जालोर एमसीएच में नवजात शिशु का सफल उपचार, मुख्यमंत्री आयुष्मान आयोग्य योजना बनी जीवनदायिनी

Devendraraj Suthar
Devendraraj Suthar Verified Local Voice • 25 Aug, 2026 Editor
May 2, 2026 • 4:49 PM  0
स्वास्थ्य
NEWS CARD
Logo
जालोर एमसीएच में नवजात शिशु का सफल उपचार, मुख्यमंत्री आयुष्मान आयोग्य योजना बनी जीवनदायिनी
“जालोर एमसीएच में नवजात शिशु का सफल उपचार, मुख्यमंत्री आयुष्मान आयोग्य योजना बनी जीवनदायिनी”
Favicon
Read more on ddthindi.com
2 May 2026
https://www.ddthindi.com/newborn-treated-successfully-in-jalore-mch-ayushman-yojana-life-saving
Copied
जालोर एमसीएच में नवजात शिशु का सफल उपचार, मुख्यमंत्री आयुष्मान आयोग्य योजना बनी जीवनदायिनी

जालोर. मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र जालोर की एसएनसीयू यूनिट में भीनमाल के एक निजी अस्पताल से गंभीर अवस्था में रेफर होकर आए नवजात शिशु का सफलतापूर्वक उपचार कर उसे नया जीवन प्रदान किया गया। एमसीएच के प्रभारी डॉ. नैनमल परमार ने बताया कि जन्म के समय शिशु का वजन मात्र 1.07 किलोग्राम था तथा वह 30 सप्ताह से पूर्व (प्रीमैच्योर) जन्मा था। भर्ती के समय शिशु नवजात सेप्सिस (गंभीर संक्रमण) से ग्रसित था, जिसके कारण उसे विशेष निगरानी एवं क्रिटिकल केयर की आवश्यकता थी।

विज्ञापन

डॉ. परमार ने बताया कि इतनी गंभीर स्थिति में मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना शिशु के लिए जीवनदायिनी साबित हुई। योजना के अंतर्गत क्रिटिकल केयर नियोनेटल पैकेज में शिशु का सम्पूर्ण उपचार निःशुल्क किया गया, जिससे परिजनों पर किसी भी प्रकार का आर्थिक भार नहीं पड़ा। यह योजना विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए बड़ी राहत सिद्ध हो रही है। चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शकों के समर्पित प्रयासों तथा आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के प्रभावी उपयोग से शिशु की स्थिति में निरंतर सुधार हुआ। लगभग 42 दिनों तक चले गहन उपचार के बाद शिशु पूर्णतः स्वस्थ हो गया। डिस्चार्ज के समय उसका वजन बढ़कर 1.480 किलोग्राम हो गया, जो उसके स्वास्थ्य में आए सकारात्मक परिवर्तन को दर्शाता है। शिशु को 15 अप्रैल 2026 को सफलतापूर्वक डिस्चार्ज किया गया। इस उपचार पर लगभग ₹3,60,360 की राशि का क्लेम मुख्यमंत्री आयुष्मान योजना के अंतर्गत स्वीकृत किया गया है, जो योजना के तहत अस्पताल को प्राप्त होगी। इस प्रकार राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना ने न केवल नवजात को जीवनदान दिया, बल्कि उसके परिवार को भी आर्थिक चिंता से मुक्त किया। नवजात के उपचार में एसएनसीयू प्रभारी डॉ. मुकेश चौधरी, डॉ. बाबूलाल चौधरी, एसएनसीयू नर्सिंग प्रभारी मनोहर लाल सहित स्टाफ सदस्य महेंद्र, नितिन, प्रवीण, दिव्या एवं स्वास्थ्य मार्गदर्शक आमिर खान शेख की महत्वपूर्ण भूमिका रही। सभी के समन्वित एवं समर्पित प्रयासों से यह जटिल उपचार सफलतापूर्वक संपन्न हो सका।

Devendraraj Suthar Verified Local Voice • 25 Aug, 2026 Editor

स्वतंत्र लेखक

Digital Archives

Recommended Posts

home Home amp_stories Web Stories local_fire_department Trending play_circle Videos mark_email_unread Newsletter