बागरा : जलंधरनाथ महादेव मंदिर प्राण-प्रतिष्ठा महोत्सव का साधु-संतों के सानिध्य में भव्य जलयात्रा के साथ शुभारंभ
- हाथी, घोड़े, ऊंट और शिव तांडव बना आकर्षण का केंद्र, जयकारों से गूंजा बागरा कस्बा
बागरा। कस्बे में नवनिर्मित जलंधरनाथ महादेव मंदिर की पांच दिवसीय प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का शनिवार सुबह धार्मिक आस्था, वैदिक परंपराओं और उत्साहपूर्ण माहौल के बीच भव्य जलयात्रा के साथ शुभारंभ हुआ। साधु-संतों के सानिध्य में निकली इस विशाल जलयात्रा ने पूरे कस्बे को शिवमय बना दिया। हजारों श्रद्धालु जलंधरनाथ महादेव के जयकारों के साथ शोभायात्रा में शामिल हुए और पूरे मार्ग पर भक्तिभाव का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।

प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव के पहले दिन सुबह शुभ मुहूर्त में धार्मिक विधि-विधान के साथ जलयात्रा का आयोजन किया गया। जलयात्रा में महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लिया, वहीं श्रद्धालु ढोल-नगाड़ों, बैंड-बाजों और डीजे की भक्तिमय धुनों पर नाचते-गाते आगे बढ़ते रहे। शोभायात्रा के दौरान “हर-हर महादेव” और “जलंधरनाथ महादेव की जय” के उद्घोष लगातार वातावरण को भक्तिमय बनाए हुए थे।

जलयात्रा का मुख्य आकर्षण हाथी, घोड़े और ऊंटों की सुसज्जित झांकियां रहीं, जिन्होंने श्रद्धालुओं का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसके साथ ही शिव तांडव नृत्य की प्रस्तुति ने धार्मिक आयोजन को सांस्कृतिक भव्यता प्रदान की। कलाकारों द्वारा भगवान शिव के विभिन्न स्वरूपों का जीवंत प्रदर्शन किया गया, जिसे देखने के लिए मार्ग के दोनों ओर बड़ी संख्या में लोग एकत्रित रहे।

जलयात्रा कस्बे के प्रमुख मार्गों से होते हुए मंदिर परिसर पहुंची, जहां वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के बीच विधिवत रूप से इसका विसर्जन किया गया। यात्रा मार्ग पर जगह-जगह श्रद्धालुओं और सामाजिक संगठनों की ओर से पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। साथ ही गर्मी को देखते हुए शीतल पेय, पानी और प्रसाद वितरण की व्यवस्था भी की गई।

पूरे आयोजन में कस्बे सहित आसपास के गांवों से हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं की मौजूदगी रही। महिलाओं, युवाओं और बच्चों में भी विशेष उत्साह नजर आया। कई स्थानों पर श्रद्धालुओं ने यात्रा के स्वागत में रंगोली सजाई और धार्मिक ध्वज लगाकर माहौल को उत्सवमय बनाया।

मंदिर प्राण प्रतिष्ठा को लेकर अब आगामी दिनों में धार्मिक कार्यक्रमों का सिलसिला जारी रहेगा। आयोजन समिति के अनुसार पांच दिवसीय कार्यक्रम के तहत प्रतिदिन वैदिक अनुष्ठान, यज्ञ, पूजन, कथा एवं अन्य धार्मिक आयोजन होंगे। मंदिर परिसर में सुबह से शाम तक धार्मिक गतिविधियों का संचालन किया जाएगा।

आयोजन को और अधिक आकर्षक बनाने के लिए प्रत्येक रात्रि में धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन भी रखा गया है। इसमें ख्यातिलब्ध कलाकारों और प्रसिद्ध भजन गायकों द्वारा भक्तिमय प्रस्तुतियां दी जाएंगी। आयोजकों का कहना है कि इन कार्यक्रमों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धार्मिक एवं सांस्कृतिक परंपराओं से जोड़ने का प्रयास किया जाएगा।

मंदिर प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव का मुख्य आयोजन 17 जून को होगा, जब विधिवत मंत्रोच्चार और वैदिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान जलंधरनाथ महादेव की मूर्ति स्थापना एवं प्राण प्रतिष्ठा संपन्न होगी। इसे लेकर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह बना हुआ है और आयोजन समिति तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी हुई है।

कस्बे में इस धार्मिक आयोजन को लेकर उत्सव जैसा माहौल बना हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि लंबे समय से मंदिर निर्माण और प्राण प्रतिष्ठा का इंतजार किया जा रहा था और अब यह आयोजन पूरे क्षेत्र के लिए आस्था और गौरव का विषय बन गया है। पांच दिनों तक चलने वाला यह महोत्सव बागरा को शिवभक्ति और धार्मिक ऊर्जा से सराबोर करेगा।