जालोर भैरूनाथ अखाड़ा के महंत गंगानाथ महाराज ने स्वगणना की शुरूआत की, डिजिटल सुविधा के माध्यम से भरा अपना विवरण

जालोर भैरूनाथ अखाड़ा के महंत गंगानाथ महाराज ने स्वगणना की शुरूआत की, डिजिटल सुविधा के माध्यम से भरा अपना विवरण

जालोर. जिले में भैरूनाथ अखाड़ा के महंत गंगानाथ महाराज व ईश्वरनाथ ने शुक्रवार को डिजिटल सुविधा के माध्यम से अपना विवरण भरकर जालोर जिले में स्व गणना की शुरुआत की। 

इस अवसर पर जनगणना कार्य निदेशालय जयपुर के उप निदेशक संतोष कुमार, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग जालोर के उप निदेशक किशनसिंह, सांख्यिकी निरीक्षक दिनेश सिंह व नगर परिषद जालोर के सहायक नगर नियोजक बलवीर, रवि सोलंकी, सुरेश सुन्देशा, उपस्थित रहे।

जिला कलक्टर ने जनगणना के लिए सहयोग की अपील की

 जिला कलक्टर डॉ. प्रदीप के. गवांडे ने भारत सरकार के निर्देशानुसार जिले में जनगणना के लिए 1 मई से 15 मई, 2026 तक स्व-गणना पोर्टल पर जाकर अपनी और परिवार की सटीक जानकारी दर्ज करने की अपील की है।

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जिला कलक्टर ने स्व-गणना प्रपत्र भरने के बाद जिलेवासियों से इस महाभियान में बढ़-चढ़कर अपना योगदान देने की अपील की। उन्होंने बताया कि जनगणना-2027 का प्रथम चरण मकान सूचीकरण एवं आवास गणना से संबंधित है, जिसके अंतर्गत स्व-गणना की सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसके पश्चात् 16 मई से 14 जून 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर गणना कार्य करेंगे। स्व-गणना प्रक्रिया पूर्ण करने में लगभग 5-10 मिनट का समय लगता है तथा सफल सबमिशन के बाद नागरिकों को एक विशिष्ट एसई आईडी प्राप्त होती है, जिसे प्रगणक को दिखाना होगा।

उन्होंने कहा कि आगामी 16 मई से प्रगणक घर-घर आकर आंकड़े जुटाएंगे, लेकिन उससे पहले आमजन स्व-गणना पोर्टल के जरिए खुद अपना प्रपत्र भर सकते हैं।

         उन्होंने कहा कि नागरिकों द्वारा दी गई सही जानकारी ही भारत की भावी विकास नीतियों को बनाने और उनके सटीक क्रियान्वयन का आधार बनेगी। उन्होंने जिलेवासियों से विशेष आग्रह किया कि वे वेबसाइट पर जाकर अपना विवरण अर्ज करने के साथ ही आस-पड़ोस के लोगों का भी मार्गदर्शन करें।

ऐसे दर्ज करें स्व-गणना सुविधा से अपना विवरण

स्व-गणना एक ऐसी डिजिटल सुविधा है, जिसके तहत नागरिक प्रगणक के घर आने से पहले ही इंटरनेट के माध्यम से अपनी जानकारी सरकार तक पहुंचा सकते हैं। इसके लिए जनगणना की आधिकारिक वेबसाइट https://se.census.gov.in पर जाना होगा। वहां अपने मोबाइल नंबर के जरिए लॉग-इन कर एक आसान सा प्रपत्र (फॉर्म) भरना होगा। यह सुविधा समय की बचत करने के साथ-साथ आंकड़ों की सटीकता को भी बढ़ाती है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि 16 मई को प्रगणकों का डोर-टू-डोर अभियान शुरू होने से पहले ज्यादा से ज्यादा लोग इस ऑनलाइन सुविधा का लाभ उठाएं।

अधिकारियों व कार्मिकों कों दिया स्व गणना करने का दिया संदेश

जिला कलक्टर ने जिले के समस्त अधिकारियों व कर्मचारियों से स्व गणना पोर्टल के माध्यम से स्वयं गणना करते हुए आमजन को भी उत्साह के साथ जनगणना 2027 में अपनी सक्रिय भागीदारी निभाने का संदेश दिया।  

जनगणना- 2027 के स्वगणना चरण हेतु आमजन निर्धारित 9 स्टेप पूर्ण करें

स्वगणना चरण के दौरान उपयोगकर्ता हेतु मार्गदर्शिका तैयार की गई है। जनगणना के स्वगणना चरण के दौरान आमजन निर्धारित 9 स्टेप पूरे कर स्वगणना पूर्ण कर सकते हैं। 

