मांगे नहीं मानी को पँचायत राज मंत्रालयिक कर्मचारी वीबी जी रामजी योजना का करेंगे बहिष्कार

मांगे नहीं मानी को पँचायत राज मंत्रालयिक कर्मचारी वीबी जी रामजी योजना का करेंगे बहिष्कार
  • स्वाभिमान बचाओ आन्दोलन" के द्वितीय चरण में मुख्यमंत्री के नाम जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा

जालोर . पंचायती राज मंत्रालयिक कर्मचारियों की विभिन्न मांगों के लिए सरकार को समुचित माध्यमों यथा सरकार के मंत्रीगण, विधायकगण, जनप्रतिनिधिगणों एवं संगठन के माध्यम से ध्यान आकृष्ट करवाया गया तथा संगठन की ओर से लगातार अनुनय विनय करने के बावजूद न्यायोचित एवं जायज मांगों पर विचार नहीं करने तथा मंत्रालयिक कर्मचारियों के हितों पर कुठाराघात जैसी स्थिति पैदा करने पर प्रदेश संगठन के आव्हान पर समूचे प्रदेश के 16000 लिपिक आंदोलन की राह पर है।

आन्दोलन के प्रथम चरण के तहत प्रदेश के समस्त उपखण्ड अधिकारियों एवं विकास अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा गया। इसी की निरन्तरता में सोमवार 8 जून 2026 को सरकार का ध्यान आकृष्ट करने की दिशा में जिला कलक्टर, जालोर एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद, जालोर को ज्ञापन सौंपा गया।

सरकार द्वारा बजट घोषणा के तहत समस्त विभागों के कैडर रिव्यू के निर्देश कार्मिक विभाग द्वारा प्रसारित किये गये, जिसकी अनुपालना समस्त विभागों में कर दी गई यद्यपि पंचायती राज मुख्यालय एवं प्रशिक्षण केन्द्रों आदि में भी कैडर रिव्यू कर दिया गया किन्तु जिला परिषदों, पंचायत समितियों एवं ग्राम पंचायतों में कार्यरत कार्मिकों का कैडर रिव्यू नहीं किये जाने के कार्मिक पदोन्नतियों से वंचित है। इसके अतिरिक्त स्थानान्तण नीति, उत्तराखण्ड पैटर्न लागू करना, नोशनल परिलाभ जैसी मांगें भी लम्बे समय से लम्बित है।

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यदि सरकार समय रहते जायज एवं न्यायोचित मांगों पर विचार कर सकारात्मक कदम नहीं उठाती है तो आन्दोलन को ओर अधिक उग्र रूप दिया जाएगा तथा 24 एवं 25 जुलाई से जिला एवं ब्लॉक कार्यकारिणी के पदाधिकारी जयपुर कूच करेंगे। 01 जुलाई से वीबी जीरामजी योजना का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बावजूद भी सरकार अपनी हठधर्मिता से बाज नहीं आई तो 06 जुलाई को मुख्यमंत्री का घेराव का कार्यक्रम प्रस्तावित है। प्रदेश संगठन के द्वारा सरकार दिनांक 07 जुलाई को महाजल समाधि की चेतावनी भी रखी है।

ज्ञापन के वक्त समस्त ब्लॉक अध्यक्ष, जिला कार्यकारणी एवं ब्लॉक कार्यकारणी के सदस्य मौजूद रहे। इनके अतिरिक्त छगनलाल मीणा, शांतिलाल माली, उगमसिंह बालावत, चम्पालाल प्रजापत, भगतसिंह, अशोक वैष्णव, मदन गर्ग समेत कई मंत्रालयिक कर्मचारी मौजूद रहे।