहराव मिला। वहीं सांसद लुंबाराम चौधरी ने कहा कि यह उपलब्धि 120 गांवों की जनता, श्री आशापुरी माताजी की कृपा और संघर्ष समिति के युवाओं के अथक प्रयासों का नतीजा है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक इस ट्रेन का फायदा लेने की अपील की।

विकास और नई ट्रेनों को लेकर बड़ी घोषणाएं

सांसद ने बताया कि मोदरान स्टेशन को अमृत भारत योजना में शामिल कर बाजार और आबादी क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। स्टेशन भवन और अन्य सुविधाओं से जुड़ी समस्याओं का समाधान भी किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि भुज–जालोर–पाली–दिल्ली ट्रेन जल्द शुरू की जाएगी। जैसे ही रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव का कार्यक्रम तय होगा, जालौर से ही इस ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया जाएगा। साथ ही छोटे स्टेशनों को जोड़ने के लिए लोकल ट्रेनों की संख्या बढ़ाने की बात भी कही गई।

इस प्रकार रहेगा ट्रेन का आवागमन

रेलवे द्वारा जारी समय के अनुसार चेन्नई की ओर जाने वाली ट्रेन सुबह 08:24 बजे मोदरान पहुंचेगी, भगत की कोठी (जोधपुर) की ओर जाने वाली ट्रेन सुबह 07:47 बजे मोदरान पहुंचेगी। समारोह के दौरान रेलवे के एडीआरएम करणीराम, जसवंतपुरा उपखंड अधिकारी, तहसीलदार सहित कई प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। वहीं समाजसेवी शिवनाथ सिंह राजपुरोहित, दीपसिंह धनानी, अशोक सिंह सेरना, रावतसिंह परमार, भवानीसिंह, जालमसिंह मोदरान, रंजीतसिंह, रतन देवासी सहित जनप्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। ट्रेन के स्टेशन पहुंचते ही ग्रामीणों ने ढोल-नगाड़ों और पुष्प वर्षा के साथ स्वागत किया। सांसद व अतिथियों ने लोको पायलट का साफा और माला पहनाकर सम्मान किया।

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इस मौके पर श्री आशापुरी माताजी संघर्ष समिति मोदरान के अध्यक्ष रतनसिंह, उपाध्यक्ष जगमालसिंह राजपुरोहित, पैसेंजर यात्री गाड़ी संघर्ष समिति के अध्यक्ष हीराचंद भंडारी, सुंधा संघर्ष समिति के उपाध्यक्ष जालमसिंह सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पहले ही दिन सैकड़ों यात्रियों ने आशापुरी एक्सप्रेस में सफर कर नई सुविधा का लाभ उठाया।