स्टेप 1 प्रवेश और प्रारंभिक लॉगिन पोर्टल:

 स्वगणना चरण के दौरान पोर्टल पर पहुंचने के लिए https://se.census.gov.in पर जाकर राजस्थान राज्य चयन व कैप्चा दर्ज करें।

स्टेप 2 परिवार का पंजीकरण:

दूसरे स्टेप में परिवार मुखिया का नाम व एक मोबाइल नंबर दर्ज करें (बाद में परिवर्तन संभव नहीं)।

स्टेप 3 भाषा चयन एवं ओटीपी सत्यापन

 इसके बाद अपनी पसंदीदा भाषा सावधानीपूर्वक चुनें। अपने पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त एक-बार उपयोग होने वाला पासवर्ड (ओटीपी) दर्ज कर सत्यापन करें और आगे बढ़े। 

स्टेप 4 स्थान का संबंधी विवरण प्रदान करें

अपना जिला- जालोर चुनें और अपना पिन कोड (वैकल्पिक) दर्ज करें। इसके पश्चात अपने गाँव, नगर, स्थानीय क्षेत्र तथा निकटवती पहचान-चिहन (लैंडमार्क) का नाम दर्ज करें। इसके बाद खोज पर क्लिक करें। 

स्टेप 5 मानचित्र पर अपने निवास स्थान को चिन्हित करें: स्क्रीन पर एक लाल संकेतक (मार्कर) के साथ मानचित्र प्रदर्शित होगा। इस संकेतक को खींचकर अपने निवास स्थान के सटीक स्थान पर रखें ताकि आवासीय भवन का सही स्थान चिन्हित किया जा सके। इसके बाद “सहेजें और आगे बढ़े” पर क्लिक करें।

स्टेप 6 प्रश्नावली को पूर्ण करे मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना से संबंधित प्रश्नावली को भरें। मकान, परिवार एवं सुविधाओं से संबंधित सभी जानकारी दर्ज करें। भवन संख्या, जनगणना मकान संख्या, जनगणना मकान का उपयोग तथा परिवार क्रमांक जैसी कुछ जानकारी प्रगणक द्वारा क्षेत्रीय भ्रमण के दौरान अलग से दर्ज की जाएगी।

स्टेप 7 दर्ज किए गए डेटा का पूर्वावलोकन एवं समीक्षा

पूर्वावलोकन स्क्रीन के माध्यम से सभी दर्ज की गई जानकारी को अनुभाग- वार जांच कर डेटा में संशोधन किया जा सकता है।

स्टेप 8 अंतिम प्रस्तुतीकरण डेटा लॉक करना

जब आप संतुष्ट हो, तब “पुष्टि करें और सबमिट करें” पर क्लिक करें। इसके बाद किसी भी प्रकार का संशोधन संभव नहीं होगा, सिवाय इसके कि प्रगणक द्वारा आपके क्षेत्र के भ्रमण के दौरान आवश्यक परिवर्तन किए जाएं।

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सफल प्रस्तुतीकरण के पश्चात् ‘एच’ से प्रारंभ होने वाली 11 अंकों की एक विशिष्ट एसई आईडी उत्पन्न होगी और प्रदर्शित की जाएगी। यह एसई आईडी एसएमएस तथा ई-मेल (यदि प्रदान किया गया हो) के माध्यम से भी भेजी जाएगी। इसे स्क्रीनशॉट लेकर सुरक्षित रखना तथा लिखकर नोट कर लेना अनुशंसित है। एसई आईडी को पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से पोर्टल से बाद में भी प्राप्त करने की सुविधा उपलब्ध है। 

स्टेप 9 क्षेत्रीय सत्यापन प्रगणक द्वारा घर का भ्रमण: द्वितीय चरण में मकानसूचीकरण के दौरान 16 मई से 14 जून के मध्य जब जनगणना प्रगणक आपके घर आए, तो उन्हें अपनी एसई आईडी प्रदान करें, जिससे प्रक्रिया सत्यापित होगी। 

यदि एसई आईडी प्रगणक के मोबाइल एप्प में उपलब्ध किसी भी एसई आईडी से मेल खाती है, तो आपका स्व-गणना डेटा सत्यापित, स्वीकार एवं प्रस्तुत कर दिया जाएगा। यदि एसई आईडी का मिलान नहीं होता है, तो प्रगणक आपके परिवार की जानकारी पुनः एकत्र करेगा। 

जिला कलक्टर ने कहा कि जनगणना-2027 पूर्णतः डिजिटल प्रक्रिया है, जिससे सटीक जानकारी के साथ तेज डेटा प्रसंस्करण और समय की बचत होगी। यह विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे सही एवं पूर्ण जानकारी दर्ज करें तथा इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में सक्रिय सहयोग प्रदान करें।