मोदरा डबल मर्डर केस : राजस्थान हाईकोर्ट ने हत्या मामले में फांसी की सजा को आजीवन कारावास में बदला
जालोर. राजस्थान हाईकोर्ट, जोधपुर की खंडपीठ ने जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र के बहुचर्चित हत्या प्रकरण में महत्वपूर्ण निर्णय सुनाते हुए ट्रायल कोर्ट द्वारा दो आरोपियों को दी गई मृत्युदंड (फांसी) की सजा को संशोधित कर आजीवन कारावास में परिवर्तित कर दिया। साथ ही, ट्रायल कोर्ट द्वारा भेजा गया मर्डर रेफरेंस (डेथ रेफरेंस) खारिज कर दिया गया, जबकि दोषसिद्धि (Conviction) को बरकरार रखा गया।
न्यायमूर्ति विनीत कुमार माथुर एवं न्यायमूर्ति चन्द्रशेखर शर्मा की खंडपीठ ने यह फैसला डी.बी. मर्डर रेफरेंस संख्या 3/2025 तथा उससे संबंधित डी.बी. क्रिमिनल अपील संख्या 40/2026 में सुनाया। मामले में आरोपियों पहाड़ सिंह एवं डूंगर सिंह को ट्रायल कोर्ट ने हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए फांसी की सजा सुनाई थी।

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हाईकोर्ट ने विस्तृत सुनवाई एवं साक्ष्यों के पुनर्मूल्यांकन के बाद माना कि अभियोजन द्वारा अपराध सिद्ध किया गया है, इसलिए दोषसिद्धि बरकरार रहेगी। हालांकि, न्यायालय ने यह भी माना कि यह मामला ‘रेयरेस्ट ऑफ रेयर’ की श्रेणी में नहीं आता, इसलिए मृत्युदंड को आजीवन कारावास में परिवर्तित किया जाना उचित होगा।
इस प्रकार न्यायालय ने अभियुक्तों की अपील को सजा में संशोधन तक आंशिक रूप से स्वीकार करते हुए मृत्युदंड समाप्त कर आजीवन कारावास का आदेश दिया तथा ट्रायल कोर्ट द्वारा भेजे गए डेथ रेफरेंस को अस्वीकार कर दिया। मामले में अभियुक्तों की ओर से अधिवक्ता प्रकाश चौधरी (प्रो बोनो) ने पैरवी की।
भाभी व पड़ोसी की हत्या पर भीनमाल कोर्ट ने सुनाई थी फांसी
जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र के मोदरा गांव में 3 मार्च 2023 को भाभी व एक अन्य व्यक्ति की हत्या करने के आरोप में दो भाइयों को एडीजे कोर्ट भीनमाल ने 10 दिसम्बर 2025 को फांसी की सजा सुनाई थी।
पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता पृथ्वीसिंह चौहान ने बताया कि 3 मार्च 2023 को मोदरा पुलिस चौकी क्षेत्र के रहने वाले डूंगरसिंह पुत्र परबतसिंह, पहाड़सिंह पुत्र परबतसिंह गांव में खेती करते थे, दोनों की शादी नहीं हुई थी। इनकी बहिन की शादी भाभी के पीहर में हुई थी, अब खुद की शादी के लिए भाई की लड़की को आटा-साटा में देने की जिद्द करने लगे। बड़ा भाई रतन सिंह देशावर में व्यवसाय कर रहा था। रतन सिंह की पत्नी इंद्रा कंवर ने खुद की बेटी आटा-साटा में देने से मना कर दिया।
इस पर भाभी इंद्रा तथा देवर डूंगरसिंह व पहाड़सिंह के बीच बहस हो गई। झगड़ा करने के दौरान इंदिरा कंवर पर दोनों भाइयों पहाड़ सिंह व डूंगरसिंह ने मिलकर कुल्हाड़ी से वार किया, जिससे उसकी मौका स्थल पर मौत हो गई। बच्चों को भी मारने करने का प्रयास किया, इस दौरान पड़ोसी हरिसिंह बीच -बचाव करने आए, उन पर भी आरोपियों ने कुल्हाड़ी से वार किया. जिससे उसकी भी मौत हो गई।हो हल्ला सुनकर नजदीक में मौजूद पुलिस चौकी से सहायक पुलिस निरीक्षक सुरेंद्रसिंह राव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को बचाया और दोनों आरोपियों को पकड़ा था।